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Ghaziabad News: 26 हजार वाहनों को एक अक्तूबर से नहीं मिलेगा ईंधन
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गाजियाबाद। जिले के 26 हजार वाहनों को एक अक्तूबर से डीजल-पेट्रोल और सीएनजी नहीं मिल सकेगा। अब पेट्रोलपंप कर्मियों को आपूर्ति विभाग की ओर से एप डाउनलोड कराया जा रहा है और वह वाहन का नंबर डालकर पीयूसीसी के बारे में जान सकेंगे। यदि पीयूसीसी न हुई तो ईंधन नहीं दिया जाएगा। जिले में निजी और व्यावसायिक श्रेणी के 10 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इसमें जनवरी माह तक पौने चार लाख वाहनों का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र नहीं था। सख्ती बढ़ने के बाद यह आंकड़ा अब 26 हजार रह गया है। इसमें छह हजार कार और 20 हजार दोपहिया वाहन हैं। हालांकि, डीजल के 10 और पेट्रोल, सीएनजी के 15 साल पुराने वाहन भी अभी जिले की सड़कों पर खुलेआम दौड़ रहे हैं। कुल मिलाकर तीन लाख से अधिक वाहन जिले की आबोहवा को बिगाड़ने में आगे हैं।
दरअसल, एनजीटी के आदेश का पालन कराने के लिए आपूर्ति विभाग ने पेट्रोलपंप कर्मियों को एप डाउनलोड़ कराना शुरू कर दिया है। इससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा सकेगी। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने मंगलवार को खुद पंपों पर जाकर प्रबंधकों और कर्मचारियों को एप डाउनलोड कराकर इसका ट्रायल भी देखा। उन्होंने बताया कि अगले दो दिन तक इसी तरह ट्रायल किया जाएगा। पंपकर्मियों को सख्त हिदायत है कि वे एक अक्तूबर के बाद किसी भी ऐसे वाहन में तेल, सीएनजी न भरें, जिसका पीयूसीसी नहीं है। इसका उल्लंघन होने पर पंप प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-बिना नंबर अपडेट के हो रही दिक्कत :
जिले में 250 से अधिक पीयूसीसी जांच केंद्र हैं। ऐसे वाहन स्वामी जिनकी आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, उनको पीयूसीसी कराने में दिक्कत है। पीयूसीसी कराने के दौरान ओटीपी अब उसी नंबर पर जा रहा है, जो आरसी में अपडेट है। ऐसे में जिनके नंबर अपडेट नहीं है या फिर उनका रजिस्टर्ड नंबर किसी दूसरे के पास चल रहा है, उनको पीयूसीसी जारी कराने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए आरटीओ में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए मारामारी देखने को मिल रही है।
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दरअसल, एनजीटी के आदेश का पालन कराने के लिए आपूर्ति विभाग ने पेट्रोलपंप कर्मियों को एप डाउनलोड़ कराना शुरू कर दिया है। इससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा सकेगी। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने मंगलवार को खुद पंपों पर जाकर प्रबंधकों और कर्मचारियों को एप डाउनलोड कराकर इसका ट्रायल भी देखा। उन्होंने बताया कि अगले दो दिन तक इसी तरह ट्रायल किया जाएगा। पंपकर्मियों को सख्त हिदायत है कि वे एक अक्तूबर के बाद किसी भी ऐसे वाहन में तेल, सीएनजी न भरें, जिसका पीयूसीसी नहीं है। इसका उल्लंघन होने पर पंप प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-बिना नंबर अपडेट के हो रही दिक्कत :
जिले में 250 से अधिक पीयूसीसी जांच केंद्र हैं। ऐसे वाहन स्वामी जिनकी आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, उनको पीयूसीसी कराने में दिक्कत है। पीयूसीसी कराने के दौरान ओटीपी अब उसी नंबर पर जा रहा है, जो आरसी में अपडेट है। ऐसे में जिनके नंबर अपडेट नहीं है या फिर उनका रजिस्टर्ड नंबर किसी दूसरे के पास चल रहा है, उनको पीयूसीसी जारी कराने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए आरटीओ में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए मारामारी देखने को मिल रही है।
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