यूपी चुनावः वीरेंद्र यादव सपा से प्रत्याशी घोषित, बदले साहिबाबाद के समीकरण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गठबंधन की संभावना के बीच समाजवादी पार्टी द्वारा साहिबाबाद सीट पर प्रत्याशी घोषित होने के बाद समीकरण एक बार फिर बदलते दिखाई दे रहे हैं। गठबंधन के प्रत्याशी को फायदे की उम्मीद थी मगर अब चुनाव कांग्रेस और सपा दोनों के लिए मुश्किल होता दिख रहा है।
लखनऊ में साहिबाबाद से वीरेंद्र यादव को सपा से टिकट मिलने की घोषणा के बाद उनके समर्थकों ने साहिबाबाद में मिठाई बांटी। वीरेंद्र ने दावा किया कि शनिवार तक सभी समर्थकों से चर्चा कर नॉमिनेशन की डेट फाइनल कर देंगे।
उधर, विधायक और कांग्रेस से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे विधायक अमरपाल शर्मा ने वीरेंद्र को टिकट मिलने की खबर को गलत बताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन अभी फाइनल होना बाकी है। उन्हें ही साहिबाबाद से सीट मिलेगी।
अमरपाल भले ही गठबंधन का दावा कर रहे हों मगर दोनों पार्टियों के अलग चुनाव लड़ने की स्थिति में दोनों को ही नुकसान उठाना पड़ेगा। कांग्रेस और सपा के कमजोर होने की स्थिति में मुस्लिम वोटर बसपा के जलालुद्दीन की ओर खिसक सकता है।
अमरपाल खोड़ा में विकास के दम पर जीत का दावा कर रहे हैं
हालांकि वीरेंद्र को पूर्वांचल से होने का लाभ मिलेगा। उधर, अमरपाल खोड़ा में विकास के दम पर जीत का दावा कर रहे हैं। गठबंधन नहीं होने की चर्चाओं के बीच शुक्रवार को विधायक अमरपाल शर्मा के समर्थक दिनभर संशय की स्थिति में रहे।
लोगों का कहना था कि गठबंधन नहीं होने पर निश्चित तौर पर अमरपाल शर्मा को वोट बैंक का कुछ हिस्सा खोना पड़ेगा। जिसका लाभ भाजपा को मिल सकता है। लोनी में भी राशिद मलिक को सपा से टिकट मिलने के बाद समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं।
अभी तक मुस्लिम वोटरों के दम पर जीत का दावा ठोक रहे बसपा विधायक जाकिर अली का कुछ वोट बैंक सपा के खाते में जा सकता है। हालांकि राशिद मलिक को बाहरी प्रत्याशी होने का कुछ नुकसान भी उठाना पड़ेगा। लोनी से कांग्रेस का टिकट फाइनल होने के बाद ही पूरे समीकरण सामने आ सकेंगे।