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बोले व्यापारी, हमसे क्या भूल हुई...
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Tue, 14 Feb 2017 12:45 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एक ओर गोविंदपुरम अनाज मंडी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को टेट्रा लेवल सिक्योरिटी में रखा गया है वहीं मंडी के करीब 70 व्यापारियों की दुकानों का अनाज खुले आसमान के नीचे रखा है। अनाज की कोई सिक्योरिटी नहीं, प्रशासन ने इसकी जहमत भी नहीं उठाई।
व्यापारियों से दुकानें और बरामदे खाली कराए और सड़क किनारे रखे अनाज की सुध तक नहीं ली। ये विडंबना ही है लोकतंत्र के पर्व की जो कवायद की गई है, उसमें जनता ही नुकसान झेल रही है। व्यापारियों का कारोबार जा रहा है और आम जन के मुंह से निवाला। ऐसे में, व्यापारी यही सोच रहा है कि आखिर उनसे क्या भूल हुई, जिसकी सजा मिल रही है।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को गोविंदपुरम अनाज में पैरा मिलिट्री फोर्स की निगरानी में रखवाया जा चुका है। व्यापारियों की दुकानें और बरामदे खाली कराकर उनका अनाज खुले आसमान के नीचे रख दिया गया है।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने ईवीएम का तो जायजा लिया लेकिन खुले में रखे अनाज की सुध किसी ने नहीं ली। ओस की बूंदें अनाज की बोरियों को भिगो रही है। सोमवार को मंडी के ब्लॉक-ए और बी की ओर जाने वाले रास्तों पर बेरिकेडिंग लगा दी गई।
मंडी के व्यापारियों को भी इस ब्लॉक में आने की इजाजत नहीं है। सड़क के किनारे रखे अनाज को खराब होने से बचाने का व्यापारियों के पास कोई तरीका नहीं है, न ही प्रशासन की ओर से ही अनाज की कोई सुध ली गई है। विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 मार्च को है, अनाज मंडी में ईवीएम कड़ी सुरक्षा में एक माह तक रखी जाएंगी।
जिनकी निगरानी का जिम्मा पैरा मिलिट्री फोर्स के पास है। प्रशासन के निर्देश पर मंडी के ए और बी ब्लॉक के पूरे हिस्से को घेर दिया गया है। पैरा मिलिट्री और पुलिस गश्त कर रही है। मंडी को अधिग्रहीत किए जाने से व्यापार ठप हो गया है।
फूड ग्रेन एसोसिएशन के महामंत्री सुधीर गोयल ने बताया कि डेढ़ माह तक मंडी व्यापारियों का व्यापार ठप रहेगा। मतगणना के बाद 15 मार्च को ही ईवीएम यहां से हट पाएंगी। व्यापारी मंडी आते तो हैं लेकिन सिर्फ समय काटने के लिए। बेरिकेडिंग की वजह से उन्हें आने-जाने से भी परेशानी हो रही है।
सबसे ज्यादा नुकसान चावल और सरसों का होगा
लंबे वक्त तक अनाज की बोरियां आसमान के नीचे रखी रहेंगी, रात को ओस पड़ना शुरू होने के साथ ही बोरियां भीग जाती हैं। इससे सबसे ज्यादा नुकसान चावल और सरसों को होगा। चावल टूट जाएगा और उसकी कीमत घट जाएगी वहीं सरसों में फंगस लगने का खतरा है।
- चूहों का भोजन बन रहा है अनाज
खुले में अनाज रखा होने की वजह से यह चूहों का भोजन बन रहा है। व्यापारियों की परेशानी ये है कि अगर चूहों ने ज्यादा नुकसान कर दिया तो अनाज किसी भी लायक नहीं रह जाएगा।
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व्यापारियों से दुकानें और बरामदे खाली कराए और सड़क किनारे रखे अनाज की सुध तक नहीं ली। ये विडंबना ही है लोकतंत्र के पर्व की जो कवायद की गई है, उसमें जनता ही नुकसान झेल रही है। व्यापारियों का कारोबार जा रहा है और आम जन के मुंह से निवाला। ऐसे में, व्यापारी यही सोच रहा है कि आखिर उनसे क्या भूल हुई, जिसकी सजा मिल रही है।
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इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को गोविंदपुरम अनाज में पैरा मिलिट्री फोर्स की निगरानी में रखवाया जा चुका है। व्यापारियों की दुकानें और बरामदे खाली कराकर उनका अनाज खुले आसमान के नीचे रख दिया गया है।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने ईवीएम का तो जायजा लिया लेकिन खुले में रखे अनाज की सुध किसी ने नहीं ली। ओस की बूंदें अनाज की बोरियों को भिगो रही है। सोमवार को मंडी के ब्लॉक-ए और बी की ओर जाने वाले रास्तों पर बेरिकेडिंग लगा दी गई।
मंडी के व्यापारियों को भी इस ब्लॉक में आने की इजाजत नहीं है। सड़क के किनारे रखे अनाज को खराब होने से बचाने का व्यापारियों के पास कोई तरीका नहीं है, न ही प्रशासन की ओर से ही अनाज की कोई सुध ली गई है। विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 मार्च को है, अनाज मंडी में ईवीएम कड़ी सुरक्षा में एक माह तक रखी जाएंगी।
जिनकी निगरानी का जिम्मा पैरा मिलिट्री फोर्स के पास है। प्रशासन के निर्देश पर मंडी के ए और बी ब्लॉक के पूरे हिस्से को घेर दिया गया है। पैरा मिलिट्री और पुलिस गश्त कर रही है। मंडी को अधिग्रहीत किए जाने से व्यापार ठप हो गया है।
फूड ग्रेन एसोसिएशन के महामंत्री सुधीर गोयल ने बताया कि डेढ़ माह तक मंडी व्यापारियों का व्यापार ठप रहेगा। मतगणना के बाद 15 मार्च को ही ईवीएम यहां से हट पाएंगी। व्यापारी मंडी आते तो हैं लेकिन सिर्फ समय काटने के लिए। बेरिकेडिंग की वजह से उन्हें आने-जाने से भी परेशानी हो रही है।
सबसे ज्यादा नुकसान चावल और सरसों का होगा
लंबे वक्त तक अनाज की बोरियां आसमान के नीचे रखी रहेंगी, रात को ओस पड़ना शुरू होने के साथ ही बोरियां भीग जाती हैं। इससे सबसे ज्यादा नुकसान चावल और सरसों को होगा। चावल टूट जाएगा और उसकी कीमत घट जाएगी वहीं सरसों में फंगस लगने का खतरा है।
- चूहों का भोजन बन रहा है अनाज
खुले में अनाज रखा होने की वजह से यह चूहों का भोजन बन रहा है। व्यापारियों की परेशानी ये है कि अगर चूहों ने ज्यादा नुकसान कर दिया तो अनाज किसी भी लायक नहीं रह जाएगा।