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स्वाइन फ्लू : सर्दी-जुकाम के हर पांचवें मरीज में दिख रहे फ्लू जैसे लक्षण
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जिला अस्पताल की ओपीडी में इंतजार करते मरीज। संवाद
गाजियाबाद। मौसम में बदलाव के साथ जिले में स्वाइन फ्लू का असर बढ़ता जा रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के अनुसार, सर्दी-जुकाम की शिकायत लेकर पहुंचने वाले करीब हर पांचवें मरीज में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, सामान्य वायरल और स्वाइन फ्लू के लक्षण काफी हद तक एक जैसे होने के कारण तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक जांच की सलाह दे रहे हैं। इस बीच बुधवार को जिले में दो नए मरीजों की पुष्टि हुई। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि एक मरीज क्रॉसिंग रिपब्लिक और दूसरा वसुंधरा में मिला। दोनों मरीजों का घर पर उपचार चल रहा है। इसके साथ ही जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संदिग्ध मरीज मिलने पर चिकित्सकों को जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों के उपचार के लिए अस्पतालों में बेड भी आरक्षित किए गए हैं। विभाग की ओर से लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। समय पर पहचान और उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
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अब जिले में ही होगी स्वाइन फ्लू की जांच
संयुक्त जिला अस्पताल को स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किट उपलब्ध हो गई है। इससे संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच अब जिले में ही की जा सकेगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से किट की खरीद की गई है। किट उपलब्ध होने के बाद पहले दिन तीन संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए लिए गए। अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जाएगी। इससे रिपोर्ट के लिए बाहर की प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी और जांच में तेजी आएगी।
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37 में से 17 मरीजों को करना पड़ा भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में अब तक सामने आए 37 स्वाइन फ्लू मरीजों में से 17 को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल, सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। मंगलवार को भी दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। लगातार नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीएमओ डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने कहा कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है और अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की।
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हालांकि, सामान्य वायरल और स्वाइन फ्लू के लक्षण काफी हद तक एक जैसे होने के कारण तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक जांच की सलाह दे रहे हैं। इस बीच बुधवार को जिले में दो नए मरीजों की पुष्टि हुई। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि एक मरीज क्रॉसिंग रिपब्लिक और दूसरा वसुंधरा में मिला। दोनों मरीजों का घर पर उपचार चल रहा है। इसके साथ ही जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
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जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संदिग्ध मरीज मिलने पर चिकित्सकों को जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों के उपचार के लिए अस्पतालों में बेड भी आरक्षित किए गए हैं। विभाग की ओर से लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। समय पर पहचान और उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
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अब जिले में ही होगी स्वाइन फ्लू की जांच
संयुक्त जिला अस्पताल को स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किट उपलब्ध हो गई है। इससे संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच अब जिले में ही की जा सकेगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से किट की खरीद की गई है। किट उपलब्ध होने के बाद पहले दिन तीन संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए लिए गए। अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जाएगी। इससे रिपोर्ट के लिए बाहर की प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी और जांच में तेजी आएगी।
37 में से 17 मरीजों को करना पड़ा भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में अब तक सामने आए 37 स्वाइन फ्लू मरीजों में से 17 को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल, सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। मंगलवार को भी दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। लगातार नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीएमओ डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने कहा कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है और अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की।