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Ghaziabad News: युवक की हत्या में 18 साल बाद तीन दोषी
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गाजियाबाद। आपसी रंजिश में 18 साल पहले छुरे से हमला कर की गई युवक की हत्या में तीन आरोपियों विक्की उर्फ जेली, रंजीत उर्फ जागीरा और संदीप को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नेत्रपाल ने दोषी करार दिया है। चौथे आरोपी नितिन उर्फ करेला के फरार होने से उसकी फाइल अलग कर दी गई है। सजा के प्रश्न पर 30 मार्च को अदालत में सुनवाई होगी। मृतक के भाई व दोस्त के बयान को अहम मानते हुए अदालत ने अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रवि शर्मा ने बताया कि 31 जुलाई 2006 को नंदग्राम निवासी शिव प्रसाद ने सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिवप्रसाद ने पुलिस को बताया था कि उनके दो बेटे विक्की व विन्नी 31 जुलाई को रात 8:30 बजे घर के पास दुकान से आटा लेने गए थे। उसी दौरान दोनों मोबाइल फोन रिचार्ज कराने के लिए नंदग्राम के डी ब्लॉक चौराहा आश्रम रोड के पास चले गए। रास्ते में उनका दोस्त गोपाल भी उनके साथ दुकान पर चला गया था। नंदग्राम में ही रहने वाले विक्की उर्फ विक्की, रंजीत उर्फ जागीरा, संदीप व नितिन उर्फ करेला ने विक्की पर हमला कर दिया। चारों ने छुरे से विक्की पर कई बार वार किए। अचानक हुए हमले से डर कर विक्की का भाई विन्नी और उसका दोस्त गोपाल वहां से भाग गए। आसपास के दुकानदारों ने दुकान के शटर गिरा दिया। चारों हमलावर छुरा लहराते हुए मौके से भाग गए। पुलिस की जांच में पता चला था कि चारों हमलावरों और विक्की की पहले से किसी बात को लेकर रंजिश थी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धाराओं में अभियुक्तों को नामजद करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान अदालत में दस गवाह पेश किए गए थे। जांच के बाद पुलिस ने 31 अक्तूबर 2006 को आरोप पत्र पेश कर दिया था। मुकदमे के विचारण के दौरान गवाहों के समय से अदालत में बयान नहीं दर्ज होने के कारण 18 साल तक सुनवाई चलती रही।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रवि शर्मा ने बताया कि 31 जुलाई 2006 को नंदग्राम निवासी शिव प्रसाद ने सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिवप्रसाद ने पुलिस को बताया था कि उनके दो बेटे विक्की व विन्नी 31 जुलाई को रात 8:30 बजे घर के पास दुकान से आटा लेने गए थे। उसी दौरान दोनों मोबाइल फोन रिचार्ज कराने के लिए नंदग्राम के डी ब्लॉक चौराहा आश्रम रोड के पास चले गए। रास्ते में उनका दोस्त गोपाल भी उनके साथ दुकान पर चला गया था। नंदग्राम में ही रहने वाले विक्की उर्फ विक्की, रंजीत उर्फ जागीरा, संदीप व नितिन उर्फ करेला ने विक्की पर हमला कर दिया। चारों ने छुरे से विक्की पर कई बार वार किए। अचानक हुए हमले से डर कर विक्की का भाई विन्नी और उसका दोस्त गोपाल वहां से भाग गए। आसपास के दुकानदारों ने दुकान के शटर गिरा दिया। चारों हमलावर छुरा लहराते हुए मौके से भाग गए। पुलिस की जांच में पता चला था कि चारों हमलावरों और विक्की की पहले से किसी बात को लेकर रंजिश थी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धाराओं में अभियुक्तों को नामजद करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान अदालत में दस गवाह पेश किए गए थे। जांच के बाद पुलिस ने 31 अक्तूबर 2006 को आरोप पत्र पेश कर दिया था। मुकदमे के विचारण के दौरान गवाहों के समय से अदालत में बयान नहीं दर्ज होने के कारण 18 साल तक सुनवाई चलती रही।
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