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Ghaziabad News: केदार घाटी में फंसे दस युवक सकुशल गांव लौटे
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मोदीनगर। केदार घाटी में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के बाद वहां फंसे भोजपुर के शकुरपुर गांव निवासी 10 युवक तीन दिन बाद सकुशल रविवार को गांव लौट आए। युवकों के लौटने पर परिजनों के खुशी से आंसू छलक गए। युवकों के बताया कि सेना के जवान उनके लिए भगवान बन कर आए।
भोजपुर गांव निवासी अंकुश कुमार, अनुज, सूरज कुमार, राघव, सचिन कुमार, अनुज, जतिन, विष्णु, नितेश कुमार व अभिषेक कुमार अलग-अलग बाइकों से उत्तराखंड के केदारधाम आदि धार्मिक स्थानों के दर्शनों के लिए गए थे। अंकुश कुमार ने बताया कि 31 जुलाई को वह केदारधाम पहुंचे और टेंट किराये पर लेकर वहीं रुक गए। तभी रात में केदार घाटी में बादल फट गया और भूस्खलन हो गया। स्थानीय प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि केदारनाथ धाम के मार्ग बंद हो गए।
प्रशासन ने घोषणा कराई कि जो जहां है, वो वहीं रहे। तीन दिन तक वह वहीं फंसे रहे। सेना ने उन्हें खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। बताया कि सेना के जवान उनके लिए भगवान बनकर आए और रेस्क्यू कर उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला। रविवार को गांव पहुंचने पर परिजनों ने उनका आरती उतारकर स्वागत किया।
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भोजपुर गांव निवासी अंकुश कुमार, अनुज, सूरज कुमार, राघव, सचिन कुमार, अनुज, जतिन, विष्णु, नितेश कुमार व अभिषेक कुमार अलग-अलग बाइकों से उत्तराखंड के केदारधाम आदि धार्मिक स्थानों के दर्शनों के लिए गए थे। अंकुश कुमार ने बताया कि 31 जुलाई को वह केदारधाम पहुंचे और टेंट किराये पर लेकर वहीं रुक गए। तभी रात में केदार घाटी में बादल फट गया और भूस्खलन हो गया। स्थानीय प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि केदारनाथ धाम के मार्ग बंद हो गए।
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प्रशासन ने घोषणा कराई कि जो जहां है, वो वहीं रहे। तीन दिन तक वह वहीं फंसे रहे। सेना ने उन्हें खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। बताया कि सेना के जवान उनके लिए भगवान बनकर आए और रेस्क्यू कर उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला। रविवार को गांव पहुंचने पर परिजनों ने उनका आरती उतारकर स्वागत किया।
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