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Ghaziabad News: दो दिन बाद होगा मूर्ति विसर्जन, स्थल बदहाल, नहीं की गई साफ-सफाई
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फोटो)
संवाद न्यूज एजेंसी।
साहिबाबाद। आज से दो दिन बाद सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन किया जाएगा, मगर विसर्जन स्थल बदहाल है। विसर्जन स्थलों की बदहाल स्थिति को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वैशाली निवासी डॉ. सुनील वैद ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर हिंडन नदी के पास रेलवे ब्रिज स्थित मूर्ति विसर्जन स्थल पर अव्यवस्थाओं की जानकारी दी है और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के पालन की मांग की है।
डॉ. वैद ने अपने पत्र में बताया कि 23 और 24 जनवरी 2026 को होने वाले सरस्वती प्रतिमा विसर्जन को लेकर चिन्हित विसर्जन स्थल की स्थिति बेहद खराब है। स्थल पर सूचना पट (साइनबोर्ड) हटे हुए हैं, चारों ओर मिट्टी उड़ रही है, कचरा फैला हुआ है और सबसे गंभीर बात यह है कि वहां पानी की कोई समुचित व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी हो सकता है।
पत्र में नगर निगम से मांग की गई है कि एनजीटी के आदेशों के अनुरूप कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया जाए, विसर्जन से पहले और बाद में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और पूजा सामग्री जैसे फूल, प्लास्टिक आदि के निस्तारण के लिए अलग कूड़ेदान या संग्रह केंद्र बनाए जाएं। इसके साथ ही विसर्जन स्थलों पर एनजीटी के निर्देशों और सही विसर्जन प्रक्रिया से संबंधित सूचना पट लगाए जाने की भी मांग की गई है, ताकि लोग जागरूक हो सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी।
साहिबाबाद। आज से दो दिन बाद सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन किया जाएगा, मगर विसर्जन स्थल बदहाल है। विसर्जन स्थलों की बदहाल स्थिति को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वैशाली निवासी डॉ. सुनील वैद ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर हिंडन नदी के पास रेलवे ब्रिज स्थित मूर्ति विसर्जन स्थल पर अव्यवस्थाओं की जानकारी दी है और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के पालन की मांग की है।
डॉ. वैद ने अपने पत्र में बताया कि 23 और 24 जनवरी 2026 को होने वाले सरस्वती प्रतिमा विसर्जन को लेकर चिन्हित विसर्जन स्थल की स्थिति बेहद खराब है। स्थल पर सूचना पट (साइनबोर्ड) हटे हुए हैं, चारों ओर मिट्टी उड़ रही है, कचरा फैला हुआ है और सबसे गंभीर बात यह है कि वहां पानी की कोई समुचित व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी हो सकता है।
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पत्र में नगर निगम से मांग की गई है कि एनजीटी के आदेशों के अनुरूप कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया जाए, विसर्जन से पहले और बाद में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और पूजा सामग्री जैसे फूल, प्लास्टिक आदि के निस्तारण के लिए अलग कूड़ेदान या संग्रह केंद्र बनाए जाएं। इसके साथ ही विसर्जन स्थलों पर एनजीटी के निर्देशों और सही विसर्जन प्रक्रिया से संबंधित सूचना पट लगाए जाने की भी मांग की गई है, ताकि लोग जागरूक हो सकें।
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