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Ghaziabad News: सिकंदराबाद में लिथियम कंपाउंड तैयार करने वाली फर्म पर राज्यकर का छापा
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गाजियाबाद। बुलंदशहर के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में मोबाइल बैटरी से लिथियम कंपाउंड तैयार कर बिक्री करने वाली फर्म पर राज्यकर विभाग की टीम ने छापा मारा। करीब दो घंटे के छापे में टीम को घोषित स्टॉक से काफी अंतर पाया गया। मौके से टीम ने दस्तावेज और लिए और स्टॉक की जांच की। इसमें बोगस फर्माें से खरीद-फरोख्त सामने आई। फर्म ने इससे फर्जी आईटीसी क्लेम की थी। इस पर अधिकारियों ने जांच की। फर्म से एक करोड़ पांच लाख रुपये टैक्स और पेनल्टी के तौर पर जमा कराए हैं।
जोन-दो के अपर आयुक्त दिनेश कुमार मिश्र ग्रेड-1 ने बताया कि फर्म द्वारा दाखिल रिटर्न, ई-वे बिल आदि का डाटा विश्लेषण करने पर पाया गया कि फर्म द्वारा कई ऐसी फर्मों से खरीद की जा रही है, जिनके सप्लायर्स का पंजीयन या तो निरस्त थे या उनके द्वारा बिना कोई खरीद किए मासिक रिटर्न दाखिल करते हुए फर्जी आईटीसी क्लेम की जा रही थी। इसका लाभ फर्म द्वारा लिया जा रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि फर्म द्वारा टैक्स जमा नहीं किया जा रहा था। व्यापारी द्वारा बोगस आईटीसी का लाभ लेते हुए अत्यंत कम कर जमा किया जा रहा था। यही नहीं, व्यापारी द्वारा क्लेम की गई बोगस आईटीसी का रिफंड भी लेने का प्रयास किया गया। छापे की कार्रवाई के दौरान अपर आयुक्त ग्रेड-2 जोन-दो के प्रभारी राकेश कुमार कौशल, विवेक सिंह, उपायुक्त सपना गुप्ता, उपायुक्त मुकेश कुमार, उपायुक्त मृत्युंजय सिंह, सहायक आयुक्त रविकांत एवं सचल दल टीम मौजूद रही।
दिल्ली की कई फर्मों द्वारा सिंडीकेट बनाकर लिया जा था क्लेम
अधिकारियों का कहना है कि डाटा विश्लेषण में यह भी पाया गया कि दिल्ली स्थित कई फर्मों द्वारा सिंडीकेट बनाते हुए बोगस आईटीसी ली जा रही थी। सिकंदराबाद स्थित फर्म द्वारा अत्यंत मात्रा में उपभोग किया जा रहा था I इन फर्माें की जांच के लिए भी अधिकारियों को जानकारी दी गई है।
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जोन-दो के अपर आयुक्त दिनेश कुमार मिश्र ग्रेड-1 ने बताया कि फर्म द्वारा दाखिल रिटर्न, ई-वे बिल आदि का डाटा विश्लेषण करने पर पाया गया कि फर्म द्वारा कई ऐसी फर्मों से खरीद की जा रही है, जिनके सप्लायर्स का पंजीयन या तो निरस्त थे या उनके द्वारा बिना कोई खरीद किए मासिक रिटर्न दाखिल करते हुए फर्जी आईटीसी क्लेम की जा रही थी। इसका लाभ फर्म द्वारा लिया जा रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि फर्म द्वारा टैक्स जमा नहीं किया जा रहा था। व्यापारी द्वारा बोगस आईटीसी का लाभ लेते हुए अत्यंत कम कर जमा किया जा रहा था। यही नहीं, व्यापारी द्वारा क्लेम की गई बोगस आईटीसी का रिफंड भी लेने का प्रयास किया गया। छापे की कार्रवाई के दौरान अपर आयुक्त ग्रेड-2 जोन-दो के प्रभारी राकेश कुमार कौशल, विवेक सिंह, उपायुक्त सपना गुप्ता, उपायुक्त मुकेश कुमार, उपायुक्त मृत्युंजय सिंह, सहायक आयुक्त रविकांत एवं सचल दल टीम मौजूद रही।
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दिल्ली की कई फर्मों द्वारा सिंडीकेट बनाकर लिया जा था क्लेम
अधिकारियों का कहना है कि डाटा विश्लेषण में यह भी पाया गया कि दिल्ली स्थित कई फर्मों द्वारा सिंडीकेट बनाते हुए बोगस आईटीसी ली जा रही थी। सिकंदराबाद स्थित फर्म द्वारा अत्यंत मात्रा में उपभोग किया जा रहा था I इन फर्माें की जांच के लिए भी अधिकारियों को जानकारी दी गई है।
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