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Ghaziabad News: बैंककर्मी ने बताया था खाते में है रकम, क्लोन बनाने के लिए भेजी थी पुराने चेक की फोटो

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 18 Sep 2023 01:29 AM IST
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The bank employee had told that there is money in the account, had sent a photo of the old check to make a clone.
गाजियाबाद। फर्जी चेक लगाकर यूपी पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा शिशुपाल के खाते से 7.5 लाख रुपये निकालने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर मुख्य आरोपी आलोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि शिशुपाल के खाते में रकम होने की जानकारी उनको बैंककर्मी ने दी थी, उनके खाते में लगे पुराने चेक की फोटो भी उसी ने क्लोन बनाने के लिए भेजी थी। उसी आधार पर आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक में जमा पिछले चेक नंबर से आगे के नंबर का फर्जी चेक तैयार कर उसपर शिशुपाल के जैसे हस्ताक्षर कर लिए और उसको उनके खाते में लगाकर अपने खाते में रकम ट्रांसफर करा ली। इतना ही नहीं, इसके लिए आरोपी ने दिल्ली की कोटक महिंद्रा बैंक में 2018 में ऑनलाइन खाता भी खुलवाया था।
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आरोपी आलोक कुमार खेड़ा कुर्सी थाना रसूलाबाद, कानपुर देहात का रहने वाला है और वह लंबे समय से गुड़गांव की जलविहार कॉलोनी में रहता है। गुड़गांव में आलोक कैब चालक और कार की खरीद बिक्री का काम करता था। उसने बताया कि इससे पहले तीन लोगों के खाते से इस तरह करके अपने खाते में उसने रकम ट्रांसफर कराई थी। 2019 में आलोक दिल्ली की क्राइम ब्रांच पुलिस द्वारा इसी तरह ठगी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
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कार्यवाहक एसीपी रितेश त्रिपाठी ने बताया कि आलोक अपने साथी अरुण पाठक के साथ मिलकर ऐसे खातों से रकम निकालने की योजना बनाते थे, जिनमें तीन साल से ज्यादा समय से लेनदेन नहीं हुआ है। अरुण ही बैंककर्मी से साठगांठ करने में माहिर था। अरुण पाठक व तीन अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। उनको भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

यह है पूरा मामला :
नेहरूनगर निवासी शिशुपाल इन दिनों त्रिलोक अपार्टमेंट, प्रोफेसर काॅलोनी, आगरा में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका बचत खाता गाजियाबाद की इलाहाबाद बैंक में था, जो पिछले दिनों इंडियन बैंक नवयुग मार्केट में सम्मिलित हो गया था। शिशुपाल ने बताया कि उन्होंने मई 2019 को अपने खाते से 1.20 लाख रुपये चेक द्वारा निकाले थे। शेष रकम उनके खाते में जमा थी। इसके बाद वह बैंक नहीं गए। अगस्त 2023 को वह खाते से नकदी निकालने के लिए बैंक शाखा गए तो पता चला कि उनके खाते से छह जून 2023 को किसी ने फर्जी चेक पर उनके नाम के फर्जी हस्ताक्षर कर 7.5 लाख रुपये निकाल लिए।
जानकारी करने पर बैंक मैनेजर के द्वारा बताया गया कि यह रकम दिल्ली की कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा में आलोक कुमार के खाते में ट्रांसफर की गई है जबकि पूर्व में इलाहाबाद बैंक की शाखा की जो चेक बुक उनके पास थी, उसको उन्होंने फाड़कर फेंक दिया था और नई चेक बुक इंडियन बैंक शाखा से उसी समय जारी करा ली थी।

उनका आरोप है कि बैंक शाखा की ओर से इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी गई लेकिन कैशियर से लेकर किसी ने उनको फोन कर जानकारी लेने तक की कोशिश नहीं की। जबकि एक लाख से ज्यादा की रकम निकाले जाने पर नियम के तहत बैंक शाखा की ओर से फोन कर इसकी जानकारी पूछी जाती है। उनका यह भी कहना है कि उनके खाते की जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे हुई, यह भी जांच का विषय है।
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