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Ghaziabad News: लोस चुनाव में दुकानदार, कारोबारी से शांंति बिगाड़ने का खतरा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2024 01:39 AM IST
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Shopkeepers, businessmen threaten to disturb peace in Los elections
सुमित शिशौदिया
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साहिबाबाद। लोकसभा चुनाव में जनपद पुलिस को अराजक तत्व, उपद्रवी और शरारतियों के साथ ही दुकानदार, कारोबारी, मीडियाकर्मी व सउदी अरब में रहने वालों से शांति बिगाड़ने का खतरा लग रहा है। हैरत की बात है कि शालीमार गार्डन और नंदग्राम पुलिस ने आदर्श आचार संहिता लगते ही शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों की जो सूची तैयार की है, उसने कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा दिया है। मुचलका भरने वाले लोगों का आरोप है कि वो कभी थाने-चौकी नहीं गए और न किसी से झगड़ा या विवाद हुआ। बावजूद इसके पुलिस ने धारा 107/116 में 50 हजार रुपये का मुचलका भरवाकर एक वर्ष तक के लिए पाबंद कर दिया।
शालीमार गार्डन में रहने वाले जय दीक्षित ने बताया कि चुनाव से पहले तमाम लोगों को दस हजार से अधिक धनराशि से मुचलका भरवाकर एक वर्ष के लिए पाबंद किया जा रहा है। शालीमार गार्डन थाने की पहली सूची में करीब 20 लोगों के नाम शामिल हैं लेकिन इनमें उन दुकानदार और कारोबारी व लोगों को भी शामिल किया है जो विदेश में रहकर नौकरी करते हैं। नंदग्राम थाने की पुलिस ने 10 से अधिक लोगों के मुचलके भरवाने की सूची तैयार की है। हैरत इस बात कि है सिहानी चुंगी पुलिस ने मीडियाकर्मी समेत अन्य लोगों के नाम बिना जांच-पड़ताल के शामिल कर लिए। कई लोग सुबह आठ बजे से डयूटी पर जाने के बाद देर रात में घर पहुंचते हैं। उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई या कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं है। कई लोग कभी थाने-चौकी पर खुद की समस्या के लिए भी नहीं गए। पिछले दिनों पुलिस इनके घर या प्रतिष्ठान पर गई। तो नोटिस मिलने पर इन सभी को मुचलका भरवाने का पता चला। बातचीत में इन्हें खानापूर्ति बताकर नोटिस पर हस्ताक्षर भी करा लिए। अब लोग डर से शिकायत नहीं कर पा रहे। कोई हेल्पलाइन नंबर भी जारी नहीं हुआ है।
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कभी थाने-चौकी नहीं देखी, क्यूं मिला नोटिस, पता नहीं
मेरी इलेक्ट्रोनिक्स सामान की दुकान है। सुबह नौ बजे दुकान पर आकर रात में साढ़े दस बजे तक घर पहुंचता हूं। कभी किसी से झगड़ा या विवाद नहीं हुआ। पुलिस ने मुचलका भरवाकर एक वर्ष के लिए पाबंद कर दिया। लेकिन मामला समझ नहीं आया। मनोज कुमार, व्यापारी
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मैं पिता के देहांत के बाद परचून की दुकान संभालता हूं। 20 साल से कोई झगड़ा या कहासुनी नहीं हुई। पुलिस नोटिस पर मां से हस्ताक्षर कराकर चली गई। कारण किसी ने कुछ नहीं बताया।
विनय कुमार गुप्ता-दुकानदार
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मेरे पति अभय सिंह सउदी अरब में नौकरी करते हैं। कभी-कभी घर पर आते हैं। कुछ दिन से पूणे गए हैं। पुलिस ने बिना कारण उनके नाम का मुचलका भरवा दिया। प्रिया सिंह, गृहणी

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मैं गुरुग्राम में प्राइवेट जॉब करता हूं। मैंने कभी थाना या चौकी नहीं देखी। कहासुनी और झगड़े की बात तो दूर है। पुलिस वालों से पूछा तो बोले कि कुछ नहीं होगा। फिर हस्ताक्षर कराकर चले गए। मैं परिवार के साथ रहता हूं। अभिषेक, नौकरी पेशा

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डीसीपी निमिष पाटिल का कहना है कि चुनाव में शांति बिगाड़ने वालों के मुचलके भरवा रहे हैं। किसी का नाम बिना कार्रवाई के शामिल किया है तो वह कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने अपनी बात रख सकते हैं। इसके लिए कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं है।




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