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Ghaziabad News: कार चालक ने साथियों संग मिल की ट्रांसपोर्टर की हत्या
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लोनी। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के अंसल कॉलोनी निवासी ट्रांसपोर्टर चंद्रभान (48) की हत्या कर शव सोनीपत में खेत में फेंक दिया। आरोप कार चालक फारुख उसके भाई शाहरुख और एक अन्य साथी आदिल पर है। छह दिन बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मूलरूप से महोबा के खरेला गांव निवासी चंद्रभान करीब 30 सालों से अंसल कॉलोनी में रहते थे। उनके पास कई कारें हैं और उसे वह किराये पर चलाते थे। पावी में रहने वाले दो भाई फारूख और शाहरुख उनकी कार को किराये पर चलाने के लिए ले जाते हैं। चंद्रभान के भाई आनंद ने बताया कि शुक्रवार सुबह फारूख चंद्रभान को साथ लेकर कार में कुछ काम कराने की बात कहकर गया था। रास्ते में शाहरुख भी मिल गया था। दोनों चंद्रभान को कार मिस्त्री आदिल के पास ले गए थे।
इसके बाद चंद्रभान जब घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उन्हें कॉल किया। कॉल पर आरोपियों ने चंद्रभान के सोने की बात कही। फारूख सुबह से लेकर रात तक परिजनों को टरकाता रहा। रातभर तलाशने के बाद चंद्रभान का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजन जब फारूख और शाहरुख के घर गए तो पता चला कि दोनों परिवार को लेकर कहीं चले गए हैं। इसके बाद परिजनों ट्रॉनिका सिटी थाने में मामले की शिकायत की। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
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बुधवार सुबह पुलिस ने एक आरोपी फारुख को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस उसे और ट्रांसपोर्टर के परिजनों को लेकर सोनीपत गई और शव को साथ लेकर आई। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने फारुख के भाई को भी हिरासत में ले लिया है और आदिल की तलाश की जा रही है।
दिल्ली में लूट करने पर छोटे भाई ने कार नहीं दी : आनंद ने बताया कि फारूख उनकी कार किराये पर चलाता था। करीब एक साल पहले फारूख ने दिल्ली में किसी लूट की घटना को अंजाम दिया था। दिल्ली के थाने में रिपोर्ट दर्ज है। लूट के बाद उन्होंने कार देने से इन्कार कर दिया था। करीब चार माह पहले फारूख उनके भाई चंद्रभान के पास आया और किराये पर कार चलाने के लिए कहने लगा। चंद्रभान ने फारूख को कार किराये पर देने का फैसला लिया था। आनंद अपने भाई से फारूख को कार देने का विरोध कर रहा था लेकिन चंद्रभान ने नहीं माना।
कार में झगड़ा होने पर पीटकर मार डाला
पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि चंद्रभान, फारूख, शाहरूख और आदिल चारों एक साथ थे। चारों दिल्ली की तरफ जा रहे थे। रास्ते में चंद्रभान और तीनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। झगड़ा होने के बाद चंद्रभान के साथ मारपीट करने लगे। मारपीट में चंद्रभान की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी चंद्रभान के शव को सोनीपत के खेतों में फेंक आए थे। हत्या के बाद आरोपी अपने घर आ गए थे, जिससे किसी को शक ना हो। पुलिस की जांच तेज हुई तो आरोपी फरार हो गए थे।
कुछ घंटे और न पहुंचती पुलिस तो हो जाता अंतिम संस्कार
सोनीपत पुलिस को शनिवार को एक अज्ञात युवक का शव खेत में मिला था। शिनाख्त नहीं होने पर चंद्रभान के शव का पोस्टमार्टम तीन दिन बाद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को चंद्रभान के शव का लावारिस में अंतिम संस्कार होने वाला था। लोनी पुलिस समय पर पहुंच गई और अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। वहीं, दोपहर के समय चंद्रभान का शव जब घर पहुंचा, तो पत्नी और बच्चे चंद्रभान के शव को देखकर फूटफूट कर रोने लगे। परिवार में पत्नी ऊषा देवी, बच्चे पूनम, अन्नू, पूजा, रवि और अभिषेक हैं।
बयान
हत्या कहां हुई है, इसका पता नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने से मौत होना आया है। मृतक के चेहरे, गले और सीने पर चोट के निशान हैं। परिजनों से हत्या की तहरीर ली जा रही है। दो आरोपी अपने मूल निवास कानपुर भागे हुए हैं। एक आरोपी बागपत का रहने वाला है। पुलिस आरोपियों के नजदीक है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। - सूर्यबली मौर्य, एसीपी लोनी
