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Ghaziabad News: हल्के वाहनों के लिए खोला गया रूट, हापुड़-मेरठ से सहमति मिलने पर आज खोला जाएगा पूरा रूट
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गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद रविवार दोपहर बाद मेरठ रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और हापुड़ मार्ग पर हल्के वाहनों के लिए रूट डायवर्जन खत्म कर दिया गया। दोपहर से इन मार्गाें पर वाहनों का आवागमन शुरू हो जाने से लोगों को बड़ी राहत मिली। हालांकि भारी वाहनों का रूट डायवर्जन रविवार को भी लागू रहा। मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और मुरादाबाद के अधिकारियों से सहमति मिलने पर भारी वाहनों के लिए भी इन मार्गाें को खोलने का निर्णय सोमवार को लिया जाएगा।
कांवड़ यात्रा के लिए चार जुलाई की रात से मेरठ रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और जीटी रोड पर भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन कर दिया गया था। इसके चार दिन बाद 8 जुलाई की रात से छोटे वाहनों का भी रूट डायवर्ट कर दिया गया था। शहर में एक लेन पर दुपहिया वाहन का आवागमन किया जा रहा था। रूट डायवर्जन के दौरान मेरठ जाने वाले वाहनों को वाया हापुड़ या अन्य वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा था। शनिवार रात तक अधिकांश कांवड़ियां अपने गंतव्य तक पहुंच चुके थे, रविवार दोपहर तक मेरठ रोड पर इक्का-दुक्का कांवड़ियों का आवागमन चलता रहा। इसकी वजह से दोपहर तक वाहनों का आवागमन पहले की तरह प्रतिबंधित रहा। दोपहर करीब तीन बजे के बाद मेरठ रोड की दोनों लेन को वाहनों के लिए खोल दिया गया था। एडीसीपी रामानंद कुशवाहा का कहना है कि भारी वाहनों का संचालन शुरू करने पर अभी मेरठ, हापुड़, मुरादाबाद से हरी झंडी नहीं मिली है। इन जिलों से सहमति मिलने के बाद ही गाजियाबाद से इन जिलों की ओर जाने वाले मार्गाें पर भारी वाहनों को जाने की अनुमति दी जाएगी। उनका कहना है कि उम्मीद है कि सोमवार को भारी वाहनों का संचालन भी शुरू हो जाएगा। हालांकि डायवर्जन प्लान 18 जुलाई तक के लिए बनाया गया है।
मोदीनगर तक चले भारी वाहन, मेरठ की ओर नहीं जा सके
रविवार दोपहर बाद मेरठ रोड पर गाजियाबाद जिले की सीमा में एक भी कांवड़ियां नहीं रहा। मोदीनगर और मुरादनगर पुलिस से रिपोर्ट लेने के बाद दोपहर को मोदीनगर तक भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू कर दिया गया। इसके बाद रोडवेज बसें और ट्रक भी मोदीनगर तक चलने लगे थे। हालांकि मोदीनगर से आगे इन्हें नहीं जाने दिया गया।
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सप्ताह का पहला कार्यदिवस आज, लग सकता है जाम
कांवड़ यात्रा का समापन रविवार को हुआ है। ऐसे में सोमवार से नौकरीपेशा लोग अपनी ड्यूटी पर पहुंचेंगे। जो लोग डायवर्जन के कारण दुपहिया वाहन से चल रहे थे, वह भी सोमवार से दोबारा कार से चलने लगेंगे। वहीं, कावंड़ यात्रा के कारण जहां-तहां फंसे ट्रक और छोटे मालवाहक वाहन भी सोमवार से दोबारा सड़कों पर आ जाएंगे। ऐसे में वाहनों का दबाव बढ़ जाने से शहर के मुख्य मार्गाें के साथ-साथ हाईवे और दिल्ली-मेरठ मार्ग पर भी जाम लग सकता है। एडीसीपी यातायात रामानंद कुशवाहा का कहना है कि जाम से निबटने के लिए संभावित स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
दोपहर तक दौड़े डाक कांवड़िये, शाम को चलीं बसें
गाजियाबाद। रविवार को भी दोपहर तक हाईवे पर डाक कांवड़िये दौड़ते रहे। हालांकि, सुबह से ही दिल्ली मेरठ हाईवे को आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। शाम को रोडवेज बसों का संचालन भी शुरू हो गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। वैसे तो कांवड़ियाें की संख्या में शनिवार की शाम को ही कमी आ गई थी। देर रात तक दोनों तरफ डाक कांवड़ियें की दौड़ते रहे। गाजियाबाद, नोएडा, पूर्वी दिल्ली से डाक कांवड़ लाने वाले वे कांवड़िये जिन्होंने देरी से जल उठाया था, वे दोपहर तक हाईवे पर दौड़ लगाते रहे। करीब डेढ़ बजे तक सभी कांवड़िये शिवालयों में पहुंच गए थे। इसके बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य हो गई।
ऑटो चालकों ने वसूला मनमाना किराया :
