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Ghaziabad News: जेसीबी पर फेंके पत्थर, विरोध के बीच तोड़ी गईं 500 से अधिक झुग्गियां
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बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित नाले के पास बनी झुग्गियों को हटाती टीम। संवाद
गाजियाबाद। बीएस रोड औद्योगिक क्षेत्र में नाले के किनारे बनीं 500 से अधिक झुग्गियों को सोमवार को यूपीसीडा और पुलिस-प्रशासन की टीम ने ध्वस्त कर दिया। इस दौरान टीम को लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। झुग्गियां हटाए जाने से नाराज कुछ लोगों और महिलाओं ने जेसीबी पर पत्थर फेंके। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को भड़काने के आरोप में कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई कार्रवाई शाम तक जारी रही।
पुलिस व प्रशासन की टीम झुग्गियां हटाने पहुंची तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोग जेसीबी के सामने आ गए। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाया कि बारिश के दौरान नाला ओवरफ्लो होने की स्थिति में जान-माल का खतरा हो सकता है, इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि उन्हें हटाने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में परिवार और गृहस्थी लेकर जाना मुश्किल होगा। इस पर यूपीसीडा अधिकारियों ने बताया कि झुग्गियां हटाने के लिए पहले 15 दिन का समय दिया गया था। मुनादी भी कराई गई थी और बारिश के दौरान नाले से होने वाले खतरे को लेकर लोगों को आगाह किया गया था। तय समय सीमा के भीतर झुग्गियां नहीं हटाने पर कार्रवाई की गई।
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800 मीटर तक नाले के किनारे बस गई थीं झुग्गियां
विवेकानंदनगर आरओबी से बीएस रोड औद्योगिक क्षेत्र में उतरते ही लोहामंडी के सामने जीटी रोड तक करीब 800 मीटर लंबे नाले के किनारे झुग्गियां बसी हुई थीं। बीएस रोड औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा ने बताया कि करीब 20 वर्षों से नाले के किनारे झुग्गियां बसती जा रही थीं। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने कब्जा कर झुग्गियां बनाईं और उन्हें किराये पर दे दिया, जबकि वे स्वयं अन्य रिहायशी क्षेत्रों में मकानों में रहते हैं। झुग्गियों में अधिकांश लोग मजदूरी का काम करने वाले हैं।
झुग्गियों में पूरी गृहस्थी, फ्रिज और एलईडी तक मिले
लंबे समय से रह रहे लोगों ने झुग्गियों में पूरी गृहस्थी बसा ली थी। कार्रवाई के दौरान कई झुग्गियों से फ्रिज, डीप फ्रीजर, सोलर प्लेट, कूलर, एलईडी, आलमारी, गैस सिलिंडर व अन्य घरेलू सामान निकले। कार्रवाई शुरू होने से पहले अधिकांश लोगों ने अपना सामान निकालकर ग्रीन बेल्ट और सड़क किनारे रख दिया।
बेघर हुए लोगों ने जताई चिंता
कार्रवाई के बाद बेघर हुए राजू ने कहा कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में परिवार और सामान के साथ कहां जाएं, यह सबसे बड़ी चिंता है। राजू ने बताया कि परिवार के साथ यहां लंबे समय से रह रहे थे। मजदूरी करके किसी तरह पेट पालते हैं। झुग्गी हटाने से पहले प्रशासन को हमें कहीं विस्थापित करना चाहिए था। जयंती का कहना था कि फिलहाल, खुले आसमान के नीचे ही रहना पड़ेगा। चिंता इस बात की है कि बरसात होने पर कैसे बचाव होगा। ऐसे मौसम में बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो सकते हैं। उनके स्वास्थ्य की चिंता भी सता रही है। एक बच्चे ने झुग्गी में बिल्ली पाल रखी थी। कार्रवाई शुरू होने से पहले वह अपनी बिल्ली को लेकर सड़क पर आ गया।
झुग्गियों के भीतर थीं दुकानें, बना ली थी गली
कार्रवाई के दौरान टीम को यह भी पता चला कि कई झुग्गियों के भीतर दुकानें संचालित की जा रही थीं। नाले से सटी करीब 30 फीट चौड़ी पट्टी पर बसी झुग्गियों के बीच एक गली भी बनाई गई थी, जहां राशन और अन्य सामान की दुकानें चल रही थीं।
