Varanasi Serial Bomb Blast: उस दिन चीथड़ों और खून से सन गई थी काशी, 16 साल बाद वलीउल्लाह दोषी करार
अदालत ने डासना जेल में बंद वलीउल्लाह को हत्या, हत्या का प्रयास, कानून के खिलाफ कार्य करने, विस्फोटक पदार्थ का प्रयोग करने, दहशत फैलाने के मामले में दोषी माना है। कैंट रेलवे स्टेशन पर हुए बम धमाके मामले में साक्ष्य न मिलने से वलीउल्लाह को अदालत ने बरी कर दिया।
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वाराणसी में 16 साल पहले हुए सीरियल बम विस्फोट मामले में जनपद न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा की अदालत ने वलीउल्लाह को दोषी माना है। सजा पर फैसला सोमवार (छह जून) को होगा। बम धमाके का मास्टरमाइंड आतंकी मोहम्मद जुबैर कश्मीर में हुई मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि बांग्लादेश के रहने वाले तीन आतंकी जकारिया, मुस्तकीम और वशीर देश छोड़कर बांग्लादेश भाग चुके हैं।
बम विस्फोट में हुई थी 18 की मौत, 76 हुए थे घायल
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि सात मार्च 2006 को वाराणसी के लंका थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर बम धमाके हुए थे और दशाश्वमेध घाट पर कुकर बम मिला था। बम धमाके में 18 लोग मारे गए थे और 76 लोग घायल हुए थे। वाराणसी के गोदौलिया दूध मंडी के पास दो कूकर बम बरामद हुए थे। बम स्क्वॉयड ने अदालत को बताया था कि धमाके से 200 वर्गमीटर के दायरे में सब-कुछ तहस नहस हो सकता था। प्रकरण में 16 साल की सुनवाई के दौरान 121 गवाह पेश किए गए। बचाव की पक्ष की तरफ से वलीउल्लाह के मां-बाप और पत्नी ने गवाही देकर कहा था कि उसे पुलिस ने प्रयागराज के फूलपुर में संचालित मदरसे से उठाया था।
धमाके के समय मंदिर के पास चल रहा था वैवाहिक कार्यक्रम
घटना के समय संकट मोचन मंदिर में शाम के समय दर्शन पूजन चल रहा था। मंदिर के पास में एक वैवाहिक कार्यक्रम भी हो रहा था। वैवाहिक स्थल के पास तेज धमाके की आवाज आई, जब तक कोई कुछ समझ पाता आसपास लोगों के चीथड़े दूर-दूर तक पड़े थे। मंजर देख चीख-पुकार मच गई थी।
फूलपुर का रहने वाला है दोषी वलीउल्लाह
मामले में सीबीसीआईडी ने कुछ दिन बाद प्रयागराज के फूलपुर निवासी वलीउल्लाह को गिरफ्तार किया था। इसमें अन्य आरोपियों में शामिल कुछ और नाम भी सामने आये थे। इनमें मुस्तकीम, जकारिया और चंदौली के लौंदा झांसी गांव का शमीम भी शामिल था। मगर वलीउल्लाह के अलावा एजेंसियों के हाथ दूसरा कोई आरोपी नहीं आया।
वलीउल्लाह इस समय गाजियाबाद जेल में है। वाराणसी और प्रयागराज में वकीलों ने बम धमाके का मुकदमा लड़ने से इनकार कर दिया था, इसके बाद हाईकोर्ट ने मुकदमा गाजियाबाद की जिला अदालत में ट्रांसफर कर दिया था।
थाना लंका वाराणसी - 6.15 बजे संकट मोचन मंदिर में बम फटा।
- सात की मौत, 26 घायल
- 47 गवाह पेश, तीन गवाह बचाव पक्ष की तरफ से
- दोषी : हत्या, हत्या का प्रयास, अपंगता, विस्फोटक पदार्थ का प्रयोग कर दहशत फैलाना
दशाशमेघ घाट : 6.15 बजे
- जम्मू रेलवे फाटक के सामने रेलिंग के सामने बम बरामद
- 20 गवाह पेश, तीन बचाव पक्ष की तरफ से
- दोषी : हत्या, हत्या का प्रयास, अपंगता, विस्फोटक पदार्थ का प्रयोग कर दहशत फैलाना
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन : 6.15 बजे
- प्रथम श्रेणी विश्राम गृह के पास बम विस्फोट
- 9 की मौत, 50 घायल
- 52 गवाह पेश, तीन बचाव की तरफ से
- इस मामले में बरी