रोडवेज बसों का संचालन बंद होने का ऑटो चालकों ने खूब फायदा उठाया। मुरादनगर गाजियाबाद के बीच 20 रुपये किराया निर्धारित था, लेकिन सवारियों से 40 रुपये तक वसूले गए। ऐसे ही मोदीनगर से गाजियाबाद तक 30 की जगह 60 रुपये तक किराया वसूला गया। इसको लेकर कई सवारियों की ऑटो चालकों से कहासुनी भी हुई। दोपहर बाद बसें चलीं तो ऑटो चालकों ने पूर्व निर्धारित किराया वसूलना शुरू किया।
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कांवड़ यात्रा के लिए चार जुलाई की रात से मेरठ रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और जीटी रोड पर भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन कर दिया गया था। इसके चार दिन बाद 8 जुलाई की रात से छोटे वाहनों का भी रूट डायवर्ट कर दिया गया था। शहर में एक लेन पर दुपहिया वाहन का आवागमन किया जा रहा था। रूट डायवर्जन के दौरान मेरठ जाने वाले वाहनों को वाया हापुड़ या अन्य वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा था। शनिवार रात तक अधिकांश कांवड़ियां अपने गंतव्य तक पहुंच चुके थे, रविवार दोपहर तक मेरठ रोड पर इक्का-दुक्का कांवड़ियों का आवागमन चलता रहा। इसकी वजह से दोपहर तक वाहनों का आवागमन पहले की तरह प्रतिबंधित रहा। दोपहर करीब तीन बजे के बाद मेरठ रोड की दोनों लेन को वाहनों के लिए खोल दिया गया था। एडीसीपी रामानंद कुशवाहा का कहना है कि भारी वाहनों का संचालन शुरू करने पर अभी मेरठ, हापुड़, मुरादाबाद से हरी झंडी नहीं मिली है। इन जिलों से सहमति मिलने के बाद ही गाजियाबाद से इन जिलों की ओर जाने वाले मार्गाें पर भारी वाहनों को जाने की अनुमति दी जाएगी। उनका कहना है कि उम्मीद है कि सोमवार को भारी वाहनों का संचालन भी शुरू हो जाएगा। हालांकि डायवर्जन प्लान 18 जुलाई तक के लिए बनाया गया है।
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मोदीनगर तक चले भारी वाहन, मेरठ की ओर नहीं जा सके
रविवार दोपहर बाद मेरठ रोड पर गाजियाबाद जिले की सीमा में एक भी कांवड़ियां नहीं रहा। मोदीनगर और मुरादनगर पुलिस से रिपोर्ट लेने के बाद दोपहर को मोदीनगर तक भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू कर दिया गया। इसके बाद रोडवेज बसें और ट्रक भी मोदीनगर तक चलने लगे थे। हालांकि मोदीनगर से आगे इन्हें नहीं जाने दिया गया।
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सप्ताह का पहला कार्यदिवस आज, लग सकता है जाम
कांवड़ यात्रा का समापन रविवार को हुआ है। ऐसे में सोमवार से नौकरीपेशा लोग अपनी ड्यूटी पर पहुंचेंगे। जो लोग डायवर्जन के कारण दुपहिया वाहन से चल रहे थे, वह भी सोमवार से दोबारा कार से चलने लगेंगे। वहीं, कावंड़ यात्रा के कारण जहां-तहां फंसे ट्रक और छोटे मालवाहक वाहन भी सोमवार से दोबारा सड़कों पर आ जाएंगे। ऐसे में वाहनों का दबाव बढ़ जाने से शहर के मुख्य मार्गाें के साथ-साथ हाईवे और दिल्ली-मेरठ मार्ग पर भी जाम लग सकता है। एडीसीपी यातायात रामानंद कुशवाहा का कहना है कि जाम से निबटने के लिए संभावित स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
दोपहर तक दौड़े डाक कांवड़िये, शाम को चलीं बसें
गाजियाबाद। रविवार को भी दोपहर तक हाईवे पर डाक कांवड़िये दौड़ते रहे। हालांकि, सुबह से ही दिल्ली मेरठ हाईवे को आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। शाम को रोडवेज बसों का संचालन भी शुरू हो गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। वैसे तो कांवड़ियाें की संख्या में शनिवार की शाम को ही कमी आ गई थी। देर रात तक दोनों तरफ डाक कांवड़ियें की दौड़ते रहे। गाजियाबाद, नोएडा, पूर्वी दिल्ली से डाक कांवड़ लाने वाले वे कांवड़िये जिन्होंने देरी से जल उठाया था, वे दोपहर तक हाईवे पर दौड़ लगाते रहे। करीब डेढ़ बजे तक सभी कांवड़िये शिवालयों में पहुंच गए थे। इसके बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य हो गई।
ऑटो चालकों ने वसूला मनमाना किराया :
रोडवेज बसों का संचालन बंद होने का ऑटो चालकों ने खूब फायदा उठाया। मुरादनगर गाजियाबाद के बीच 20 रुपये किराया निर्धारित था, लेकिन सवारियों से 40 रुपये तक वसूले गए। ऐसे ही मोदीनगर से गाजियाबाद तक 30 की जगह 60 रुपये तक किराया वसूला गया। इसको लेकर कई सवारियों की ऑटो चालकों से कहासुनी भी हुई। दोपहर बाद बसें चलीं तो ऑटो चालकों ने पूर्व निर्धारित किराया वसूलना शुरू किया।