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Ghaziabad News: मंजर को भूल नहीं पा रहे पीड़ित, रिश्तेदारों के घर ली शरण
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इंदिरापुरम। नीतिखंड दो के प्रगति लेन 15 स्थित बैकुंठम अपार्टमेंट में पांच मई को हुए आग हादसे के बाद पीड़ित परिवार सदमे से उबर नहीं पाया है। हालांकि आरडब्ल्यूए ने आगे आकर पीड़ित परिवार के रहने और खाने की व्यवस्था की है। जबकि बुजुर्ग दंपती अपनी बेटी और दामाद के साथ उनके घर चले गए हैं। परिवार के लोगों ने अन्य रिश्तेदारों के घर जाकर शरण ली है।
आग हादसे के बाद 40 मिनट तक फंसे रहने के बाद बड़ी मुश्किल से उनको रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। वहीं, आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने मंगलवार देर रात सोसायटी के लोगों संग बैठक की। इस दौरान कई सुझाव भी रखे गए और अग्निशमन व अन्य सुरक्षा उपकरणों की खरीद पर सहमति जताई। आरडब्ल्यूए फंड से अग्निशमन उपकरण, बड़ी सीढ़ी, हथौड़े, इलेक्ट्रिक कटर व हादसे के समय इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जल्द खरीदे जाएंगे। वहीं, सोसायटी के सभी लोगों को अपने-अपने घरों में आपातकालीन निकासी मार्ग बनवाने को भी कहा गया है। इसके साथ ही घरों में डिजिटल डोर लॉक न लगवाने का भी सुझाव दिया गया है।
मंगलवार दोपहर करीब 1ः30 बजे अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर सिलिंडर फटने से आग लगी थी। इमारत की तीसरी मंजिल पर रहने वाले 75 वर्षीय जय प्रकाश गुप्ता, उनकी पत्नी प्रभा गुप्ता समेत नौ लोग करीब 40 मिनट तक फंसे रहे।
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हादसे से बचे परिवार ने बताया कि जब भी वह अब घर की तरफ देख रहे हैं, वह मंजर आंखों के सामने आ जाता है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष मनीष ने बताया कि बुजुर्ग दंपती अपनी बेटी-दामाद के घर चले गए और परिवार के बाकी सदस्यों की मदद के लिए कॉलोनी के लोग आगे आए। उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी हुई।
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आग हादसे के बाद 40 मिनट तक फंसे रहने के बाद बड़ी मुश्किल से उनको रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। वहीं, आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने मंगलवार देर रात सोसायटी के लोगों संग बैठक की। इस दौरान कई सुझाव भी रखे गए और अग्निशमन व अन्य सुरक्षा उपकरणों की खरीद पर सहमति जताई। आरडब्ल्यूए फंड से अग्निशमन उपकरण, बड़ी सीढ़ी, हथौड़े, इलेक्ट्रिक कटर व हादसे के समय इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जल्द खरीदे जाएंगे। वहीं, सोसायटी के सभी लोगों को अपने-अपने घरों में आपातकालीन निकासी मार्ग बनवाने को भी कहा गया है। इसके साथ ही घरों में डिजिटल डोर लॉक न लगवाने का भी सुझाव दिया गया है।
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मंगलवार दोपहर करीब 1ः30 बजे अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर सिलिंडर फटने से आग लगी थी। इमारत की तीसरी मंजिल पर रहने वाले 75 वर्षीय जय प्रकाश गुप्ता, उनकी पत्नी प्रभा गुप्ता समेत नौ लोग करीब 40 मिनट तक फंसे रहे।
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हादसे से बचे परिवार ने बताया कि जब भी वह अब घर की तरफ देख रहे हैं, वह मंजर आंखों के सामने आ जाता है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष मनीष ने बताया कि बुजुर्ग दंपती अपनी बेटी-दामाद के घर चले गए और परिवार के बाकी सदस्यों की मदद के लिए कॉलोनी के लोग आगे आए। उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी हुई।