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सात साल बाद भी नहीं मिला फ्लैट
ब्यूरो,अमर उजाला वसुंधरा
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:30 AM IST
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फ्लैट
- फोटो : अमर उजाला
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आवास विकास परिषद (आविप) की शिखर एंक्लेव योजना में बुकिंग कराने वाले आवंटी अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि बुकिंग के सात साल बाद भी उन्हें पजेशन नहीं दिया गया है।
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आवंटियों का दावा है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजना का काम पूरा नहीं हो रहा है। टू और थ्री बीएचके फ्लैटों की इस योजना में लाखों रुपये जमा करा चुके लोग अब परिषद के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
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आवास विकास परिषद ने 216 फ्लैटों की शिखर एंक्लेव योजना 2009 में लांच की थी। परिषद की पहली बहुमंजिला इमारत की इस योजना में लोगों ने जोर-शोर से बुकिंग कराई थी। योजना का पजेशन 2014 की शुरुआत में दिया जाना था, मगर इसमें दो साल की देरी हो चुकी है।
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योजना में फ्लैट बुक कराने वाले लोगों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों ने अपने फायदे के लिए योजना को अधर में लटका दिया है। अधिकारियों ने गलत तरीके से टेंडर छोड़े और ज्यादातर ठेकेदारों को 90 फीसदी तक पेमेंट की जा चुकी है। मगर काम अभी भी अधूरा है। उधर, आविप के अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार का कहना है कि जल्द से जल्द काम पूरा करके आवंटियों को पजेशन दे दिया जाएगा।
ड्राइंग ही नहीं, कैसे हो बिजली की फिटिंग
सूत्रों की मानें तो बिल्डिंग के नक्शों की ड्राइंग भी गायब है। ऐसे में योजना में बिजली की फिटिंग का काम भी पूरा नहीं हो पा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने जल्द यह काम पूरा कराने का दावा किया।
बिल्डरों से भी ज्यादा परेशान कर रहा आविप
आवंटियों का कहना है कि निजी बिल्डर कई-कई साल तक लोगों को पजेशन के लिए परेशान करते हैं। आविप की योजना में इसलिए फ्लैट बुक कराया था कि जल्द आशियाना मिल जाएगा, मगर यहां भी निजी प्रोजेक्ट्स जैसा ही हाल है।
आवंटी परेशान
बिल्डरों के झूठे वादों से बचने के लिए शिखर एंक्लेव में फ्लैट बुक किया था, मगर सात साल बाद भी फ्लैट नहीं मिला है। - दीपक वर्मा, आवंटी
सात साल से आशियाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। मगर हर बार झूठे आश्वासन मिलते हैं। अधिकारी बेहद लापरवाह हैं, जिससे देरी हो रही है। - मयंक जोशी, आवंटी
बिल्डरों ने जारी किए आवंटन लेटर
सस्ते फ्लैट बनाने वाले बिल्डरों ने पहले चरण के सभी आवंटियों को आवंटन लेटर जारी कर दिए हैं। सोमवार को बिल्डरों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट में फ्लैट पाए आवंटियों को दिए गए आवंटन लेटर की सूची जीडीए में जमा करा दी है।
आवंटन लेटर केबाद अब जीडीए ने बिल्डरों से फ्लैट निर्माण की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। बिल्डरों को एक माह में सीवर-बिजली कनेक्शन करवाकर इसकी जानकारी जीडीए को देनी होगी।
जीडीए के बार-बार नोटिसों के बावजूद बिल्डर अपने प्रोजेक्ट में निर्धारित संख्या में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैट नहीं बना रहे थे। इसके साथ ही आवंटियों को आवंटन लेटर देने की एवज में बढ़ी कीमत मांग रहे थे।
बिल्डरों की हीलाहवाली पर जीडीए वीसी विजय यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स का काम रोकने के आदेश दिए थे। इसके बाद बिल्डरों ने आवंटन लेटर देने शुरू तो किए, लेकिन किश्तों की समय सीमा 15 साल से घटाकर तीन साल कर दी।
आवंटियों की शिकायत मिलने पर वीसी ने बिल्डरों संग बैठक कर ब्रोशर में लिखी शर्तों के मुताबिक ही आवंटन पत्र देने के निर्देश दिए थे। ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
जीडीए सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने बताया कि सभी बिल्डरों ने ब्रोशर की शर्तों के मुताबिक आवंटियों को आवंटन लेटर जारी कर दिए हैं। अब बिल्डरों से फ्लैट निर्माण की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। तैयार हुए फ्लैटों में सीवर-बिजली कनेक्शन की स्थिति का जानकारी देने के निर्देश बिल्डरों को दिए गए हैं।