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Ghaziabad News: मकनपुर में बिजली गिरने से किशोरी की मौत, छह झुलसे
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बिजली गिरने की खबर से संबंधित
इंदिरापुरम। मकनपुर में हनुमान मंदिर के सामने शुक्रवार सुबह नौ बजे तेज बारिश के बीच बहुत तेज आवाज के साथ गिरी बिजली ने 12 साल की अख्तूरी की जान ले ली जबकि उसके पास खड़ीं दो किशोरियां और तीन महिलाएं बुरी तरह झुलस गईं। वे सभी बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ी हुई थीं। उसी पेड़ से होते हुए बिजली अख्तूरी के सिर पर गिरी। सभी को जोर का झटका लगा और वे झुलसते हुए जमीन पर गिर पडीं।
रोंगटे खड़े कर देने वाले दर्दनाक हादसे को देख पास खड़े लोग सहम गए। वे उन्हें संयुक्त अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सक ने अख्तूरी को मृत बताया। अन्य पांच को भर्ती कर लिया। पांचों की हालत गंभीर है। वे बहुत घबराई हुई थीं और डर के मारे गुमसुम हो गईं थीं। मंदिर परिसर में लगे कैमरे में यह घटना रिकाॅर्ड हो गई। इसके आठ सेकंड के वीडियो से हादसे की भयावहता का पता चला। वीडियो में नजर आ रहा है कि अचानक पेड़ के पत्तों के बीच बिजली चमकती है और अगले ही पल किशोरी और महिलाएं गिर पड़ती हैं।
पेड़ के नीचे पहुंचते ही गिर गई बिजली : बिहार के पूर्णियां के रहने वाले रिक्शा चालक तबरेज मकनपुर में हनुमान मंदिर के पीछे झुग्गी में रहते हैं। उनकी बेटी जाकसीना खातून (17), अख्तूरी खातून (12) समेत छह बच्चे हैं। पड़ोस की झुग्गी में रहने वाली अजमेरी खातून (35), शालू खातून (40) और शबाना खातून (30) आसपास छोटा-मोटा काम करके घर चलाती हैं।
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नंदिनी अहिरवार (16) भी पास में रहती है। जाकसीना और अख्तूरी दुकान से सामान लेने जा रही थी। उनके पीछे अजमेरी, शालू और शबाना काम करने जा रही थीं जबकि नंदिनी मंदिर के पास खड़ी थी। बारिश से बचने के लिए सभी पेड़ के नीचे आ गईं। तभी बिजली गिर गई। तहसीलदार रवि कुमार सिंह ने बताया कि अख्तूरी के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
ऐसी दहशत... पैर आगे ही नहीं बढ़े
इस घटना के चश्मदीदों में शामिल पंडित रोहित दुबे ने बताया कि वह पास में ही सीढ़ियों पर खड़े थे। आसपास और भी लोग थे। पहले पेड़ से होकर बिजली चमकी, इसके बाद कड़कने की आवाज आई। आवाज बहुत तेज और डरावनी थी। उस समय उनकी नजर पेड़ की तरफ ही थी। उनके सामने ही किशोरियां और महिलाएं बिजली से झुलस गईं। यह देख वह दहशत में आ गए। वह उनकी मदद के लिए दौड़कर जाना चाहते थे लेकिन डर के मारे कुछ देर तक उनके पैर आगे नहीं बढ़ सके। घटना के दौरान पुजारी पंडित सूर्य प्रकाश मंदिर में पूजा कर रहे थे। वे बिजली गिरने की आवाज सुनकर बाहर आए। उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी और लोगों की मदद से झुलसी हुई किशोरियों और महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया।
इसका ध्यान रखें
बारिश के दौरान खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों या किसी खंभे के पास न जाएं, इनमें बिजली गिरने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
बिजली से खुद को बचाने का सबसे अच्छा तरीका घर और दफ्तर जैसी सुरक्षित, मजबूत और बंद इमारत में रहना है।
यदि आप खुले आसमाने के नीचे खड़े हैं और आपके आश्रय के लिए कोई जगह नहीं है, तो दोनों पैरों को एक साथ कर सिर झुकाकर जहां है, वहीं बैठ जाएं। हाथों को घुटने पर उनके बीच अपने सिर के साथ रखें।
