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Ghaziabad News: नर्सरी के नाम पर निगम को हर साल 30 लाख का नुकसान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2024 01:34 AM IST
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The corporation suffers a loss of Rs 30 lakh every year in the name of nursery
गाजियाबाद। सड़क किनारे हरित पट्टी में नर्सरी चलाने की अनुमति लेकर अवैध रूप से दुकानें संचालित की जा रही हैं। कहीं चाय बेची जा रही है तो कहीं मीट का कारोबार चल रहा है। नियमों की अनदेखी के बावजूद नगर निगम का उद्यान विभाग अंजान बना हुआ है। अब महापौर इस मामले का संज्ञान लिया तो विभाग के अधिकारी हरकत में आए हैं। जांच के दौरान पाया गया कि 70 नर्सरी संचालकों ने पांच साल से शुल्क ही जमा नहीं किया है। इस कारण नगर निगम को हर साल 30 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
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महापौर सुनीता दयाल को लगातार नर्सरी संचालकों की मनमानी की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने निरीक्षण किया तो पाया कि कई जगह आवंटित जगह से ज्यादा स्थान घेरकर अतिक्रमण किया गया है। नर्सरियों में पौधे, गमले बेचने की आड़ में अन्य व्यवसाय किया जा रहा है। कई जगह अवैध रूप से अतिक्रमण भी पाया गया है। महापौर ने जांच कराई तो पता चला कि करीब पांच साल से निगम के कोष में 70 नर्सरी संचालकों ने शुल्क ही जमा नहीं किया है। महापौर ने उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह को तत्काल कार्रवाई करते हुए इस माह के अंदर शुल्क जमा नहीं होने पर आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सामान भी जब्त किया जाएगा।
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आवंटी कोई और, कब्जा किसी और का
नगर निगम के पांचों जोन में सड़क किनारे नर्सरी चल रही हैं। इनकी आड़ में हरित पट्टी पर कब्जे का खेल भी तेजी से फैल रहा है। आवंटी को नर्सरी के बाहर अपना नाम, आवंटन की जानकारी और कुल जगह का उल्लेख करना अनिवार्य है लेकिन असल जरूरतमंदों की जगह प्रभावशाली लोगों ने दूसरों के नाम पर नर्सरी लेकर खुद कब्जा जमाया हुआ है। साल दर साल नर्सरी संचालक नगर निगम को राजस्व का नुकसान पहुंचाते रहे और उद्यान विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर ने अपने स्तर पर जांच कराते हुए लापरवाही का खुलासा किया है।
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बिजली कनेक्शन में भी गड़बड़झाला
नर्सरियों में बिजली के कनेक्शन में भी काफी गड़बड़झाला है। कहीं अवैध तरीके से कटिया डालकर बिजली चोरी का खेल चल रहा है तो कहीं मीटर महज नाम के लिए लगाया हुआ है। पेड़ पर लटके और नर्सरी के अंदर टूटे-लटके पड़े मीटर ऊर्जा निगम की लापरवाही की ओर भी इशारा कर रहे हैं। नर्सरी संचालकों से नगर निगम 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से सालाना किराया वसूलता है, इसका भी भुगतान वर्षों से नहीं किया जा रहा है। राजनगर, संजयनगर, हापुड़ चुंगी, कविनगर, वसुंधरा, इंदिरापुरम सहित सभी जोन में नियमों का उल्लंघन खुलेआम हो रहा है।

बयान उद्यान प्रभारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शुल्क जमा नहीं कराने पर नर्सरियों के आवंटन निरस्त किए जाएंगे। साथ ही अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जाएगी। - सुनीता दयाल, महापौर
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