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Ghaziabad News: छूट खत्म होने को आई, बिल वसूली नहीं हो पाई
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गाजियाबाद। एक मुश्त समाधान योजना के तीनों चरण शुक्रवार को खत्म होने वाले हैं, लेकिन अभी भी 385 करोड़ रुपये का बकाया बिल उपभोक्ताओं से जमा नहीं कराया जा सका है। योजना की शुरुआत से पहले जोन एक में 49 करोड़, जोन दो में 348 करोड़ और जोन तीन में 62 करोड़ रुपये का बिल उपभोक्ताओं पर बकाया था। योजना के समाप्त होने के एक दिन पहले तक तीनों जोन ने कुल 73.84 करोड़ की ही रिकवरी पूरी की।
जोन एक के मुख्य अभियंता अशोक सुंदरम ने बताया कि जोन एक में 57290 उपभोक्ताओं पर 49 करोड़ रुपये का बिजली का बिल बकाया था। एक मुश्त समाधान योजना का लाभ उठाते हुए 11545 उपभोक्ताओं ने 8.37 करोड़ रुपये के बिल का भुगतान किया। 45745 ऐसे उपभोक्ता अभी भी जोन एक में बचे हैं, जिन्होंने न तो ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया और न ही अपने बिल का भुगतान कर रहे हैं।
जोन दो के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि जोन दो में 1,55,926 उपभोक्ताओं को ओटीएस योजना के तहत पात्र थे। जिनपर 348 करोड़ रुपये का विद्युत का बिल बकाया है। 52,429 बकायेदार उपभोक्ताओं ने ओटीएस के तहत पंजीकरण कराते हुए करते हुए व 63 हजार उपभोक्ताओं ने बिना ओटीएस का लाभ उठाए 32 करोड़ रुपये के बकाया बिल का भुगतान किया। इस दौरान लगभग 40 हजार बकायेदारों के यहां कार्रवाई करते हुए उनके लाईन काटी गई।
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जोन तीन के मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि जोन तीन में 89080 उपभोक्ताओं पर 62 करोड़ रुपये के बिल का बकाया है। तीनों चरण के दौरान 18,659 उपभोक्ताओं ने 12.94 करोड़ रुपये के बिल का भुगतान किया। ऐसे में जोन तीन में 70,421 ऐसे उपभोक्ता हैं। जिन्होंने अभी तक अपने बिल का भुगतान नहीं किया है।
50 हजार से अधिक लाॅग पेंड के मामले : तीनों जोन में 50 हजार से अधिक ऐसे मामले हैं, जिन्होंने ऊर्जा निगम के लाखों रुपये के बिल को रोककर रखा है। इनपर उपभोक्ताओं ने पिछले एक साल से ऊर्जा निगम के बिल के एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया है। इनपर कार्रवाई भी की गई है। कनेक्शन काटने के साथ ही इनको आरसी भी जारी किया गया, लेकिन अब भी यह बकाए बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
कनेक्शन लेने के बाद छह हजार उपभोक्ता गायब : बिजली के बिल के बकायेदारों में छह हजार से अधिक ऐसे मामले हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद से अब तक एक भी रुपये जमा नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं पर बकाया वसूली के लिए ऊर्जा निगम की टीम इनकी लगातार तलाश कर रही है। क्योंकि या तो यह किसी के यहां किराये के मकान में रहकर कारोबार किया और कनेक्शन लिया।
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जोन एक के मुख्य अभियंता अशोक सुंदरम ने बताया कि जोन एक में 57290 उपभोक्ताओं पर 49 करोड़ रुपये का बिजली का बिल बकाया था। एक मुश्त समाधान योजना का लाभ उठाते हुए 11545 उपभोक्ताओं ने 8.37 करोड़ रुपये के बिल का भुगतान किया। 45745 ऐसे उपभोक्ता अभी भी जोन एक में बचे हैं, जिन्होंने न तो ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया और न ही अपने बिल का भुगतान कर रहे हैं।
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जोन दो के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि जोन दो में 1,55,926 उपभोक्ताओं को ओटीएस योजना के तहत पात्र थे। जिनपर 348 करोड़ रुपये का विद्युत का बिल बकाया है। 52,429 बकायेदार उपभोक्ताओं ने ओटीएस के तहत पंजीकरण कराते हुए करते हुए व 63 हजार उपभोक्ताओं ने बिना ओटीएस का लाभ उठाए 32 करोड़ रुपये के बकाया बिल का भुगतान किया। इस दौरान लगभग 40 हजार बकायेदारों के यहां कार्रवाई करते हुए उनके लाईन काटी गई।
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जोन तीन के मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि जोन तीन में 89080 उपभोक्ताओं पर 62 करोड़ रुपये के बिल का बकाया है। तीनों चरण के दौरान 18,659 उपभोक्ताओं ने 12.94 करोड़ रुपये के बिल का भुगतान किया। ऐसे में जोन तीन में 70,421 ऐसे उपभोक्ता हैं। जिन्होंने अभी तक अपने बिल का भुगतान नहीं किया है।
50 हजार से अधिक लाॅग पेंड के मामले : तीनों जोन में 50 हजार से अधिक ऐसे मामले हैं, जिन्होंने ऊर्जा निगम के लाखों रुपये के बिल को रोककर रखा है। इनपर उपभोक्ताओं ने पिछले एक साल से ऊर्जा निगम के बिल के एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया है। इनपर कार्रवाई भी की गई है। कनेक्शन काटने के साथ ही इनको आरसी भी जारी किया गया, लेकिन अब भी यह बकाए बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
कनेक्शन लेने के बाद छह हजार उपभोक्ता गायब : बिजली के बिल के बकायेदारों में छह हजार से अधिक ऐसे मामले हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद से अब तक एक भी रुपये जमा नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं पर बकाया वसूली के लिए ऊर्जा निगम की टीम इनकी लगातार तलाश कर रही है। क्योंकि या तो यह किसी के यहां किराये के मकान में रहकर कारोबार किया और कनेक्शन लिया।