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गन्ना भुगतान नहीं तो जेल की हवा खाने को रहें तैयार
ब्यूरो , अमर उजाला मोदीनगर
Updated Thu, 23 Mar 2017 12:34 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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एडीएम अतुल कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को तहसील में द्विपक्षीय बैठक बुलाई गई। मिल प्रबंधन ने प्रशासन से भुगतान शेड्यूल तय करने के लिए एक माह का समय मांगा है। इस दौरान तहसीलदार ने प्रबंधन से दो टूक कहा है कि यदि भुगतान नहीं हुआ तो जेल की हवा खाने को तैयार रहें।
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बैठक में गन्ना बकाया भुगतान को लेकर शुरू से ही प्रशासनिक अधिकारियों का रुख काफी सख्त रहा। जिला गन्नाधिकारी ने बताया कि मोदी शुगर मिल पर किसानों का वर्तमान सत्र का करीब 170 करोड़ बकाया था, जिसमें से मिल करीब 30 करोड़ का भुगतान कर चुका है। अब शेष बकाया 140 करोड़ है। मिल में करीब पचास करोड़ रुपये की चीनी का स्टॉक है।
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इस पर एसडीएम ने मिल प्रबंधन से कहा कि शेड्यूल बताएं कि किस प्रकार किसानों को भुगतान किया जाएगा। इस पर प्रबंधन ने कहा कि उनको करीब एक माह का समय दिया जाए। इस पर तहसीलदार विजय शंकर ने कहा कि शासन ने 120 दिन के भीतर मिल से किसानों का समस्त भुगतान कराने का आदेश दिया है।
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उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि भुगतान नहीं तो जेल की हवा खाने को तैयार रहें। बैठक में जिला गन्नाधिकारी नमिता कश्यप, ज्येष्ठ गन्नाधिकारी संजय सिंह शिशौदिया के अलावा प्रबंधन की ओर से मोदी शुगर मिल के उपाध्यक्ष के पी सिंह, गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह और लाइजनिंग आफिसर आशीष गुप्ता मौजूद रहे।
इस पर प्रबंधक के पी सिंह ने एसडीएम से भुगतान शेड्यूल बनाने के लिए एक दिन का समय मांगा, जिस पर एसडीएम ने अपनी सहमति दे दी। प्रशासन के मिजाज में आए बदलाव को लेकर मिल प्रबंधकगण हैरत में हैं।