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बदलना बंद,अब नोट निकालने-जमा करने की होड़
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sat, 26 Nov 2016 01:08 AM IST
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बैंक के बााहर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार के नए फैसले के बाद बैंकों में शुक्रवार को 500 व 1000 के पुराने नोट नहीं बदले गए। ऐसे में ग्राहक सिर्फ कैश जमा कराने या एकाउंट से कैश निकालने के लिए बैंकों में पहुंचे। दूसरी ओर बैंकों को शुक्रवार को भी ज्यादा कैश नहीं मिल पाया।
कुछ बैंकों ने कैश न होने का नोटिस भी चस्पा कर दिया। ऐसे में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बिग बाजार में भी दूसरे दिन सिर्फ 150 लोगों को ही कैश दिया गया।
केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद करने के 17 वें दिन भी मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। शुक्रवार को अधिकतर लोग पुराने 1000 व 500 के नोट को जमा कराने पहुंचे।
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एचडीएफसी, पीएनबी, एसबीआई, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक समेत अन्य बैंकों में लोगों की लाइन रुपये जमा कराने के लिए ही लगी थी। दूसरी ओर सिंडिकेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंकों में लोगों को चार से पांच हजार रुपये ही दिए गए।
आईडीबीआई बैंक, करुर वैश्य बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक समेत कई अन्य बैंकों की शाखाओं में कैश ही नहीं बंटा। इन बैंकों में ग्राहकों के सामान्य कामकाज किए गए। बैंकों के बाहर कैश न होने को नोटिस भी चस्पा था।
आज-कल बैंक रहेंगे बंद:
प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी रहती है। इसी क्रम में बैंक अगले दो दिन तक बंद रहेंगे। इससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में यदि एटीएम की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो स्थिति और बदतर हो सकती है।
शुक्रवार को भी नोट बदलने पहुंचे लोग:
केंद्र सरकार ने शुक्रवार से नोट बदलने पर पाबंदी लगा दी है। कई लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। लिहाजा वह बैंक खुलने से पहले ही लाइन लगाकर खड़े हो गए।
नवयुग मार्केट स्थित पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक, अंबेडकर रोड स्थित पीएनबी, नेहरू नगर स्थित पीएनबी व यूनियन बैंक के बाहर ऐसे ही लोगों का जमावड़ा लग गया।
बिग बाजार में 150 लोगों को मिला कैश
बिग बाजार में दूसरे दिन 150 लोगों को कैश दिया गया। लोगों की लाइन बाजार खुलने से पहले ही लग गई थी। कैश देने के लिए एक काउंटर अलग से लगाया गया है। वैसे सर्वर डाउन होने की वजह से काफी लोग वापस भी लौट गए।
स्टोर मैनेजर सौम्यदीप सरकार के मुताबिक बिग बाजार की जो रोजाना सेल होती है, उसी का कैश अगले दिन वितरित होता है। सेल ज्यादा होगी तो कैश भी ज्यादा बंटेगा।
एटीएम से निकाले कैश
बैंकों ने अपने-अपने एटीएम की व्यवस्था को सुधारना शुरू कर दिया है। दिन में ही कैश डाला जा रहा है। गांधीनगर, नवयुग मार्केट, संजय नगर, पटेल नगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, गोविंदपुरम, प्रताप विहार में लगे एटीएम में लोगों ने लाइन लगाकर कैश निकाला।
सीबीआई ने सर्च-जामा तलाशी की रकम लौटाई
1000-500 के नोट बंद होने के साथ ही सीबीआई भी परेशान है। परेशानी का कारण विभिन्न केसों में फंसे आरोपियों की वह करोड़ों की रकम है, जोकि उनकी गिरफ्तारी के समय जामा तलाशी और सर्च अभियान से बरामद हुई थी। सीबीआई ने अब इस रकम को आरोपियों को वापस करना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को सीबीआई ने एनआरएचएम घोटाले के एक मामले में कोर्ट में अर्जी दाखिल की है कि आरोपियों की जामा तलाशी से बरामद रकम उनके हेडक्वार्टर में जमा है। इनमें 1000-500 के बंद हो चुके नोट भी शामिल हैं।
चूंकि 30 दिसंबर 2016 तक बंद हो चुके इन नोटों को एकाउंट में जमा कराया जा सकता है, ऐसे में सीबीआई सभी आरोपियों से बरामद इस रकम को वापस करना चाहती है। इससे समय रहते आरोपी अपनी करेंसी को अपने बैंक एकाउंट में जमा करा सकते हैं।
मामले के जांच अधिकारी सीबीआई इंस्पेक्टर जेआर कटियार की ओर से दाखिल की गई इस अर्जी में बताया गया है कि जामा तलाशी के दौरान यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक आरपी जायसवाल के अलावा कटार सिंह, नरेश ग्रोवर, बीएन श्रीवास्तव, बीएनराम यादव, जेके सिंह, पीके भूकेश और डीके सिंह का नाम शामिल है।
इनमें गिरफ्तारी के समय पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की जामा तलाशी से सीबीआई को 59,900 रुपये, पूर्व विधायक आरपी जासयवाल के पास से 8000 कटार सिंह के पास से 5790 और दवा कारोबारी नरेश ग्रोवर के पास से 1880 रुपये बरामद हुए थे।
जांच अधिकारी ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी लगाई है कि इन सभी आरोपियों के नोटों को वापस देने के लिए आदेश जारी किया जाए। बता दें कि यूपी में हुए करीब दस हजार करोड़ के एनआरएचएम घोटाले के मामले में सीबीआई अब तक करीब 200 एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
सैकड़ों की संख्या में सीबीआई ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कई पूर्व मंत्री, विधायक, आईएएस, पीसीएस, पूर्व सीएमओ और वरिष्ठ डाक्टर के साथ ही कई नामचीन दवा ठेकेदारों की जामा तलाशी से सीबीआई को मोटी रकम मिली थी।
पीसीएस अफसर एके लाल की पत्नी को सीबीआई ने लौटाए 13.5 लाख
पिछले साल सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में नोएडा में तैनात यूपी के पीसीएस अफसर एके लाल को गिरफ्तार किया था। वर्तमान समय में डासना जेल में बंद एके लाल उस समय प्रतिनियुक्ति पर ‘गेल’ में तैनात थे।
इस ऑपरेशन के दौरान ही सीबीआई टीम ने एके लाल के घर से बरामद करीब 13.5 लाख की नकदी और अन्य दस्तावेज भी सीज किए थे। पिछले दिनों एके लाल की पत्नी ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि उनकी रकम और दस्तावेज को वापस किया जाए।
इस पर कोर्ट ने सीबीआई को नकदी-दस्तावेज वापस करने का आदेश दिया था। बृहस्पतिवार को एके लाल की पत्नी को सीबीआई ने अपने हापुड़ चुंगी स्थित सीजीओ कांप्लेक्स में बुलाया और बरामद करीब 13.5 लाख की नकदी उन्हें सौंप दी।
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कुछ बैंकों ने कैश न होने का नोटिस भी चस्पा कर दिया। ऐसे में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बिग बाजार में भी दूसरे दिन सिर्फ 150 लोगों को ही कैश दिया गया।
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केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद करने के 17 वें दिन भी मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। शुक्रवार को अधिकतर लोग पुराने 1000 व 500 के नोट को जमा कराने पहुंचे।
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एचडीएफसी, पीएनबी, एसबीआई, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक समेत अन्य बैंकों में लोगों की लाइन रुपये जमा कराने के लिए ही लगी थी। दूसरी ओर सिंडिकेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंकों में लोगों को चार से पांच हजार रुपये ही दिए गए।
आईडीबीआई बैंक, करुर वैश्य बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक समेत कई अन्य बैंकों की शाखाओं में कैश ही नहीं बंटा। इन बैंकों में ग्राहकों के सामान्य कामकाज किए गए। बैंकों के बाहर कैश न होने को नोटिस भी चस्पा था।
आज-कल बैंक रहेंगे बंद:
प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी रहती है। इसी क्रम में बैंक अगले दो दिन तक बंद रहेंगे। इससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में यदि एटीएम की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो स्थिति और बदतर हो सकती है।
शुक्रवार को भी नोट बदलने पहुंचे लोग:
केंद्र सरकार ने शुक्रवार से नोट बदलने पर पाबंदी लगा दी है। कई लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। लिहाजा वह बैंक खुलने से पहले ही लाइन लगाकर खड़े हो गए।
