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Ghaziabad News: होनी के बाद अनहोनी का इंतजार ...
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साहिबाबाद। लाजपत नगर सामुदायिक भवन में विस्फोटक से हुए धमाके के तीन दिन बाद भी खतरा टला नहीं है। धमाके में क्षतिग्रस्त भवन का एक हॉल कभी भी भरभराकर गिर सकता है। हॉल की दो तरफ की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और छत का एक हिस्सा आगे की ओर झुक गया है। रिहायशी इलाके के बीच बने भवन के बाहर से लोगों की आवाजाही लगातार जारी है। ऐसे में अगर प्रशासन ने जल्द ही जर्जर हिस्से को नहीं गिराया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
पुलिस ने एहतियात के तौर पर भवन के आसपास बांस-बल्लियां लगाकर बैरिकेडिंग कर दी। पहले दिन सोमवार को रात तक पांच पुलिसकर्मी भी मौके पर तैनात रहे, लेकिन उसके बाद से पुलिसकर्मी और निगमकर्मी नदारद है। बैरिकेडिंग के बावजूद लोग बांस-बल्लियां फांदकर निकल रहे हैं। इतना ही नहीं बच्चे भी वहां खेलते दिखाई दिए। स्थानीय निवासी बिम्पी जैन ने बताया कि ये इमारत कभी भी गिर सकती है, इससे आसपास के लोगों को सदमे में हैं। वहीं, निवासी संदीप कुमार ने बताया कि नगर निगम और पुलिस केवल अगले हादसे का कार्यालय में बैठकर इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार रात को भूकंप आया तो डर था कि कही इमारत ना गिर जाए, लेकिन गनीमत रही कि ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन को इस पर संज्ञान लेकर इसको तुड़वाना चाहिए, जिससे आगे कोई ओर हादसा ना हो सके।
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ताला लगाकर अंदर जाने पर लगाई रोक
हादसे के बाद पुलिस ने दोनों गेटों पर ताला डालकर अंदर जाने पर रोक लगा दी है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि असली खतरा अंदर से ज्यादा बाहर है। गली की तरफ झुकी दीवार कभी भी गिर सकती है और वहां से गुजरने वाले राहगीर इसकी चपेट में आ सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद प्रशासनिक अमला एक दिन मौके पर रहा, लेकिन इसके बाद स्थिति जस की तस है।
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-हादसे के बाद से पुलिसकर्मी मौके पर तैनात हैं, अगर घटनास्थल पर कोई कर्मी नहीं है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-- अमित सक्सेना, एसीपी साहिबाबाद।
-जांच के बाद ही मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा, फिलहाल सुरक्षा के लिए बेरिकेडिंग कर दी गई है।-- विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त
पुलिस ने एहतियात के तौर पर भवन के आसपास बांस-बल्लियां लगाकर बैरिकेडिंग कर दी। पहले दिन सोमवार को रात तक पांच पुलिसकर्मी भी मौके पर तैनात रहे, लेकिन उसके बाद से पुलिसकर्मी और निगमकर्मी नदारद है। बैरिकेडिंग के बावजूद लोग बांस-बल्लियां फांदकर निकल रहे हैं। इतना ही नहीं बच्चे भी वहां खेलते दिखाई दिए। स्थानीय निवासी बिम्पी जैन ने बताया कि ये इमारत कभी भी गिर सकती है, इससे आसपास के लोगों को सदमे में हैं। वहीं, निवासी संदीप कुमार ने बताया कि नगर निगम और पुलिस केवल अगले हादसे का कार्यालय में बैठकर इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार रात को भूकंप आया तो डर था कि कही इमारत ना गिर जाए, लेकिन गनीमत रही कि ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन को इस पर संज्ञान लेकर इसको तुड़वाना चाहिए, जिससे आगे कोई ओर हादसा ना हो सके।
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ताला लगाकर अंदर जाने पर लगाई रोक
हादसे के बाद पुलिस ने दोनों गेटों पर ताला डालकर अंदर जाने पर रोक लगा दी है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि असली खतरा अंदर से ज्यादा बाहर है। गली की तरफ झुकी दीवार कभी भी गिर सकती है और वहां से गुजरने वाले राहगीर इसकी चपेट में आ सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद प्रशासनिक अमला एक दिन मौके पर रहा, लेकिन इसके बाद स्थिति जस की तस है।
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-हादसे के बाद से पुलिसकर्मी मौके पर तैनात हैं, अगर घटनास्थल पर कोई कर्मी नहीं है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जांच के बाद ही मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा, फिलहाल सुरक्षा के लिए बेरिकेडिंग कर दी गई है।