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मूलरूप से महोबा के खरेला गांव निवासी चंद्रभान करीब 30 सालों से अंसल कॉलोनी में रहते थे। उनके पास कई कारें हैं और उसे वह किराये पर चलाते थे। पावी में रहने वाले दो भाई फारूख और शाहरुख उनकी कार को किराये पर चलाने के लिए ले जाते हैं। चंद्रभान के भाई आनंद ने बताया कि शुक्रवार सुबह फारूख चंद्रभान को साथ लेकर कार में कुछ काम कराने की बात कहकर गया था। रास्ते में शाहरुख भी मिल गया था। दोनों चंद्रभान को कार मिस्त्री आदिल के पास ले गए थे।
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इसके बाद चंद्रभान जब घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उन्हें कॉल किया। कॉल पर आरोपियों ने चंद्रभान के सोने की बात कही। फारूख सुबह से लेकर रात तक परिजनों को टरकाता रहा। रातभर तलाशने के बाद चंद्रभान का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजन जब फारूख और शाहरुख के घर गए तो पता चला कि दोनों परिवार को लेकर कहीं चले गए हैं। इसके बाद परिजनों ट्रॉनिका सिटी थाने में मामले की शिकायत की। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
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बुधवार सुबह पुलिस ने एक आरोपी फारुख को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस उसे और ट्रांसपोर्टर के परिजनों को लेकर सोनीपत गई और शव को साथ लेकर आई। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने फारुख के भाई को भी हिरासत में ले लिया है और आदिल की तलाश की जा रही है।
दिल्ली में लूट करने पर छोटे भाई ने कार नहीं दी : आनंद ने बताया कि फारूख उनकी कार किराये पर चलाता था। करीब एक साल पहले फारूख ने दिल्ली में किसी लूट की घटना को अंजाम दिया था। दिल्ली के थाने में रिपोर्ट दर्ज है। लूट के बाद उन्होंने कार देने से इन्कार कर दिया था। करीब चार माह पहले फारूख उनके भाई चंद्रभान के पास आया और किराये पर कार चलाने के लिए कहने लगा। चंद्रभान ने फारूख को कार किराये पर देने का फैसला लिया था। आनंद अपने भाई से फारूख को कार देने का विरोध कर रहा था लेकिन चंद्रभान ने नहीं माना।
कार में झगड़ा होने पर पीटकर मार डाला
पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि चंद्रभान, फारूख, शाहरूख और आदिल चारों एक साथ थे। चारों दिल्ली की तरफ जा रहे थे। रास्ते में चंद्रभान और तीनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। झगड़ा होने के बाद चंद्रभान के साथ मारपीट करने लगे। मारपीट में चंद्रभान की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी चंद्रभान के शव को सोनीपत के खेतों में फेंक आए थे। हत्या के बाद आरोपी अपने घर आ गए थे, जिससे किसी को शक ना हो। पुलिस की जांच तेज हुई तो आरोपी फरार हो गए थे।
कुछ घंटे और न पहुंचती पुलिस तो हो जाता अंतिम संस्कार
सोनीपत पुलिस को शनिवार को एक अज्ञात युवक का शव खेत में मिला था। शिनाख्त नहीं होने पर चंद्रभान के शव का पोस्टमार्टम तीन दिन बाद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को चंद्रभान के शव का लावारिस में अंतिम संस्कार होने वाला था। लोनी पुलिस समय पर पहुंच गई और अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। वहीं, दोपहर के समय चंद्रभान का शव जब घर पहुंचा, तो पत्नी और बच्चे चंद्रभान के शव को देखकर फूटफूट कर रोने लगे। परिवार में पत्नी ऊषा देवी, बच्चे पूनम, अन्नू, पूजा, रवि और अभिषेक हैं।
बयान
हत्या कहां हुई है, इसका पता नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने से मौत होना आया है। मृतक के चेहरे, गले और सीने पर चोट के निशान हैं। परिजनों से हत्या की तहरीर ली जा रही है। दो आरोपी अपने मूल निवास कानपुर भागे हुए हैं। एक आरोपी बागपत का रहने वाला है। पुलिस आरोपियों के नजदीक है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। - सूर्यबली मौर्य, एसीपी लोनी