गाजियाबाद कचहरी में हड़ताल खत्म; 37 दिनों से चल रहा था धरना, इस बात पर सहमत हुए वकील
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आखिरकार 37 दिन बाद वकीलों की हड़ताल खत्म हो चुकी है। वकीलों की एक बात को न्यायाधीश ने मान लिया है।
विस्तार
जनपद न्यायालय में 29 अक्तूबर को हुए लाठीचार्ज के विरोध में चार नवंबर से चली आ रही हड़ताल 37 दिन बाद समाप्त हो गई। बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने वीडियो जारी कर बताया कि 22 वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार से मुलाकात की। दोनों पक्षों की वार्ता में एक-दूसरे के गिला शिकवे दूर हुए। इसके बाद जनपद न्यायाधीश ने आश्वासन दिया कि वकीलों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। इसके बाद बार ने हड़ताल समाप्त की घोषणा की। अब बृहस्पतिवार से अधिवक्ता काम पर लौटेंगे।
बार सचिव अमित नेहरा ने बताया कि बुधवार दोपहर तीन बजे जनपद न्यायाधीश और अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में वकीलों के साथ हुई वार्ता में न्यायिक अधिकारियों ने खेद प्रकट किया है। आश्वासन दिया है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जाएगा। इसलिए चार नवंबर से शुरू हुए आंदोलन को समाप्त करते हुए 12 दिसंबर से सुचारू रूप से न्यायिक कार्य करेंगे। सचिव ने बताया कि हड़ताल के कारण अधिवक्ता और वादकारी को किसी भी पत्रावाली की सुनवाई की तिथि के बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए 12 व 13 दिसंबर को किसी भी पत्रावली पर कोई प्रतिकूल प्रविष्टि जारी नहीं की जाएगी।
हड़ताल से मुकदमे हुए प्रभावित
हड़ताल के कारण सीबीआई कोर्ट में चल रहे भ्रष्टाचार से संबंधित नोएडा प्राधिकरण घोटाला, नजारत घोटाला, पूरे उत्तर प्रदेश का एनआरएचएम घोटाला, नोएडा और गाजियाबाद के कई बैंक घोटाले समेत 3.90 लाख मुकदमों में तारीख लग रही थी। इनमें से अधिकांश मुकदमे ऐसे हैं, जिनमें गवाही और बयान दर्ज होने हैं।
चार नवंबर से लगातार चल रही थी हड़ताल
29 अक्तूबर को जनपद न्यायालय में एक केस के मामले में अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई को लेकर पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव और जनपद न्यायाधीश के बीच हुई कहासुनी के दौरान सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने अधिवक्ताओं को न्यायालय कक्ष खाली करने के लिए कहा था। अधिवक्ताओं ने पुलिस की बात नहीं मानी। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए वकीलों पर लाठी चार्ज कर दिया था। इसके विरोध में वकील चार नवंबर से धरना देकर प्रदर्शन कर रहे थे। वकीलों की मांग थी कि जिला जज को निलंबित किया जाए और लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
यह थी मांगे
वकीलों पर लाठीचार्ज कराने वाले जिला जज को निलंबित कर तबादला किया जाए।
लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ट्रांसफर किया जाए।
लाठीचार्ज में घायल अधिवक्ताओं को मुआवजा दिया जाए
इन लोगों के साथ हुई न्यायिक अधिकारियों की वार्ता
अध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव अमित नेहरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शबनम खान, कनिष्ठ उपाध्यक्ष कपिल त्यागी, सह सचिव प्रशासन अधिवक्ता कमल किशोर के अलावा राजेंद्र चौधरी, फतेहचंद गोयल, ब्रजकिशोर गुप्ता, अनीस कुरैशी, शिवकुमार गुप्ता, सतपाल यादव, सुभाषचंद्र सक्सेना, नरेश कुमार चौधरी, सत्यकेतु सिंह, पंकज शर्मा, सुंदर त्यागी, चंद्रकांत सिंह, परमेंद्र नागर, राकेश त्यागी काकड़ा, राकेश त्यागी कैली, कपिल देव त्यागी, हरिओम शर्मा, सुधीर सहलोत, राजीव त्यागी किसौल, संजय त्यागी डबाना, कुंवार अयूब अली न्यायिक अधिकारियों से मिलने के लिए गए थे।