यदि आप भीड़ में हैं तो लोगों से दूर हो जाएं। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बिल्कुल न रहें। एक दूसरे से समुचित दूरी बनाकर रखें।
( प्रशासन की ओर से जारी )
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रोंगटे खड़े कर देने वाले दर्दनाक हादसे को देख पास खड़े लोग सहम गए। वे उन्हें संयुक्त अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सक ने अख्तूरी को मृत बताया। अन्य पांच को भर्ती कर लिया। पांचों की हालत गंभीर है। वे बहुत घबराई हुई थीं और डर के मारे गुमसुम हो गईं थीं। मंदिर परिसर में लगे कैमरे में यह घटना रिकाॅर्ड हो गई। इसके आठ सेकंड के वीडियो से हादसे की भयावहता का पता चला। वीडियो में नजर आ रहा है कि अचानक पेड़ के पत्तों के बीच बिजली चमकती है और अगले ही पल किशोरी और महिलाएं गिर पड़ती हैं।
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पेड़ के नीचे पहुंचते ही गिर गई बिजली : बिहार के पूर्णियां के रहने वाले रिक्शा चालक तबरेज मकनपुर में हनुमान मंदिर के पीछे झुग्गी में रहते हैं। उनकी बेटी जाकसीना खातून (17), अख्तूरी खातून (12) समेत छह बच्चे हैं। पड़ोस की झुग्गी में रहने वाली अजमेरी खातून (35), शालू खातून (40) और शबाना खातून (30) आसपास छोटा-मोटा काम करके घर चलाती हैं।
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नंदिनी अहिरवार (16) भी पास में रहती है। जाकसीना और अख्तूरी दुकान से सामान लेने जा रही थी। उनके पीछे अजमेरी, शालू और शबाना काम करने जा रही थीं जबकि नंदिनी मंदिर के पास खड़ी थी। बारिश से बचने के लिए सभी पेड़ के नीचे आ गईं। तभी बिजली गिर गई। तहसीलदार रवि कुमार सिंह ने बताया कि अख्तूरी के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
ऐसी दहशत... पैर आगे ही नहीं बढ़े
इस घटना के चश्मदीदों में शामिल पंडित रोहित दुबे ने बताया कि वह पास में ही सीढ़ियों पर खड़े थे। आसपास और भी लोग थे। पहले पेड़ से होकर बिजली चमकी, इसके बाद कड़कने की आवाज आई। आवाज बहुत तेज और डरावनी थी। उस समय उनकी नजर पेड़ की तरफ ही थी। उनके सामने ही किशोरियां और महिलाएं बिजली से झुलस गईं। यह देख वह दहशत में आ गए। वह उनकी मदद के लिए दौड़कर जाना चाहते थे लेकिन डर के मारे कुछ देर तक उनके पैर आगे नहीं बढ़ सके। घटना के दौरान पुजारी पंडित सूर्य प्रकाश मंदिर में पूजा कर रहे थे। वे बिजली गिरने की आवाज सुनकर बाहर आए। उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी और लोगों की मदद से झुलसी हुई किशोरियों और महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया।
इसका ध्यान रखें
बारिश के दौरान खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों या किसी खंभे के पास न जाएं, इनमें बिजली गिरने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
बिजली से खुद को बचाने का सबसे अच्छा तरीका घर और दफ्तर जैसी सुरक्षित, मजबूत और बंद इमारत में रहना है।
यदि आप खुले आसमाने के नीचे खड़े हैं और आपके आश्रय के लिए कोई जगह नहीं है, तो दोनों पैरों को एक साथ कर सिर झुकाकर जहां है, वहीं बैठ जाएं। हाथों को घुटने पर उनके बीच अपने सिर के साथ रखें।
यदि आप भीड़ में हैं तो लोगों से दूर हो जाएं। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बिल्कुल न रहें। एक दूसरे से समुचित दूरी बनाकर रखें।
( प्रशासन की ओर से जारी )

बिजली गिरने की खबर से संबंधित

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