{"_id":"6ab2dbd4520354319c02e701","slug":"sluggish-registration-of-delivery-and-food-supply-vehicles-action-being-planned-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-983689-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: डिलीवरी व फूड सप्लाई वाहनों के पंजीकरण में सुस्ती, कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: डिलीवरी व फूड सप्लाई वाहनों के पंजीकरण में सुस्ती, कार्रवाई की तैयारी
विज्ञापन
गाजियाबाद। जिले में बिना लाइसेंस और पंजीकरण के चल रही एग्रीगेटर, डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों पर परिवहन विभाग शिकंजा कसने की तैयारी में है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 17 हजार व्यावसायिक वाहन नई व्यवस्था के दायरे में आते हैं। अब तक केवल दो बड़ी कंपनियों ने ही अपने 2 हजार वाहनों का पंजीकरण कराया है। शेष 15 हजार वाहनों का पंजीकरण कराने के लिए अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 के तहत दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया यात्री वाहनों और बसों को प्लेटफॉर्म पर जोड़ने वाली सभी कंपनियों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी और राइड सर्विस देने वाली कंपनियां शामिल हैं। शासन के निर्देश पर बिना वैध लाइसेंस के किसी भी श्रेणी के वितरण या यात्री वाहन का संचालन नहीं हो सकता।
विभाग ने बताया कि सभी एग्रीगेटर, वितरण सेवा प्रदाता और ई-कॉमर्स इकाइयां राज्य परिवहन प्राधिकरण के पोर्टल upmyfleet.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। व्यक्तिगत रूप से वाहन संचालित करने वालों के लिए फिलहाल शासन से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं आया है। एआरटीओ प्रशासन अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में फूड सप्लाई, डिलीवरी या किराए पर वाहन चलाने वाली जो कंपनियां पंजीकरण नहीं कराएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। बिना लाइसेंस के संचालित पाए जाने पर वाहन जब्त किया जाएगा और कंपनी पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 17 हजार व्यावसायिक वाहन नई व्यवस्था के दायरे में आते हैं। अब तक केवल दो बड़ी कंपनियों ने ही अपने 2 हजार वाहनों का पंजीकरण कराया है। शेष 15 हजार वाहनों का पंजीकरण कराने के लिए अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 के तहत दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया यात्री वाहनों और बसों को प्लेटफॉर्म पर जोड़ने वाली सभी कंपनियों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी और राइड सर्विस देने वाली कंपनियां शामिल हैं। शासन के निर्देश पर बिना वैध लाइसेंस के किसी भी श्रेणी के वितरण या यात्री वाहन का संचालन नहीं हो सकता।
विज्ञापन
विभाग ने बताया कि सभी एग्रीगेटर, वितरण सेवा प्रदाता और ई-कॉमर्स इकाइयां राज्य परिवहन प्राधिकरण के पोर्टल upmyfleet.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। व्यक्तिगत रूप से वाहन संचालित करने वालों के लिए फिलहाल शासन से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं आया है। एआरटीओ प्रशासन अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में फूड सप्लाई, डिलीवरी या किराए पर वाहन चलाने वाली जो कंपनियां पंजीकरण नहीं कराएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। बिना लाइसेंस के संचालित पाए जाने पर वाहन जब्त किया जाएगा और कंपनी पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन