फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Unable to pay for furniture bought for daughter s wedding sentenced

UP: बेटी की शादी के लिए खरीदे फर्नीचर का नहीं कर पाया भुगतान, चेक हो गए थे बाउंस, एक वर्ष की हुई सजा

Tue, 07 Jul 2026 11:07 PM IST
Akash Dubey माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: Akash Dubey Updated Tue, 07 Jul 2026 11:07 PM IST
सार

बेटी की शादी के फर्नीचर के भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने पर अदालत ने रामनिवास को दोषी ठहराया। उसे एक वर्ष का साधारण कारावास और 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है।

विज्ञापन
Unable to pay for furniture bought for daughter s wedding sentenced
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बेटी की शादी में खरीदे गए फर्नीचर के भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने ग्राहक (पिता) रामनिवास को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त न्यायालय कोर्ट संख्या एक ने दोषी पर 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने में से 1.40 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि 10 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।

विज्ञापन


अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, लोनी निवासी जगबीर सिंह की महालक्ष्मी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फर्नीचर के नाम से दुकान है। परिवादी ने बताया कि 30 जनवरी 2024 को रामनिवास ने अपनी बेटी की शादी के लिए 1.29 लाख रुपये का फर्नीचर खरीदा था। कुल राशि में से 50 हजार रुपये नकद दिए गए, जबकि शेष 79,800 रुपये के भुगतान के लिए 30 हजार और 49,800 रुपये के दो चेक दिए गए।

विज्ञापन

दोनों चेक बैंक में अनादृत (बाउंस) हो गए। आरोपी को विधिक नोटिस भेजकर भुगतान करने का अवसर दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में राशि अदा नहीं की गई। इस पर न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत में दावा किया कि उसने बाद में नकद भुगतान कर दिया था, लेकिन इस दावे के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य या अन्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।

दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अतिरिक्त न्यायालय कोर्ट संख्या एक के पीठासीन अधिकारी रामप्रताप सिंह ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया और स्पष्ट किया कि जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed