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एनईपी के तहत छात्र अपनी रुचि से कौशल विषय का कर सकेंगे चयन : प्रो. रामपाल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 02:24 AM IST
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Under NEP, students will be able to choose skill subjects based on their interests: Prof. Rampal
गाजियाबाद। नई शिक्षा नीति के तहत छात्र अपनी रुचि के अनुसार कौशल विषय का चयन कर सकेंगे। विज्ञान का छात्र संगीत और कला का छात्र तकनीक भी पढ़ सकेगा। यह बातें शंभू दयाल पीजी कॉलेज में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : चुनौतियां एवं अवसर’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के प्रो. रामपाल ने कहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल नौकरी पाने का माध्यम मानने की मानसिकता बदलना भी एक सांस्कृतिक चुनौती है।
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शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रो. रामपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थी केंद्रित और भविष्योन्मुखी है। बहुविषयक शिक्षा इसकी विशेषता है। क्रेडिट स्थानांतरण की सुविधा से अंतर-महाविद्यालय और अंतर-विश्वविद्यालय स्थानांतरण आसान होगा। कौशल विकास और प्रशिक्षुता से विद्यार्थियों को डिग्री के साथ व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे रोजगारपरकता बढ़ेगी। उन्होंने राष्ट्रीय शोध प्रतिष्ठान और भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के माध्यम से शोध को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत नियामक व्यवस्था की जानकारी दी।
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संसाधनों और बजट की कमी चुनौती
प्रो. रामपाल ने कहा कि सभी युवाओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों और पर्याप्त बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि नीट जैसी परीक्षाओं में एक सीट के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की प्रतिस्पर्धा गुणवत्ता और संसाधनों के विस्तार की चुनौती को दर्शाती है। कोठारी आयोग की ओर से सकल घरेलू उत्पाद का छह फीसदी शिक्षा पर खर्च करने की अनुशंसा भी अभी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है।
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उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल करना चुनौतीपूर्ण
शंभू दयाल पीजी कॉलेज के प्रो. जय कुमार सरोहा ने कहा कि नई शिक्षा नीति आवश्यक और उपयोगी है, लेकिन पर्याप्त संसाधनों और बजट आवंटन के अभाव में इसके उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल करना चुनौतीपूर्ण है। गीता पांडे ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की चुनौतियां ही सुधार का अवसर बनेंगी। प्राचार्य प्रो. रोचना मित्तल ने कहा कि यह नीति युवाओं के लिए सशक्त माध्यम है। इस मौके पर डॉ. सुमेर सिंह आदि मौजूद रहे।
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