नवयुग मार्केट स्थित पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक, अंबेडकर रोड स्थित पीएनबी, नेहरू नगर स्थित पीएनबी व यूनियन बैंक के बाहर ऐसे ही लोगों का जमावड़ा लग गया।
बिग बाजार में 150 लोगों को मिला कैश
बिग बाजार में दूसरे दिन 150 लोगों को कैश दिया गया। लोगों की लाइन बाजार खुलने से पहले ही लग गई थी। कैश देने के लिए एक काउंटर अलग से लगाया गया है। वैसे सर्वर डाउन होने की वजह से काफी लोग वापस भी लौट गए।
स्टोर मैनेजर सौम्यदीप सरकार के मुताबिक बिग बाजार की जो रोजाना सेल होती है, उसी का कैश अगले दिन वितरित होता है। सेल ज्यादा होगी तो कैश भी ज्यादा बंटेगा।
एटीएम से निकाले कैश
बैंकों ने अपने-अपने एटीएम की व्यवस्था को सुधारना शुरू कर दिया है। दिन में ही कैश डाला जा रहा है। गांधीनगर, नवयुग मार्केट, संजय नगर, पटेल नगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, गोविंदपुरम, प्रताप विहार में लगे एटीएम में लोगों ने लाइन लगाकर कैश निकाला।
सीबीआई ने सर्च-जामा तलाशी की रकम लौटाई
1000-500 के नोट बंद होने के साथ ही सीबीआई भी परेशान है। परेशानी का कारण विभिन्न केसों में फंसे आरोपियों की वह करोड़ों की रकम है, जोकि उनकी गिरफ्तारी के समय जामा तलाशी और सर्च अभियान से बरामद हुई थी। सीबीआई ने अब इस रकम को आरोपियों को वापस करना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को सीबीआई ने एनआरएचएम घोटाले के एक मामले में कोर्ट में अर्जी दाखिल की है कि आरोपियों की जामा तलाशी से बरामद रकम उनके हेडक्वार्टर में जमा है। इनमें 1000-500 के बंद हो चुके नोट भी शामिल हैं।
चूंकि 30 दिसंबर 2016 तक बंद हो चुके इन नोटों को एकाउंट में जमा कराया जा सकता है, ऐसे में सीबीआई सभी आरोपियों से बरामद इस रकम को वापस करना चाहती है। इससे समय रहते आरोपी अपनी करेंसी को अपने बैंक एकाउंट में जमा करा सकते हैं।
मामले के जांच अधिकारी सीबीआई इंस्पेक्टर जेआर कटियार की ओर से दाखिल की गई इस अर्जी में बताया गया है कि जामा तलाशी के दौरान यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक आरपी जायसवाल के अलावा कटार सिंह, नरेश ग्रोवर, बीएन श्रीवास्तव, बीएनराम यादव, जेके सिंह, पीके भूकेश और डीके सिंह का नाम शामिल है।
इनमें गिरफ्तारी के समय पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की जामा तलाशी से सीबीआई को 59,900 रुपये, पूर्व विधायक आरपी जासयवाल के पास से 8000 कटार सिंह के पास से 5790 और दवा कारोबारी नरेश ग्रोवर के पास से 1880 रुपये बरामद हुए थे।
जांच अधिकारी ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी लगाई है कि इन सभी आरोपियों के नोटों को वापस देने के लिए आदेश जारी किया जाए। बता दें कि यूपी में हुए करीब दस हजार करोड़ के एनआरएचएम घोटाले के मामले में सीबीआई अब तक करीब 200 एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
सैकड़ों की संख्या में सीबीआई ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कई पूर्व मंत्री, विधायक, आईएएस, पीसीएस, पूर्व सीएमओ और वरिष्ठ डाक्टर के साथ ही कई नामचीन दवा ठेकेदारों की जामा तलाशी से सीबीआई को मोटी रकम मिली थी।
पीसीएस अफसर एके लाल की पत्नी को सीबीआई ने लौटाए 13.5 लाख
पिछले साल सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में नोएडा में तैनात यूपी के पीसीएस अफसर एके लाल को गिरफ्तार किया था। वर्तमान समय में डासना जेल में बंद एके लाल उस समय प्रतिनियुक्ति पर ‘गेल’ में तैनात थे।
इस ऑपरेशन के दौरान ही सीबीआई टीम ने एके लाल के घर से बरामद करीब 13.5 लाख की नकदी और अन्य दस्तावेज भी सीज किए थे। पिछले दिनों एके लाल की पत्नी ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि उनकी रकम और दस्तावेज को वापस किया जाए।
इस पर कोर्ट ने सीबीआई को नकदी-दस्तावेज वापस करने का आदेश दिया था। बृहस्पतिवार को एके लाल की पत्नी को सीबीआई ने अपने हापुड़ चुंगी स्थित सीजीओ कांप्लेक्स में बुलाया और बरामद करीब 13.5 लाख की नकदी उन्हें सौंप दी।