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बचाओ...बचाओ: एक घंटे तक गूंजती रहीं 11 मजदूरों की चीखें, थोड़ी से देर होती तो वो पांच लोग भी नहीं बच पाते

Mon, 20 Feb 2023 09:02 AM IST
शाहरुख खान रिची कुमार, अमर उजाला, गाजियाबाद
रिची कुमार, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 20 Feb 2023 09:02 AM IST
सार

गाजियाबाद के लोनी के औद्योगिक क्षेत्र रूपनगर में 300 वर्ग गज के प्लॉट पर बनाई जा रही फैक्टरी की छत का लिंटर रविवार शाम करीब चार बजे अचानक गिर जाने से बड़ी संख्या में मजदूर इसके मलबे में दब गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमों ने आठ को तो मलबे से जीवित निकाल लिया, लेकिन ठेकेदार राजेश समेत दो की मौत हो गई। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है।

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under construction factory roof fell in Loni of ghaziabad screams of 11 laborers kept echoing for an hour
फैक्टरी की छत का लिंटर गिरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद के लोनी के औद्योगिक क्षेत्र रूपनगर में फैक्टरी की छत का लिंटर डाले जाने के दौरान 13 मजदूर काम कर रहे थे। छह छत पर थे बाकी नीचे। तभी अचानक दीवारें ढह गईं और अगले ही पल लिंटर धड़ाम से गिर पड़ा। आसपास के मजदूर चीखते हुए भागने लगे। देखते ही देखते इमारत मलबे के ढेर में तबदील हो गई। 
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इसमें दबे मजदूरों की जोर से चीख सुनाई देने लगी, बचाओ...बचाओ। करीब एक घंटे तक 11 मजदूरों की ये चीखें गूंजती रहीं। इसके बाद आसपास के लोग आए और उन्होंने मलबा हटाकर मौत के मुंह में फंसी जिंदगी को बाहर निकालना शुरू किया। अन्य दो की मौत हो चुकी थी। रात साढ़े 11 बजे तक अभियान चलता रहा।
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रूपनगर में रहने वाले जमील ने बताया कि छत का लिंटर गिरते ही सबसे पहले पहुंचे लोगों में वह भी शामिल था। वहां कई लोग मलबे में दबे थे। पांच लोग बुरी तरह चीख रहे थे। ये मलबे में ऊपर की तरफ थे। ये लोग छत के साथ ही गिरे थे। उन तक पहुंचना बहुत मुश्किल था। उनके ऊपर भारी पिलर लटके हुए थे, जो कभी भी गिर सकते थे। अगर उन पांच लोगों को वहां से निकालने में थोड़ी सी देर और हो जाती तो उनकी जिंदगी बच पाना मुश्किल था।
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पिलर गिरते ही कुछ भी हो सकता था। आसपास के लोगों ने पुलिस के आते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया। लोगों ने हाथ से मलबे से पत्थरों को हटाया और उन पांचों को बाहर निकाला। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनकी जान बच गई। पांचों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल रेफर किया है।

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फैक्टरी की छत का लिंटर गिरा - फोटो : अमर उजाला
लोनी में निर्माणाधीन फैक्टरी की छत गिरी, मलबे में दबकर दो की मौत, आठ बचाए गए
गाजियाबाद के लोनी के औद्योगिक क्षेत्र रूपनगर में 300 वर्ग गज के प्लॉट पर बनाई जा रही फैक्टरी की छत का लिंटर रविवार शाम करीब चार बजे अचानक गिर जाने से बड़ी संख्या में मजदूर इसके मलबे में दब गए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमों ने आठ को तो मलबे से जीवित निकाल लिया, लेकिन ठेकेदार राजेश समेत दो की मौत हो गई। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है। मलबे में कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। बचाव अभियान लंबा चल सकता है।

 

दो फैक्टरी के बीच आकाश शर्मा के खाली पड़े प्लॉट पर फैक्टरी का निर्माण काफी दिनों से चल रहा है। रविवार दोपहर को छत का लिंटर डाले जाने का काम लगभग पूरा हो चुका था। कुछ मजदूर छत पर ही खड़े थे जबकि कई इसके नीचे थे तभी अचानक लेंटर गिर गया। यह देख वहां काम कर रहे मजदूरों में चीख पुकार मच गई। 

 

20 मिनट बाद पुलिस के पहुंचने पर आसपास के लोगों ने मलबे को हटाकर मौत के मुंह में फंसी जिंदगी को बचाने का काम शुरू किया। पुलिस की मदद से चार लोगों को निकाल लिए जाने के बाद फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम पहुंची। मलबे से बंथला निवासी ठेकेदार राजेश कुमार और समीर के शव मिले।

 

डीसीपी ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि बचाव अभियान में आठ लोगों को निकाल लिया गया जबकि दो के शव मिले। मलबे के ढेर में और भी लोगों के दबे होने की आशंका में पुलिस, नगर पालिका, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम संयुक्त अभियान चला रही हैं।

 

जमीन मालिक भी घायल
इतना बड़ा हादसा हो जाने के बाद भी देर शाम तक निर्माणाधीन फैक्टरी के मालिक आकाश शर्मा देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंचे। पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। फैक्टरी का काम आकाश शर्मा के ससुर मदन लाल शर्मा देखते हैं जो इस हादसे में घायल हैं जिन्हें जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

नहीं मिला उपचार, रेफर किए घायल
घायलों को पहले लोनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर ले जाया गया। यहां समुचित उपचार नहीं मिल सका। सभी को दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

 

ये हुए घायल
कमलेश शर्मा (26), बालकृष्ण (25) निवासी गढ़मुक्तेश्वर, मंगेश (20), निवासी गढ़ मुक्तेश्वर, अनिल (30), निवासी गढ़मुक्तेश्वर, सनी (30) निवासी झारखंड, संजीव (34) निवासी बदायूं और प्रकाश निवासी छत्तीसगढ़।
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