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Ghaziabad News: निवेश के नाम पर डॉक्टर समेत दो से ठगे 34.25 लाख रुपये, केस दर्ज
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने निवेश कर कई गुना मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर समेत दो से 34.25 लाख रुपये ठग लिए। दोनों ही मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। साथ ही जिन खातों में रुपये गए, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
वसुंधरा सेक्टर-18 स्थित एपेक्स द फ्लोरस सोसाइटी में रहने वाली 54 वर्षीय अंशिका जैन ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 22 फरवरी 2026 को उन्हें एक अनजान नंबर के जरिए व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को शेयर मार्केट विशेषज्ञ और कंपनी प्रतिनिधि बताते हुए निवेश पर रोजाना मोटा मुनाफा दिलाने का दावा किया। ठगों ने वेबसाइट का लिंक भेजकर पहले तो लॉगिन कराया। वेबसाइट पर निवेश और मुनाफे के फर्जी आंकड़े दिखाए प्रदर्शित किए जाते थे। शुरुआत में कम रकम निवेश कराकर अच्छा रिटर्न दिखाया गया। इससे पीड़िता का विश्वास बढ़ता गया। बाद में 22 फरवरी से 10 मार्च के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 16.41 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़िता ने रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज के नाम पर और रुपये मांगने शुरू कर दिए। शक होने पर उन्होंने रकम देने से मना किया। इसके बाद ठगों ने उनका नंबर ब्लॉक कर उन्हें ग्रुप से हटा दिया। 10 अप्रैल को उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की।
एक डॉक्टर से हड़पे 17.84 लाख
इंदिरापुरम की डॉक्टर से ठगों ने निवेश के नाम पर 17.84 लाख रुपये हड़पे लिए। सनराइज ग्रीन सीसाइटी निवासी डॉ. संगीता गुप्ता को 26 दिसंबर 2025 को एक व्हॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। डॉक्टर के मुताबिक ठगों ने पहले छोटी रकम निवेश कराई और 20 जनवरी को एक लाख रुपये वापस कर विश्वास जीता। इसके बाद ब्लॉक ट्रेड और प्री-आईपीओ अलॉटमेंट का हवाला देकर प्लेटफॉर्म पर ज्यादा शेयर दिखाए। साथ ही खाते में नकारात्मक धनराशि दिखाकर बार-बार रुपये जमा कराने का दबाव बनाया। उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों से कई किस्तों में रकम ट्रांसफर की। अंतिम चरण में उनकी बेटी के खाते से भी चार लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसमें से केवल एक लाख रुपये वापस मिले। इस तरह 17.84 लाख रुपये की ठगी हो गई। मामले की साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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वसुंधरा सेक्टर-18 स्थित एपेक्स द फ्लोरस सोसाइटी में रहने वाली 54 वर्षीय अंशिका जैन ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 22 फरवरी 2026 को उन्हें एक अनजान नंबर के जरिए व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को शेयर मार्केट विशेषज्ञ और कंपनी प्रतिनिधि बताते हुए निवेश पर रोजाना मोटा मुनाफा दिलाने का दावा किया। ठगों ने वेबसाइट का लिंक भेजकर पहले तो लॉगिन कराया। वेबसाइट पर निवेश और मुनाफे के फर्जी आंकड़े दिखाए प्रदर्शित किए जाते थे। शुरुआत में कम रकम निवेश कराकर अच्छा रिटर्न दिखाया गया। इससे पीड़िता का विश्वास बढ़ता गया। बाद में 22 फरवरी से 10 मार्च के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 16.41 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़िता ने रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज के नाम पर और रुपये मांगने शुरू कर दिए। शक होने पर उन्होंने रकम देने से मना किया। इसके बाद ठगों ने उनका नंबर ब्लॉक कर उन्हें ग्रुप से हटा दिया। 10 अप्रैल को उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की।
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एक डॉक्टर से हड़पे 17.84 लाख
इंदिरापुरम की डॉक्टर से ठगों ने निवेश के नाम पर 17.84 लाख रुपये हड़पे लिए। सनराइज ग्रीन सीसाइटी निवासी डॉ. संगीता गुप्ता को 26 दिसंबर 2025 को एक व्हॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। डॉक्टर के मुताबिक ठगों ने पहले छोटी रकम निवेश कराई और 20 जनवरी को एक लाख रुपये वापस कर विश्वास जीता। इसके बाद ब्लॉक ट्रेड और प्री-आईपीओ अलॉटमेंट का हवाला देकर प्लेटफॉर्म पर ज्यादा शेयर दिखाए। साथ ही खाते में नकारात्मक धनराशि दिखाकर बार-बार रुपये जमा कराने का दबाव बनाया। उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों से कई किस्तों में रकम ट्रांसफर की। अंतिम चरण में उनकी बेटी के खाते से भी चार लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसमें से केवल एक लाख रुपये वापस मिले। इस तरह 17.84 लाख रुपये की ठगी हो गई। मामले की साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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