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Ghaziabad News: लापरवाही की आग में झुलस रहे मानक और जिम्मेदारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 12:47 AM IST
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Standards and Responsibility Scorched in the Flames of Negligence
गाजियाबाद। औद्योगिक नगरी में आग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इंदिरापुरम की सोसायटी में हालिया हादसा इसी सिलसिले की कड़ी है। मार्च 2025 से 30 अप्रैल 2026 के बीच जिले में आग लगने की 1704 घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें से 90 प्रतिशत की वजह शॉर्ट सर्किट रही। करोड़ों का नुकसान और चार मौतों के बावजूद सिस्टम की सक्रियता हर बार हादसे के बाद ही दिखती है।
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जांच में सामने आया है कि जिले की सैकड़ों सोसायटी, हाईराइज इमारतें, अस्पताल और स्कूल अब भी विद्युत सुरक्षा एनओसी के बिना चल रहे हैं। करीब एक हजार सोसायटी, जहां लगभग दो लाख लोग रहते हैं जोखिम में हैं। उपनिदेशक विद्युत सुरक्षा सौरभ सिंह ने ऊर्जा निगम को लिखे पत्र में साफ किया है कि बिना एनओसी के ही बिजली कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। सौरभ सिंह के अनुसार, नियम कहते हैं कि कनेक्शन के बाद साल में एक-दो बार सुरक्षा ऑडिट होना चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया लगभग ठप है।
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दमकल विभाग के सीएफओ राहुल पाल के अनुसार, शहर के कई अपार्टमेंट दशकों पुराने हैं, जहां पुरानी वायरिंग ही अब तक चल रही है, जबकि बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है। ओवरलोडिंग और उपकरणों का गलत इस्तेमाल शॉर्ट सर्किट की सबसे बड़ी वजह बन रहे हैं, लेकिन मेंटेनेंस एजेंसियां नियमित ऑडिट नहीं करातीं।
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139 भवनों को नोटिस जारी
दमकल विभाग के आंकड़े भी लापरवाही की तस्वीर साफ करते हैं। इन पर गौर करें तो 322 सोसायटियों का निरीक्षण, 139 भवनों को नोटिस और 42 इमारतों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। 315 लोगों और 21 पशुओं को रेस्क्यू किया गया।


विद्युत ऑडिट के लिए ये है प्रक्रिया

-ओवदक को विद्युत सुरक्षा निदेशालय में संपर्क कर चालान के जरिये निर्धारित शुल्क बैंक में जमा करना होता है।
-शुरुआती एक किलोवाट के लिए 200 रुपये ऑडिट शुल्क निर्धारित है। इसके बाद प्रतिकिलो वाट 50 रुपये की दर से वृद्धि होती है।
-आवेदन व शुल्क जमा करने के बाद तय तिथि पर विभाग के लोग ऑडिट करते हैं।
-ऑडिट में यदि कोई खामी नहीं मिलती है तो विभाग एनओसी जारी कर देता है।
-अपार्टमेंट और व्यवसायिक भवनों के लिए ऑडिट कराना और एनओसी लेना अनिवार्य है।
-छोटे मकान व घरेलू कनेक्शन के मामलों में ऑडिट कराना व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर है।
विद्युत सुरक्षा विभाग उपनिदेशक सौरभ सिंह का कहना है कि हर तीन माह में एक बार तीनों जोन के मुख्य अभियंताओं को नोटिस जारी करके विद्युत सुरक्षा विभाग की बगैर एनओसी के कनेक्शन न देने को कहा जाता है। इसके बावजूद तीनों जोन में कनेक्शन जारी कर दिया जाता है। इस लापरवाही के बाबत मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।

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