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Ghaziabad News: मेट्रो कॉरिडोर के किनारे बनेगा टीओडी जोन
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गाजियाबाद। रैपिड की तर्ज पर अब मेट्रो कॉरिडोर के किनारे ट्राजिंट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जोन (टीओडी) बनेगा। इससे यहां निर्माण करने वालों को एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) ज्यादा मिलेगा। निर्माणकर्ता पांच मंजिल तक निर्माण कर सकेंगे। इसी के साथ ही एलिवेटेड रोड को भी टीओडी जोन बनाने की योजना है।
मास्टर प्लान 2031 के ड्राफ्ट में खामियां बताकर शासन से लौटने के बाद जीडीए अब खामियों को दुरुस्त कर संशोधन में जुट गया है। मास्टर प्लान के संशोधन में मेट्रो कॉरिडोर के किनारे टोओडी जोन की योजना को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। संशोधन के बाद ड्राफ्ट को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मास्टर प्लान के स्वीकृत होने के बाद जहां निवेशकों को फायदा होगा वहीं जीडीए की भी आय में इजाफा होगा।
शासन की उच्च स्तरीय समिति ने सोमवार को मास्टर प्लान 2031 का प्रजेंटेशन देखने के बाद नमो भारत ट्रेन के टीओडी जोन की तरह मेट्रो व एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को टीओडी जोन मास्टर प्लान में चिह्नित न करने पर आपत्ति लगाई थी। महायोजना में संशोधन कर इस क्षेत्र को दर्शाने के निर्देश दिए हैं।
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दिया जाएगा मिश्रित भू-उपयोग
आनंद विहार से वैशाली व दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ टीओडी जोन 500-500 मीटर तक मान्य होगा। इस क्षेत्र में पांच फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) के साथ मिश्रित भू-उपयोग दिया जाएगा। इसके तहत एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ पांच एफएआर मान्य होगा। फ्लोर एरिया रेशियों किसी भूखंड के कुल क्षेत्रफल के कुल निर्मित क्षेत्र का अनुपात होता है। जैसे यदि कोई भूखंड 200 मीटर है और उस पर पांच एफएआर निर्माण मान्य है तो कुल 1000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र में निर्माण किया जा सकेगा।
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2019 में ही टीओडी जोन घोषित करने के दिए गए थे निर्देश
करीब पांच साल पहले 2019 में ही इस संबंध में शासन ने जीडीए को मेट्रो कॉरिडोर को टीओडी जोन घोषित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जीडीए की तरफ से मानक तय करने के लिए गाइडलाइन मांगी गई थी लेकिन इस दिशा में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। मेट्रो के दोनों फेज के दोनों तरफ अतिरिक्त एफएआर देने से छोटे भूखंडों पर मिश्रित भू-उपयोग के साथ बहुमंजिला इमारतें बन सकेंगी।
एक साथ बन सकेंगे मकान, दुकान व ऑफिस
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक दोनों तरफ ज्यादातर छोटे-छोटे भूखंड हैं जिन पर वर्तमान में ज्यादातर निर्माण हो चुका है। मास्टर प्लान में इस क्षेत्र के मेट्रो के टीओडी जोन के रूप में घोषित होने पर लोग दोबारा से नए नियमों के तहत नक्शा पास करा सकेंगे। इससे लोगों को पांच एफएआर के साथ मिश्रित भू-उपयोग मिलेगा यानी मकान, दुकान, आफिस एक साथ बन सकेंगे। साथ ही नक्शा स्वीकृति शुल्क से प्राधिकरण की आय में इजाफा होगा।
बयान
शासन की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में टीओडी जोन पर चर्चा की गई है। शासन से बिंदुवार मिनट्स जारी होंगे। उसी के अनुसार महायोजना में संशोधन कराकर मेट्रो व एलिवेटेड रोड काॅरिडोर के दोनों तरफ टीओडी जोन चिह्नित करने के साथ अन्य संशोधन कराया जाएगा। - अतुल वत्स, जीडीए उपाध्यक्ष
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मास्टर प्लान 2031 के ड्राफ्ट में खामियां बताकर शासन से लौटने के बाद जीडीए अब खामियों को दुरुस्त कर संशोधन में जुट गया है। मास्टर प्लान के संशोधन में मेट्रो कॉरिडोर के किनारे टोओडी जोन की योजना को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। संशोधन के बाद ड्राफ्ट को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। मास्टर प्लान के स्वीकृत होने के बाद जहां निवेशकों को फायदा होगा वहीं जीडीए की भी आय में इजाफा होगा।
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शासन की उच्च स्तरीय समिति ने सोमवार को मास्टर प्लान 2031 का प्रजेंटेशन देखने के बाद नमो भारत ट्रेन के टीओडी जोन की तरह मेट्रो व एलिवेटेड रोड कॉरिडोर को टीओडी जोन मास्टर प्लान में चिह्नित न करने पर आपत्ति लगाई थी। महायोजना में संशोधन कर इस क्षेत्र को दर्शाने के निर्देश दिए हैं।
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दिया जाएगा मिश्रित भू-उपयोग
आनंद विहार से वैशाली व दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ टीओडी जोन 500-500 मीटर तक मान्य होगा। इस क्षेत्र में पांच फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) के साथ मिश्रित भू-उपयोग दिया जाएगा। इसके तहत एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ पांच एफएआर मान्य होगा। फ्लोर एरिया रेशियों किसी भूखंड के कुल क्षेत्रफल के कुल निर्मित क्षेत्र का अनुपात होता है। जैसे यदि कोई भूखंड 200 मीटर है और उस पर पांच एफएआर निर्माण मान्य है तो कुल 1000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र में निर्माण किया जा सकेगा।
2019 में ही टीओडी जोन घोषित करने के दिए गए थे निर्देश
करीब पांच साल पहले 2019 में ही इस संबंध में शासन ने जीडीए को मेट्रो कॉरिडोर को टीओडी जोन घोषित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जीडीए की तरफ से मानक तय करने के लिए गाइडलाइन मांगी गई थी लेकिन इस दिशा में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। मेट्रो के दोनों फेज के दोनों तरफ अतिरिक्त एफएआर देने से छोटे भूखंडों पर मिश्रित भू-उपयोग के साथ बहुमंजिला इमारतें बन सकेंगी।
एक साथ बन सकेंगे मकान, दुकान व ऑफिस
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक दोनों तरफ ज्यादातर छोटे-छोटे भूखंड हैं जिन पर वर्तमान में ज्यादातर निर्माण हो चुका है। मास्टर प्लान में इस क्षेत्र के मेट्रो के टीओडी जोन के रूप में घोषित होने पर लोग दोबारा से नए नियमों के तहत नक्शा पास करा सकेंगे। इससे लोगों को पांच एफएआर के साथ मिश्रित भू-उपयोग मिलेगा यानी मकान, दुकान, आफिस एक साथ बन सकेंगे। साथ ही नक्शा स्वीकृति शुल्क से प्राधिकरण की आय में इजाफा होगा।
बयान
शासन की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में टीओडी जोन पर चर्चा की गई है। शासन से बिंदुवार मिनट्स जारी होंगे। उसी के अनुसार महायोजना में संशोधन कराकर मेट्रो व एलिवेटेड रोड काॅरिडोर के दोनों तरफ टीओडी जोन चिह्नित करने के साथ अन्य संशोधन कराया जाएगा। - अतुल वत्स, जीडीए उपाध्यक्ष