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Ghaziabad News: गूगल से दवा खोजकर खुद इलाज करना बन रहा खतरा, बढ़ रही दवा रेजिस्टेंस की समस्या

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:07 AM IST
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Self-medication by searching for medicines on Google is becoming a risk, and the problem of drug resistance is increasing.
गाजियाबाद। इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोगों में गूगल से बीमारी के लक्षण खोजकर खुद दवाएं लेने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत मरीजों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन करने से दवा रेजिस्टेंस जैसी समस्या बढ़ रही हैं, जो आने वाले समय में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती का रूप ले सकती हैं। एमएमजी अस्पताल में रोजाना 150 से 200 ऐसे मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, जो पहले स्वयं मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेकर प्रयोग करते हैं, स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं।
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एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियन के चेयरमैन डॉ. रमन कुमार का कहना है कि एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और स्टेरॉयड दवाओं का मनमाने ढंग से इस्तेमाल सबसे अधिक नुकसानदेह है। अक्सर लोग गले में दर्द, बुखार, खांसी, सर्दी या पेट से जुड़ी परेशानी होने पर गूगल पर दवाओं के नाम खोज लेते हैं और सीधे मेडिकल स्टोर से खरीदकर सेवन शुरू कर देते हैं। कई बार मरीज दवा की सही मात्रा और अवधि का पालन नहीं करते, इससे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया उन दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं। डॉ. रमन कुमार के अनुसार जब ऐसे मरीज बाद में गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचते हैं, तब सामान्य एंटीबायोटिक दवाएं असर नहीं करतीं। ऐसे में डॉक्टरों को महंगी और अधिक प्रभावी दवाओं का सहारा लेना पड़ता है, जिससे इलाज का खर्च बढ़ जाता है और मरीज के शरीर पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें
संयुक्त अस्पताल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह का कहना है कि दवा रेजिस्टेंस की समस्या भविष्य में आम इलाज को भी मुश्किल बना सकती है। यदि समय रहते लोग जागरूक नहीं हुए तो साधारण संक्रमण भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी बीमारी में स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श जरूर करें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
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बिना पर्चे के नहीं दें दवाई

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने मेडिकल स्टोर संचालकों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिना पर्चे के एंटीबायोटिक और अन्य संवेदनशील दवाएं न दी जाएं। सही दवा, सही मात्रा और सही समय पर इलाज ही मरीज के लिए सुरक्षित और प्रभावी होता है।
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