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Ghaziabad News: निवेश से कमाई का झांसा देकर तीन लोगों से 80.80 लाख ठगे
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गाजियाबाद।
साइबर ठगों ने रुपये निवेश कर कमाई का झांसा देकर तीन लोगों को 80.80 लाख रुपये की चपत लगाई। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने खातों में जमा रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी।
सिहानीगेट थाना क्षेत्र के न्यू आर्यनगर निवासी प्रद्युम्न त्यागी ने बताया कि 15 मार्च 2025 को उनके व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। बात करने वाले ने खुद को नामचीन ट्रेडिंग कंपनी का अधिकारी बताया। कहा कि यदि उन्होंने निवेश किया तो मोटा मुनाफा होगा। उसकी बातों पर भरोसा करके उन्होंने रुचि दिखाई तो ठगों ने उनको ग्रुपों में जोड़ दिया। ठगों ने कहा कि यदि उन्होंने 50 लाख का निवेश किया तो उनको एक करोड़ तक का फायदा होगा। इसके बाद उन्होंने दिए गए खातों में 49.22 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने शुरुआत में उनको करीब ढाई लाख रुपये मुनाफा बताकर वापस भी भेजे। इससे उनका विश्वास बढ़ गया। जब ठगों को लगा कि उनको और पैसा मिलने वाला नहीं है तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद प्रद्युम्न ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
फेसबुक की दोस्ती पड़ी महंगी, हो गई 25.44 लाख रुपये की ठगी
कविनगर निवासी राहुल भाटी ने बताया कि एक महीने पहले फेसबुक पर उनकी दोस्ती अक्षरा बंसल नाम के शख्स से हुई। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर भी बात होने लगी। धीरे धीरे उसने उनको विश्वास में लेना शुरू कर दिया। एक दिन उसने उनको निवेश के बारे में बताया। कहा कि वह खुद इसमें मोटा पैसा कमा रहा है। उन्होंने रुचि दिखाई तो उनको एक एप डाउनलोड करा दिया। केवाईसी के नाम पर उनसे उनके खाता संबंधी जानकारी ले ली। फिर उनसे 10 हजार खाते ट्रांसफर कराए। इसके बदले उनको 12800 रुपये मिले। इसके बाद उनका विश्वास बढ़ गया। फिर ठगों ने उनसे सात बार में कुल 25.44 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब वह चाहते हुए भी पैसा नहीं निकाल पाए ताे उनको संदेह हुआ। ठगों का लगा कि उनको और पैसा नहीं मिलेगा तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। अब उन्होंने मामले में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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अच्छे रिटर्न के बहाने 6.13 लाख की ठगी
राजनगर निवासी आकाश मित्तल से भी शातिरों ने 6.13 लाख ठग लिए। आकाश ने बताया कि व्हाट्सएप पर मिले लिंक को उन्हाेंने खोला तो निवेश की बात लिखी आई। उन्होंने रुचि दिखाई, तब ठग उनके संपर्क में आ गए। इसके बाद उन्होंने दिए गए खातों में उनसे 6.13 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जो एप उनको डाउनलोड कराया गया, उसपर बढ़ी हुई रकम भी दिख रही थी, लेकिन चाहने पर भी पैसा नहीं मिल पा रहा है। इस बार में एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि तीनों मामलों में केस दर्ज कर लिए गए हैं। रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कराई गई है। जिन खातों में पैसा गया है, उनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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साइबर ठगों ने रुपये निवेश कर कमाई का झांसा देकर तीन लोगों को 80.80 लाख रुपये की चपत लगाई। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने खातों में जमा रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी।
सिहानीगेट थाना क्षेत्र के न्यू आर्यनगर निवासी प्रद्युम्न त्यागी ने बताया कि 15 मार्च 2025 को उनके व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। बात करने वाले ने खुद को नामचीन ट्रेडिंग कंपनी का अधिकारी बताया। कहा कि यदि उन्होंने निवेश किया तो मोटा मुनाफा होगा। उसकी बातों पर भरोसा करके उन्होंने रुचि दिखाई तो ठगों ने उनको ग्रुपों में जोड़ दिया। ठगों ने कहा कि यदि उन्होंने 50 लाख का निवेश किया तो उनको एक करोड़ तक का फायदा होगा। इसके बाद उन्होंने दिए गए खातों में 49.22 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने शुरुआत में उनको करीब ढाई लाख रुपये मुनाफा बताकर वापस भी भेजे। इससे उनका विश्वास बढ़ गया। जब ठगों को लगा कि उनको और पैसा मिलने वाला नहीं है तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद प्रद्युम्न ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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फेसबुक की दोस्ती पड़ी महंगी, हो गई 25.44 लाख रुपये की ठगी
कविनगर निवासी राहुल भाटी ने बताया कि एक महीने पहले फेसबुक पर उनकी दोस्ती अक्षरा बंसल नाम के शख्स से हुई। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर भी बात होने लगी। धीरे धीरे उसने उनको विश्वास में लेना शुरू कर दिया। एक दिन उसने उनको निवेश के बारे में बताया। कहा कि वह खुद इसमें मोटा पैसा कमा रहा है। उन्होंने रुचि दिखाई तो उनको एक एप डाउनलोड करा दिया। केवाईसी के नाम पर उनसे उनके खाता संबंधी जानकारी ले ली। फिर उनसे 10 हजार खाते ट्रांसफर कराए। इसके बदले उनको 12800 रुपये मिले। इसके बाद उनका विश्वास बढ़ गया। फिर ठगों ने उनसे सात बार में कुल 25.44 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब वह चाहते हुए भी पैसा नहीं निकाल पाए ताे उनको संदेह हुआ। ठगों का लगा कि उनको और पैसा नहीं मिलेगा तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। अब उन्होंने मामले में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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अच्छे रिटर्न के बहाने 6.13 लाख की ठगी
राजनगर निवासी आकाश मित्तल से भी शातिरों ने 6.13 लाख ठग लिए। आकाश ने बताया कि व्हाट्सएप पर मिले लिंक को उन्हाेंने खोला तो निवेश की बात लिखी आई। उन्होंने रुचि दिखाई, तब ठग उनके संपर्क में आ गए। इसके बाद उन्होंने दिए गए खातों में उनसे 6.13 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जो एप उनको डाउनलोड कराया गया, उसपर बढ़ी हुई रकम भी दिख रही थी, लेकिन चाहने पर भी पैसा नहीं मिल पा रहा है। इस बार में एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि तीनों मामलों में केस दर्ज कर लिए गए हैं। रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कराई गई है। जिन खातों में पैसा गया है, उनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।