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Ghaziabad News: साहिबाबाद के उद्योगों को अगले माह मिलेगी टीएसटीपी की सुविधा
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गाजियाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में भूजल दोहन को रोकने के लिए इंदिरापुरम में बनाए जा रहे टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) को 22 सितंबर तक हर हाल में पूरा करना होगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र की 1,445 औद्योगिक इकाइयों को 40 एमएलडी जलापूर्ति की जाएगी। शनिवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इस संबंध में नगर निगम अधिकारियों और निर्माण कार्य कर रही कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की है।
हालांकि, इस परियोजना को 30 जून तक पूरा किया जाना था, लेकिन ओवरहेड टैंक का काम अधूरा होने के कारण इसकी समय सीमा बढ़ा दी गई थी। औद्योगिक क्षेत्र के करीब 400 उद्यमी अब तक टीएसटीपी का कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन नगर निगम का जोर क्षेत्र की सभी 1,445 इकाइयों को कनेक्शन देने पर है। नगर आयुक्त ने बताया कि 40 एमएलडी क्षमता का यह प्लांट लगभग तैयार हो चुका है। प्लांट के आरओ सिस्टम और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन का कार्य भी 98 फीसदी पूरा हो चुका है। 25 लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया जा रहा है, जिसका 92 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इंदिरापुरम से साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र तक करीब 16 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई है, जिसके लिए सड़कों को खोदा गया था। सड़कों की मरम्ममत का काम अगले दस दिन में पूरा करने के निर्देश नगर आयुक्त ने दिए। प्लांट का निर्माण कर रही निर्माण कंपनी को 22 सितंबर तक काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। टीएसटीपी में तीन बार शोधित कर पानी को प्रयोग में लाया जाएगा। इसके पानी में मानकों के मुताबिक बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा को कम किया जाएगा। पानी की गुणवत्ता बेहतर होने पर उद्योगों को आपूर्ति की जाएगी। इस पानी का उपयोग केवल औद्योगिक जरूरत को पूरा करने के लिए होगा। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों में पानी की आपूर्ति होगी। प्लांट शुरू होने के बाद औद्योगिक जरूरत के लिए भूजल के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिलेगी। सभी परिसरों में भूजल के प्रयोग पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाएगी। इस बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनिंद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण एनके चौधरी, महाप्रबंधक जल केपी आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज के अलावा निर्माणकर्ता कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।
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हालांकि, इस परियोजना को 30 जून तक पूरा किया जाना था, लेकिन ओवरहेड टैंक का काम अधूरा होने के कारण इसकी समय सीमा बढ़ा दी गई थी। औद्योगिक क्षेत्र के करीब 400 उद्यमी अब तक टीएसटीपी का कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन नगर निगम का जोर क्षेत्र की सभी 1,445 इकाइयों को कनेक्शन देने पर है। नगर आयुक्त ने बताया कि 40 एमएलडी क्षमता का यह प्लांट लगभग तैयार हो चुका है। प्लांट के आरओ सिस्टम और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन का कार्य भी 98 फीसदी पूरा हो चुका है। 25 लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया जा रहा है, जिसका 92 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इंदिरापुरम से साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र तक करीब 16 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली गई है, जिसके लिए सड़कों को खोदा गया था। सड़कों की मरम्ममत का काम अगले दस दिन में पूरा करने के निर्देश नगर आयुक्त ने दिए। प्लांट का निर्माण कर रही निर्माण कंपनी को 22 सितंबर तक काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। टीएसटीपी में तीन बार शोधित कर पानी को प्रयोग में लाया जाएगा। इसके पानी में मानकों के मुताबिक बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा को कम किया जाएगा। पानी की गुणवत्ता बेहतर होने पर उद्योगों को आपूर्ति की जाएगी। इस पानी का उपयोग केवल औद्योगिक जरूरत को पूरा करने के लिए होगा। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों में पानी की आपूर्ति होगी। प्लांट शुरू होने के बाद औद्योगिक जरूरत के लिए भूजल के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिलेगी। सभी परिसरों में भूजल के प्रयोग पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाएगी। इस बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनिंद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण एनके चौधरी, महाप्रबंधक जल केपी आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज के अलावा निर्माणकर्ता कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।
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