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Ghaziabad News: ट्रेनें घटीं, यात्री बढ़े...स्टेशन पर मारामारी
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गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी खराब होने पर सामान्य सीढ़ी से आती बुजुर्ग महिला। संवाद
गाजियाबाद। गाजियाबाद से होकर गुजरने वाले ट्रेनों की संख्या कम हो गई है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें रद्द चल रही हैं। दूसरी ओर, महाकुंभ की वजह से यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। नतीजा यह है कि स्टेशन पर मारामारी के हालात बने हुए हैं। नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ से हुए हादसे के बाद माना जा रहा था कि रेलवे की ओर से बड़े कदम उठाए। व्यवस्था सुधार के लिए कुछ उपाय किए भी गए हैं लेकिन भीड़ के आगे यह नाकाफी हैं।
प्लेटफार्म पर रस्सी बांध दी गई है। आलम यह है कि ट्रेन नजर आते ही यात्री उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं। जो प्लेटफार्म से नहीं चढ़ पाते, वे नीचे उतरते हैं और पटरी पर चलकर दूसरी ओर सवार होने का प्रयास करते हैं। यह खतरनाक है लेकिन कोई इन्हें रोक नहीं रहा। स्टेशन पर रोज लगभग एक लाख लोग पहुंच रहे हैं। आम दिनों में यह संख्या 80 से 90 हजार रहती है।
कोई रस्सी से ऊपर से
गया तो कोई नीचे से
सोमवार दोपहर को दिल्ली से लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस जैसे ही स्टेशन पर पहुंची, वैसे ही यात्री उसमें सवार होने के लिए दौड़ पड़े। धक्का-मुक्की के हालात बन गए। प्लेटफार्म पर लगाई गई रस्सी को ट्रेन आते ही आरपीएफ के जवान हटा देते हैं लेकिन भीड़ इतनी थी कि इसका मौका ही नहीं मिला। कोई रस्सी कूदकर आगे निकला तो कोई रस्सी के नीचे से। बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफार्म से उतर गए। ये पटरियों पर होकर ट्रेन की दूसरी तरफ से सवार हुए।
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कोच की खिड़की
से सवार हुए लोग
रविवार की रात 11 बजे बनारस एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर पहुंची। सैंकड़ों यात्री इंतजार में खड़े थे। ट्रेन आते ही शोर मच गया। लोग ट्रेन में सवार होने के लिए दौड़ पड़े। कई तो कोच की खिड़की से ही घुस गए। जिन लोगों ने रिजर्वेशन नहीं कराया था, वे भी कोच में घुस गए। इस पर कहासुनी हो गई। काफी देर हंगामा चला लेकिन पुलिस की ओर से कोई नहीं आया। वाराणसी जा रहे कपिल शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के टिकट कंफर्म नहीं हो पाए हैं, वे भी महाकुंभ जाने के लिए ट्रेन में सवार हो रहे हैं।
धक्का-मुक्की मत करो
आरपीएफ की ओर स्टेशन पर पैदल मार्च किया गया। लाउडस्पीकर पर यात्रियों से अपील की गई कि वे धक्का-मुक्की न करें। उनसे यह भी कहा गया कि अगर एक ट्रेन में सीट न मिले तो दूसरी का इंतजाम करें। महाकुंभ के लिए रेलवे की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर बाहर से भी कर्मचारी बुलाए हैं। आरपीएफ के 15 जवान लगाए गए हैं, जो प्लेटफार्म एक से तीन तक 12-12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे हैं। - यशवंत सिंह सलूजा, निरीक्षक आरपीएफ
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प्लेटफार्म पर रस्सी बांध दी गई है। आलम यह है कि ट्रेन नजर आते ही यात्री उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं। जो प्लेटफार्म से नहीं चढ़ पाते, वे नीचे उतरते हैं और पटरी पर चलकर दूसरी ओर सवार होने का प्रयास करते हैं। यह खतरनाक है लेकिन कोई इन्हें रोक नहीं रहा। स्टेशन पर रोज लगभग एक लाख लोग पहुंच रहे हैं। आम दिनों में यह संख्या 80 से 90 हजार रहती है।
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कोई रस्सी से ऊपर से
गया तो कोई नीचे से
सोमवार दोपहर को दिल्ली से लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस जैसे ही स्टेशन पर पहुंची, वैसे ही यात्री उसमें सवार होने के लिए दौड़ पड़े। धक्का-मुक्की के हालात बन गए। प्लेटफार्म पर लगाई गई रस्सी को ट्रेन आते ही आरपीएफ के जवान हटा देते हैं लेकिन भीड़ इतनी थी कि इसका मौका ही नहीं मिला। कोई रस्सी कूदकर आगे निकला तो कोई रस्सी के नीचे से। बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफार्म से उतर गए। ये पटरियों पर होकर ट्रेन की दूसरी तरफ से सवार हुए।
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कोच की खिड़की
से सवार हुए लोग
रविवार की रात 11 बजे बनारस एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर पहुंची। सैंकड़ों यात्री इंतजार में खड़े थे। ट्रेन आते ही शोर मच गया। लोग ट्रेन में सवार होने के लिए दौड़ पड़े। कई तो कोच की खिड़की से ही घुस गए। जिन लोगों ने रिजर्वेशन नहीं कराया था, वे भी कोच में घुस गए। इस पर कहासुनी हो गई। काफी देर हंगामा चला लेकिन पुलिस की ओर से कोई नहीं आया। वाराणसी जा रहे कपिल शर्मा ने बताया कि जिन लोगों के टिकट कंफर्म नहीं हो पाए हैं, वे भी महाकुंभ जाने के लिए ट्रेन में सवार हो रहे हैं।
धक्का-मुक्की मत करो
आरपीएफ की ओर स्टेशन पर पैदल मार्च किया गया। लाउडस्पीकर पर यात्रियों से अपील की गई कि वे धक्का-मुक्की न करें। उनसे यह भी कहा गया कि अगर एक ट्रेन में सीट न मिले तो दूसरी का इंतजाम करें। महाकुंभ के लिए रेलवे की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर बाहर से भी कर्मचारी बुलाए हैं। आरपीएफ के 15 जवान लगाए गए हैं, जो प्लेटफार्म एक से तीन तक 12-12 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे हैं। - यशवंत सिंह सलूजा, निरीक्षक आरपीएफ

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी खराब होने पर सामान्य सीढ़ी से आती बुजुर्ग महिला। संवाद

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी खराब होने पर सामान्य सीढ़ी से आती बुजुर्ग महिला। संवाद

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी खराब होने पर सामान्य सीढ़ी से आती बुजुर्ग महिला। संवाद

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी खराब होने पर सामान्य सीढ़ी से आती बुजुर्ग महिला। संवाद