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Ghaziabad News: मोबाइल फोन ले जाने पर छात्रों को परीक्षा से रोका, पांच घंटे हंगामा
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गाजियाबाद। आईएमआर कॉलेज में बुधवार को बीएड परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन को लेकर परीक्षार्थियों और कॉलेज प्रशासन के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि करीब पांच घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया और बाद में मेरठ-दिल्ली रोड पर जाम लगाकर यातायात बाधित कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने मोबाइल फोन और बैग जमा करने की कोई व्यवस्था नहीं की। इस कारण वह अनजाने में मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गए। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों के पास मोबाइल फोन मिलने पर करीब 30 विद्यार्थियों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया।
दिल्ली-मेरठ रोड स्थित कॉलेज में बुधवार को बीएड प्रथम वर्ष की शिक्षा में दार्शनिक और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण विषय की परीक्षा थी। करीब एक हजार छात्र-छात्राएं ये परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं का आरोप है कि केंद्र में प्रवेश से पहले कॉलेज प्रशासन ने उनकी तलाशी नहीं ली और ऐसे ही अंदर जाने दिया।
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परीक्षा कक्ष में भी मोबाइल फोन जमा नहीं कराया गया। इसके बाद करीब 10ः30 बजे मोबाइल फोन मिलने की बात कहकर उन्हें केंद्र से बाहर कर दिया गया। इससे छात्रों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट कारण के उन्हें परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। इससे उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। कई छात्र बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से परीक्षा देने पहुंचे थे।
घटना की सूचना मिलने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
एबीवीपी कार्यकर्ता छात्रों के साथ कॉलेज के अंदर घुस गए और धरने पर बैठ गए। बाद में कॉलेज प्रबंधन के समझाने पर उन्होंने धरना खत्म किया। एबीवीपी कार्यकर्ता तनिष्क सिसौदिया ने कहा कि कॉलेज की गलती का भुगतान छात्र क्यों करें।उन्होंने बताया कि आश्वासन दिया गया है कि विश्वविद्यालय से बात कर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे छात्र शांत हुए।
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लोगों के समझाने पर खोला जाम
हंगामे और सड़क जाम के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में जाम में फंसे लोगों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, तब जाकर करीब आधे घंटे बाद छात्र सड़क से हटे।
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नहीं चलते है कॉलेज के सीसीटीवी कैमरे
छात्रों का आरोप है कि कमरा नंबर 31 में एक परीक्षक ने इंटरनेट के माध्यम से कुछ छात्रों की मदद की है। इसको लेकर एबीवीपी ने चेक कराया तो पाया कि उस कमरे में सीसीटीवी भी नहीं लगा है।
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परीक्षा से वंचित छात्र बोले
गेट पर कॉलेल की ओर से कोई चेकिंग नहीं की तो मोबाइल लेकर अंदर गए और उसे बंद करके शिक्षक को दे दिया था। इसके बावजूद भी बाहर निकाल दिया गया है।
-साजन मंडल
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बाहर निकालते वक्त सुरक्षाकर्मियों ने धक्कामुक्की की है। इसका छात्रों ने विरोध किया तो उन्हें भुगत लेने की धमकी दी गई।
-सतवीर
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कॉलेज का पक्ष
कॉलेज प्रबंधन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की है। छात्रों के मामले में विश्वविद्यालय से बात कर पुनः परीक्षा कराने की कोशिश की जाएगी।
-उमेश कुमार, डायरेक्टर आईएमआर कॉलेज, मेरठ रोड
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छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने मोबाइल फोन और बैग जमा करने की कोई व्यवस्था नहीं की। इस कारण वह अनजाने में मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गए। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों के पास मोबाइल फोन मिलने पर करीब 30 विद्यार्थियों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया।
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दिल्ली-मेरठ रोड स्थित कॉलेज में बुधवार को बीएड प्रथम वर्ष की शिक्षा में दार्शनिक और समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण विषय की परीक्षा थी। करीब एक हजार छात्र-छात्राएं ये परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं का आरोप है कि केंद्र में प्रवेश से पहले कॉलेज प्रशासन ने उनकी तलाशी नहीं ली और ऐसे ही अंदर जाने दिया।
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परीक्षा कक्ष में भी मोबाइल फोन जमा नहीं कराया गया। इसके बाद करीब 10ः30 बजे मोबाइल फोन मिलने की बात कहकर उन्हें केंद्र से बाहर कर दिया गया। इससे छात्रों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट कारण के उन्हें परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। इससे उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। कई छात्र बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से परीक्षा देने पहुंचे थे।
घटना की सूचना मिलने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
एबीवीपी कार्यकर्ता छात्रों के साथ कॉलेज के अंदर घुस गए और धरने पर बैठ गए। बाद में कॉलेज प्रबंधन के समझाने पर उन्होंने धरना खत्म किया। एबीवीपी कार्यकर्ता तनिष्क सिसौदिया ने कहा कि कॉलेज की गलती का भुगतान छात्र क्यों करें।उन्होंने बताया कि आश्वासन दिया गया है कि विश्वविद्यालय से बात कर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे छात्र शांत हुए।
लोगों के समझाने पर खोला जाम
हंगामे और सड़क जाम के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में जाम में फंसे लोगों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, तब जाकर करीब आधे घंटे बाद छात्र सड़क से हटे।
नहीं चलते है कॉलेज के सीसीटीवी कैमरे
छात्रों का आरोप है कि कमरा नंबर 31 में एक परीक्षक ने इंटरनेट के माध्यम से कुछ छात्रों की मदद की है। इसको लेकर एबीवीपी ने चेक कराया तो पाया कि उस कमरे में सीसीटीवी भी नहीं लगा है।
परीक्षा से वंचित छात्र बोले
गेट पर कॉलेल की ओर से कोई चेकिंग नहीं की तो मोबाइल लेकर अंदर गए और उसे बंद करके शिक्षक को दे दिया था। इसके बावजूद भी बाहर निकाल दिया गया है।
-साजन मंडल
बाहर निकालते वक्त सुरक्षाकर्मियों ने धक्कामुक्की की है। इसका छात्रों ने विरोध किया तो उन्हें भुगत लेने की धमकी दी गई।
-सतवीर
कॉलेज का पक्ष
कॉलेज प्रबंधन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की है। छात्रों के मामले में विश्वविद्यालय से बात कर पुनः परीक्षा कराने की कोशिश की जाएगी।
-उमेश कुमार, डायरेक्टर आईएमआर कॉलेज, मेरठ रोड