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फिर उफनेंगे नाले, सफाई ‘भगवान’ के हवाले
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 04 May 2016 01:24 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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इस साल भरपूर बारिश होने की संभावना से पूरा देश खुश है, लेकिन गाजियाबाद के नाले इस खुशी पर ग्रहण लगा सकते हैं। दरअसल, यह वो नाले हैं जो बरसात में उफनेंगे तो कई गलियां व सड़कें तालाब में तब्दील हो जाएंगे। बावजूद इसके नगर निगम ने अभी तक नालों की सफाई नहीं कराई है।
शहर में ज्यादातर नाले-सीवर गंदगी से अटे हुए हैं। बरसात में जल निकासी होना आसान नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस साल समय से पहले 15 से 18 जून तक मानसून दस्तक दे सकता है।
इससे पहले दो तूफानी बारिश होने का भी पूर्वानुमान है। ऐसे में निगम को नालों की सफाई का मौका भी नहीं मिलेगा। बीते साल भी मामूली बारिश में ही लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ गया था।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून इस बार जमकर बरसेगा, जिससे 106 फीसदी बारिश (करीब 1000 मिमी) होने की अनुमान है। इससे पहले शहर के छोटे-बड़े 215 नालों और सीवर लाइनों की सफाई होनी चाहिए थी।
नगर निगम ने अभी तक नालों की सफाई शुरू भी नहीं की है। नालों में जमा सिल्ट के चलते निकासी के लिए जगह बेहद कम हो गई है। सामान्य बारिश में ही शहर के नाले-सीवर ओवरफ्लो हो जाते हैं। ऐसे में भारी बारिश हुई तो हालात कैसे होंगे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है ।
इन क्षेत्रों में होता है जलभराव
अशोक नगर, नेहरू नगर, राकेश मार्ग, मालीवाड़ा, लोहिया नगर, कल्लूपुरा, बालू पुरा, रामनगर, अर्जुन नगर, तुराबनगर, गांधी नगर, मॉडल टाउन, कैला भट्टा, गोशाला अंडर ब्रिज, प्रताप विहार, विजयनगर, भीमनगर, सैन विहार, शांति नगर, संजय नगर, कविनगर, शास्त्री नगर, चिरंजीव विहार, राजेंद्र नगर, लाजपतनगर, वैशाली, वसुंधरा, शालीमार गार्डन, श्यामपार्क
हो जाएगी मुश्किल
शहर के करीब सवा दो सौ नालों की सफाई कराकर सिल्ट उठाना दो महीनों में मुश्किल हो जाएगा। अधिकांश नालों पर अतिक्रमण है। ऐसे में इनकी सफाई से पहले निगम को अतिक्रमण भी हटाना पड़ेगा।
नालों से निकलकर नालों में ही बह जाती है सिल्ट
नगर निगम की लेटलतीफी की वजह से बीते साल भी नालों की सफाई पूरी तरह नहीं हो पाई थी। आरडीसी, शिब्बनपुरा, जीवन विहार समेत कई कालोनियों में निगम ने बरसात से एक सप्ताह पहले सिल्ट निकाली, लेकिन उसे उठाया नहीं गया। बारिश में वह सिल्ट बहकर फिर नाले में पहुंच गई।
बारिश की स्थिति-
2014 550 मिमी
2015 430 मिमी
2016 1000 मिमी अनुमानित
..
बयान--- नालों की सफाई व्यवस्था पर नगर आयुक्त से बात की जा चुकी है। सफाई का शेड्यूल तैयार कराकर जल्द ही सिल्ट निकालने का काम शुरू कराया जाएगा। प्रयास है कि 15 जून तक शहर के सभी नालों की सफाई कर सिल्ट उठा ली जाए। - अशु वर्मा, महापौर
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शहर में ज्यादातर नाले-सीवर गंदगी से अटे हुए हैं। बरसात में जल निकासी होना आसान नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस साल समय से पहले 15 से 18 जून तक मानसून दस्तक दे सकता है।
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इससे पहले दो तूफानी बारिश होने का भी पूर्वानुमान है। ऐसे में निगम को नालों की सफाई का मौका भी नहीं मिलेगा। बीते साल भी मामूली बारिश में ही लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ गया था।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून इस बार जमकर बरसेगा, जिससे 106 फीसदी बारिश (करीब 1000 मिमी) होने की अनुमान है। इससे पहले शहर के छोटे-बड़े 215 नालों और सीवर लाइनों की सफाई होनी चाहिए थी।
नगर निगम ने अभी तक नालों की सफाई शुरू भी नहीं की है। नालों में जमा सिल्ट के चलते निकासी के लिए जगह बेहद कम हो गई है। सामान्य बारिश में ही शहर के नाले-सीवर ओवरफ्लो हो जाते हैं। ऐसे में भारी बारिश हुई तो हालात कैसे होंगे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है ।
इन क्षेत्रों में होता है जलभराव
अशोक नगर, नेहरू नगर, राकेश मार्ग, मालीवाड़ा, लोहिया नगर, कल्लूपुरा, बालू पुरा, रामनगर, अर्जुन नगर, तुराबनगर, गांधी नगर, मॉडल टाउन, कैला भट्टा, गोशाला अंडर ब्रिज, प्रताप विहार, विजयनगर, भीमनगर, सैन विहार, शांति नगर, संजय नगर, कविनगर, शास्त्री नगर, चिरंजीव विहार, राजेंद्र नगर, लाजपतनगर, वैशाली, वसुंधरा, शालीमार गार्डन, श्यामपार्क
हो जाएगी मुश्किल
शहर के करीब सवा दो सौ नालों की सफाई कराकर सिल्ट उठाना दो महीनों में मुश्किल हो जाएगा। अधिकांश नालों पर अतिक्रमण है। ऐसे में इनकी सफाई से पहले निगम को अतिक्रमण भी हटाना पड़ेगा।
नालों से निकलकर नालों में ही बह जाती है सिल्ट
नगर निगम की लेटलतीफी की वजह से बीते साल भी नालों की सफाई पूरी तरह नहीं हो पाई थी। आरडीसी, शिब्बनपुरा, जीवन विहार समेत कई कालोनियों में निगम ने बरसात से एक सप्ताह पहले सिल्ट निकाली, लेकिन उसे उठाया नहीं गया। बारिश में वह सिल्ट बहकर फिर नाले में पहुंच गई।
बारिश की स्थिति-
2014 550 मिमी
2015 430 मिमी
2016 1000 मिमी अनुमानित
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बयान--- नालों की सफाई व्यवस्था पर नगर आयुक्त से बात की जा चुकी है। सफाई का शेड्यूल तैयार कराकर जल्द ही सिल्ट निकालने का काम शुरू कराया जाएगा। प्रयास है कि 15 जून तक शहर के सभी नालों की सफाई कर सिल्ट उठा ली जाए। - अशु वर्मा, महापौर