यूपीसीडा के डीजीएम सलिल यादव ने बताया कि विरोध के बीच नाले के किनारे बनी झुग्गियों को हटाया गया। जिस ओर झुग्गियां बनी हुई थीं, वहां नाले की दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति में पानी झुग्गियों में घुस सकता था, जिससे हादसे की आशंका थी। इसी कारण कार्रवाई की गई।
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पुलिस व प्रशासन की टीम झुग्गियां हटाने पहुंची तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोग जेसीबी के सामने आ गए। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाया कि बारिश के दौरान नाला ओवरफ्लो होने की स्थिति में जान-माल का खतरा हो सकता है, इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है।
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वहीं, विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि उन्हें हटाने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में परिवार और गृहस्थी लेकर जाना मुश्किल होगा। इस पर यूपीसीडा अधिकारियों ने बताया कि झुग्गियां हटाने के लिए पहले 15 दिन का समय दिया गया था। मुनादी भी कराई गई थी और बारिश के दौरान नाले से होने वाले खतरे को लेकर लोगों को आगाह किया गया था। तय समय सीमा के भीतर झुग्गियां नहीं हटाने पर कार्रवाई की गई।
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800 मीटर तक नाले के किनारे बस गई थीं झुग्गियां
विवेकानंदनगर आरओबी से बीएस रोड औद्योगिक क्षेत्र में उतरते ही लोहामंडी के सामने जीटी रोड तक करीब 800 मीटर लंबे नाले के किनारे झुग्गियां बसी हुई थीं। बीएस रोड औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा ने बताया कि करीब 20 वर्षों से नाले के किनारे झुग्गियां बसती जा रही थीं। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने कब्जा कर झुग्गियां बनाईं और उन्हें किराये पर दे दिया, जबकि वे स्वयं अन्य रिहायशी क्षेत्रों में मकानों में रहते हैं। झुग्गियों में अधिकांश लोग मजदूरी का काम करने वाले हैं।
झुग्गियों में पूरी गृहस्थी, फ्रिज और एलईडी तक मिले
लंबे समय से रह रहे लोगों ने झुग्गियों में पूरी गृहस्थी बसा ली थी। कार्रवाई के दौरान कई झुग्गियों से फ्रिज, डीप फ्रीजर, सोलर प्लेट, कूलर, एलईडी, आलमारी, गैस सिलिंडर व अन्य घरेलू सामान निकले। कार्रवाई शुरू होने से पहले अधिकांश लोगों ने अपना सामान निकालकर ग्रीन बेल्ट और सड़क किनारे रख दिया।
बेघर हुए लोगों ने जताई चिंता
कार्रवाई के बाद बेघर हुए राजू ने कहा कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में परिवार और सामान के साथ कहां जाएं, यह सबसे बड़ी चिंता है। राजू ने बताया कि परिवार के साथ यहां लंबे समय से रह रहे थे। मजदूरी करके किसी तरह पेट पालते हैं। झुग्गी हटाने से पहले प्रशासन को हमें कहीं विस्थापित करना चाहिए था। जयंती का कहना था कि फिलहाल, खुले आसमान के नीचे ही रहना पड़ेगा। चिंता इस बात की है कि बरसात होने पर कैसे बचाव होगा। ऐसे मौसम में बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो सकते हैं। उनके स्वास्थ्य की चिंता भी सता रही है। एक बच्चे ने झुग्गी में बिल्ली पाल रखी थी। कार्रवाई शुरू होने से पहले वह अपनी बिल्ली को लेकर सड़क पर आ गया।
झुग्गियों के भीतर थीं दुकानें, बना ली थी गली
कार्रवाई के दौरान टीम को यह भी पता चला कि कई झुग्गियों के भीतर दुकानें संचालित की जा रही थीं। नाले से सटी करीब 30 फीट चौड़ी पट्टी पर बसी झुग्गियों के बीच एक गली भी बनाई गई थी, जहां राशन और अन्य सामान की दुकानें चल रही थीं।
यूपीसीडा के डीजीएम सलिल यादव ने बताया कि विरोध के बीच नाले के किनारे बनी झुग्गियों को हटाया गया। जिस ओर झुग्गियां बनी हुई थीं, वहां नाले की दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति में पानी झुग्गियों में घुस सकता था, जिससे हादसे की आशंका थी। इसी कारण कार्रवाई की गई।

बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित नाले के पास बनी झुग्गियों को हटाती टीम। संवाद

बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित नाले के पास बनी झुग्गियों को हटाती टीम। संवाद