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Ghaziabad News: शॉपिंग मॉल में बिना सहमति पार्किंग शुल्क लगाने पर भड़के व्यापारी
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इंदिरापुरम। क्षेत्र में संचालित एक मॉल में मासिक पार्किंग शुल्क लगाने पर व्यापारियों ने जमकर हंगामा किया। व्यापारियों का आरोप है कि मॉल प्रबंधन ने बिना सहमति दो पहिया वाहनों पर एक हजार और चार पहिया वाहनों पर दो हजार रुपये का मासिक शुल्क लागू किया है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मॉल के मेंटेनेंस प्रबंधक ने आला अफसरों तक बात पहुंचाने का आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत किया।
रियल स्टेट कारोबारी अजीत प्रजापति ने बताया कि मॉल प्रबंधन कोई पार्किंग शुल्क नहीं था, लेकिन सोमवार को दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क लागू कर दिया। इसकी जानकारी पर व्यापारियों ने जमकर हंगामा किया। विरोध कर रहे व्यापारियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना और सहमति के यह नया नियम लागू कर दिया गया। पहले व्यापारियों के साथ वार्ता कर सहमति लेनी चाहिए थी। वह पहले से ही नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क दे रहे हैं। अब पार्किंग के नाम पर अलग से वसूली गलत है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी दुकानें मॉल परिसर में ही हैं और रोजाना वाहन पार्क करने पड़ते हैं। ऐसे में अपने ही कार्यस्थल पर पार्किंग के लिए अलग से शुल्क देना उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ होगा। वहीं, मॉल के मेंटेनेंस प्रबंधक ने बताया कि यह फैसला प्रबंधन का है। व्यापारियों की मांग को प्रबंधन तक पहुंचाया गया है। आगे की निर्णय उस स्तर से ही लिया जाएगा।
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रियल स्टेट कारोबारी अजीत प्रजापति ने बताया कि मॉल प्रबंधन कोई पार्किंग शुल्क नहीं था, लेकिन सोमवार को दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क लागू कर दिया। इसकी जानकारी पर व्यापारियों ने जमकर हंगामा किया। विरोध कर रहे व्यापारियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना और सहमति के यह नया नियम लागू कर दिया गया। पहले व्यापारियों के साथ वार्ता कर सहमति लेनी चाहिए थी। वह पहले से ही नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क दे रहे हैं। अब पार्किंग के नाम पर अलग से वसूली गलत है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी दुकानें मॉल परिसर में ही हैं और रोजाना वाहन पार्क करने पड़ते हैं। ऐसे में अपने ही कार्यस्थल पर पार्किंग के लिए अलग से शुल्क देना उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ होगा। वहीं, मॉल के मेंटेनेंस प्रबंधक ने बताया कि यह फैसला प्रबंधन का है। व्यापारियों की मांग को प्रबंधन तक पहुंचाया गया है। आगे की निर्णय उस स्तर से ही लिया जाएगा।
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