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Ghaziabad News: स्वाइन फ्लू के दो और मरीज मिले, सांस लेने में सबसे ज्यादा परेशानी
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गाजियाबाद। मौसम में बदलाव के साथ स्वाइन फ्लू का संक्रमण भी बढ़ रहा है। बुधवार को जिले में दो नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इनमें एक मुरादनगर और दूसरा नेहरूनगर क्षेत्र का है। दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। इस वर्ष जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 53 हो गई है। इनमें 32 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 21 सक्रिय मरीजों में 18 अस्पताल में भर्ती हैं और तीन घर पर रहकर उपचार करा रहे हैं। अब तक कुल 29 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है।
स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा परेशानी सांस लेने में हो रही है। संक्रमण बढ़ने पर फेफड़ों पर असर पड़ने से सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। इसके अलावा तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने लंबे समय तक बुखार रहने, खांसी बढ़ने या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी है।
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इन दिक्कतों पर रहें सतर्क
संक्रमण बढ़ने पर फेफड़ों पर असर पड़ सकता है और सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है।
कई दिन तक बुखार रहने से शरीर में कमजोरी और थकान बढ़ सकती है।
खांसी लंबे समय तक रह सकती है और गले में दर्द भी बढ़ सकता है।
गंभीर स्थिति में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचने से निमोनिया जैसी समस्या हो सकती है।
बुखार के साथ मांसपेशियों और शरीर में दर्द तथा अत्यधिक थकान हो सकती है।
संक्रमण से ऐसे करें बचाव
भीड़भाड़ और बंद स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
साबुन से बार-बार हाथ धोएं। हाथ साफ किए बिना आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
खांसी, जुकाम या बुखार से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
संक्रमण बढ़ने की स्थिति में अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
कई दिन तक बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा परेशानी सांस लेने में हो रही है। संक्रमण बढ़ने पर फेफड़ों पर असर पड़ने से सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। इसके अलावा तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है।
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जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने लंबे समय तक बुखार रहने, खांसी बढ़ने या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी है।
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इन दिक्कतों पर रहें सतर्क
संक्रमण बढ़ने पर फेफड़ों पर असर पड़ सकता है और सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है।
कई दिन तक बुखार रहने से शरीर में कमजोरी और थकान बढ़ सकती है।
खांसी लंबे समय तक रह सकती है और गले में दर्द भी बढ़ सकता है।
गंभीर स्थिति में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचने से निमोनिया जैसी समस्या हो सकती है।
बुखार के साथ मांसपेशियों और शरीर में दर्द तथा अत्यधिक थकान हो सकती है।
संक्रमण से ऐसे करें बचाव
भीड़भाड़ और बंद स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
साबुन से बार-बार हाथ धोएं। हाथ साफ किए बिना आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
खांसी, जुकाम या बुखार से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
संक्रमण बढ़ने की स्थिति में अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
कई दिन तक बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।