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Ghaziabad News: नो पार्किंग जोन में खड़े किए जा रहे वाहन, हादसों से भी सबक नहीं

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2024 04:23 AM IST
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Vehicles being parked in no parking zone, no lessons learned from accidents
गाजियाबाद। पाबंदी के बावजूद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर नो पार्किंग जोन में वाहनों को खड़ा करने पर पुलिस लगाम नहीं लगा पा रही है। इसी वजह से हादसे भी बढ़ रहे हैं। रात की बात को दूर, दिन में भी हादसे हो रहे हैं। अधिकांश हादसे ऐसे स्थानों पर हुए हैं, जहां पर पुलिस की ड्यूटी भी रहती है। हालत यह हो गई है कि टोल के आसपास भारी वाहनों की लंबी कतार हर वक्त देखी जा सकती है। सबसे बुरा हाल दुहाई में इस्टर्न पेरिफेरल के पास बने टोल के आसपास रहता है।
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-पुलिस ने दर्ज कराया नो पार्किंग का मुकदमा :
रविवार को मेरठ से ई-रिक्शा लेकर दो कैंटर कानपुर और अमृतसर जा रहे थे। नाहल के पास दोनों के चालक कैंटरों को सड़क किनारे खड़ा करके उनमें हवा चेक कर रहे थे। तभी पीछे से आए कंटेनर ने उनको रौंद दिया। इस हादसे में सचिन व सुनील की मौत हो गई। मामले में उपनिरीक्षक भरत सिंह परिहार ने नो पार्किंग जोन की धाराओं में मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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-सामान नहीं, ढो रहे सवारी : दिल्ली-मेरठ हाईवे से लेकर एक्सप्रेसवे पर किसी भी समय देखा जा सकता है कि सामान ढ़ोने वाले वाहनों में सवारी बैठाकर ले जाया जा रहा है। हादसे होने के बावजूद सिस्टम पूरी तरह अनजान है। खास बात यह है कि वाहन स्वामी धार्मिक यात्रा का पोस्टर वाहन के ऊपर लगा लेते हैं, जिससे कार्रवाई से बचा जा सके। सोमवार को भी एनएच पर ऐसे कई वाहनों में लोगों को ले जाते हुए देखा गया।
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किया जा रहा कार्रवाई का दावा : एआरटीओ प्रवर्तन केडी कौर ने बताया कि माल ढोने वाले वाहनों में लोगों को लाने व ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। हाल ही में ऐसी बसों और वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई, जिनमें क्षमता से अधिक लोग बैठाए गए थे, या फिर उनमें अतिरिक्त सीटें लगाई गई थीं।
यह भी है हादसे की बड़ी वजह : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हवा हवाई रेस्टारेंट पर लगे एयरोप्लेन को देखने के चक्कर में भी कई लोगों की जान जा चुकी है। पिछले दिनों पुलिस अधिकारियों ने एनएचएआई के साथ बैठकर वहां पर अस्थायी ऊंची दीवार बनाने की योजना बनाई थी, जिसको एक साल से ज्यादा का समय बीत गया, लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी।

नो पार्किंग जोन में खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसकी निगरानी के लिए अलग से यातायात पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हवा हवाई रेस्टाेरेंट के सामने दीवार बनाने के प्रकरण में भी बात की जाएगी।
-पीयूष सिंह, एडीसीपी यातायात।
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