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Ghaziabad News: आईसीआईसीआई बैंक के रिश्वत मामले में गवाही पूरी
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गाजियाबाद। मथुरा के भूतेश्वर स्थित आईसीआईसीआई बैंक की शाखा में गृह ऋण की शेष रकम जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। मामले में पेश हुए गवाह विनोद ठाकुर की गवाही पूरी हो गई। इसके बाद विशेष न्यायाधीश भारत सिंह यादव की अदालत ने सुनवाई आगे बढ़ाते हुए अगली तारीख निर्धारित कर दी।
सीबीआई के अनुसार मथुरा के हंसराज नगर निवासी महेश गौतम ने मकान निर्माण के लिए आईसीआईसीआई बैंक की भूतेश्वर शाखा से 10 लाख रुपये का गृह ऋण स्वीकृत कराया था। बैंक की ओर से ऋण की तीन लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई थी। इसके बाद शेष सात लाख रुपये की रकम जारी नहीं की गई। आरोप है कि उस समय शाखा में ऋण प्रबंधक के पद पर तैनात सोनू सिकरवार ने शेष ऋण राशि जारी करने के लिए महेश गौतम से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। महेश ने इसकी शिकायत सीबीआई से की। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद एजेंसी ने ट्रैप की कार्रवाई की। सीबीआई का आरोप है कि ट्रैप के दौरान रिश्वत की रकम लेते समय तत्कालीन ऋण प्रबंधक सोनू सिकरवार और बैंक कर्मचारी ऋषव कुमार को गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के बाद सीबीआई ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
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सीबीआई के अनुसार मथुरा के हंसराज नगर निवासी महेश गौतम ने मकान निर्माण के लिए आईसीआईसीआई बैंक की भूतेश्वर शाखा से 10 लाख रुपये का गृह ऋण स्वीकृत कराया था। बैंक की ओर से ऋण की तीन लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई थी। इसके बाद शेष सात लाख रुपये की रकम जारी नहीं की गई। आरोप है कि उस समय शाखा में ऋण प्रबंधक के पद पर तैनात सोनू सिकरवार ने शेष ऋण राशि जारी करने के लिए महेश गौतम से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। महेश ने इसकी शिकायत सीबीआई से की। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद एजेंसी ने ट्रैप की कार्रवाई की। सीबीआई का आरोप है कि ट्रैप के दौरान रिश्वत की रकम लेते समय तत्कालीन ऋण प्रबंधक सोनू सिकरवार और बैंक कर्मचारी ऋषव कुमार को गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई के बाद सीबीआई ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
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