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Ghaziabad News: 184 करोड़ से सुधरेंगी शहर के औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कें
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गाजियाबाद। नगर निगम की सीमा क्षेत्र में 184 करोड़ रुपये से औद्योगिक क्षेत्रों की टूटी सड़कों को संवारा जाएगा। नगर निगम के निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने औद्योगिक क्षेत्रों की सबसे ज्यादा टूटी सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर शासन को भेजी है। औद्योगिक क्षेत्रों की बड़ी सड़कों के साथ-साथ नाला निर्माण के लिए निगम अधिकारियों ने पीएम गति शक्ति योजना में सरकार से फंड मांगा है। उम्मीद है कि जल्द ही इस परियोजना के लिए फंड मिल सकता है।
सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर विशेष ध्यान केंद्रित कर उद्यमियों और निवेशकों को हर सुविधा देने का प्रयास कर रही है। इसी के तहत अब गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों को संवारने की कवायद शुरू की गई है। नगर निगम के निर्माण विभाग ने करीब एक साल पहले औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों और जल निकासी के लिए 130 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी थी। इसमें से पहली किस्त के रूप में नगर निगम को 15 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। अब नगर निगम ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत फंड मांगा है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी का कहना है कि शहर के सभी औद्योगिक क्षेत्र की टूटी सड़कों के पुनर्निर्माण और नाले बनाने के लिए सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। उनका कहना है कि इस डीपीआर में 25 सड़कों समेत कुल 37 विकास कार्याें को शामिल किया गया है। उम्मीद है कि इस मद में जल्द ही नगर निगम को फंड मिल सकता है। फंड मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे।
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इन औद्योगिक क्षेत्रों में होंगे विकास कार्य
बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र, कविनगर इंडिस्ट्रयल एरिया, लोहा मंडी क्षेत्र, अमृत स्टील कंपाउंड, साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र, हर्षा कंपाउंड, साहिबाबाद साइड-4 औद्योगिक क्षेत्र, राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र।
यूपीसीडा से मिले 9.83 करोड़ रुपये, लोहा मंडी की तीन सड़कें बनेंगी
नगर निगम को पहली बार यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश इंडस्टि्रयल डेवलपमेंट अथॉरिटी) को औद्योगिक क्षेत्र में सड़क निर्माण कराने के लिए फंड मिला है। यूपीसीडा ने करीब 10 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस फंड से नगर निगम ने लोहा मंडी की तीन सड़कों का निर्माण कराने का निर्णय लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता फरीद जैदी का कहना है कि लोहा मंडी की सड़क नंबर-13, 15 और 16 का आरसीसी से निर्माण कराया जाएगा। इन तीनों मार्गाें पर जल निकासी के लिए नाला भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्ड-65 में आने वाली इन तीनों सड़कों के निर्माण के लिए 9.83 करोड़ का एस्टिमेट बनाया गया है। रोड नंबर-13 पर 3.30 करोड़ रुपये, रोड नंबर-15 पर 3.17 करोड़ और रोड नंबर-16 पर 3.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 21 दिन बाद टेंडर खोले जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी कर जल्द ही सड़कों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
ट्रकों का आवागमन सुगम होगा, कारोबार में होगा फायदा
औद्योगिक क्षेत्रों की टूटी सड़कों का मुद्दा उद्योग बंधु की बैठकों में हर महीने उठाया जाता था। इन टूटी सड़कों की वजह से औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चा माल लेकर आने वाले और तैयार माल लेकर जाने वाले ट्रकों का आवागमन मुश्किल हो गया है। उद्यमियों की ओर से उठाए जाने वाला यह मुद्दा डीएम और शासन तक भी पहुंचता है। इसके बाद अब नगर निगम ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू की है। लोहामंडी व्यापारियों की एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सड़कों के निर्माण हो जाने से कारोबार में इजाफा होगा। कारोबार करना आसान हो जाएगा।
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सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर विशेष ध्यान केंद्रित कर उद्यमियों और निवेशकों को हर सुविधा देने का प्रयास कर रही है। इसी के तहत अब गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों को संवारने की कवायद शुरू की गई है। नगर निगम के निर्माण विभाग ने करीब एक साल पहले औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों और जल निकासी के लिए 130 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी थी। इसमें से पहली किस्त के रूप में नगर निगम को 15 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। अब नगर निगम ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत फंड मांगा है।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी का कहना है कि शहर के सभी औद्योगिक क्षेत्र की टूटी सड़कों के पुनर्निर्माण और नाले बनाने के लिए सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। उनका कहना है कि इस डीपीआर में 25 सड़कों समेत कुल 37 विकास कार्याें को शामिल किया गया है। उम्मीद है कि इस मद में जल्द ही नगर निगम को फंड मिल सकता है। फंड मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे।
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इन औद्योगिक क्षेत्रों में होंगे विकास कार्य
बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र, कविनगर इंडिस्ट्रयल एरिया, लोहा मंडी क्षेत्र, अमृत स्टील कंपाउंड, साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र, हर्षा कंपाउंड, साहिबाबाद साइड-4 औद्योगिक क्षेत्र, राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र।
यूपीसीडा से मिले 9.83 करोड़ रुपये, लोहा मंडी की तीन सड़कें बनेंगी
नगर निगम को पहली बार यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश इंडस्टि्रयल डेवलपमेंट अथॉरिटी) को औद्योगिक क्षेत्र में सड़क निर्माण कराने के लिए फंड मिला है। यूपीसीडा ने करीब 10 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस फंड से नगर निगम ने लोहा मंडी की तीन सड़कों का निर्माण कराने का निर्णय लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता फरीद जैदी का कहना है कि लोहा मंडी की सड़क नंबर-13, 15 और 16 का आरसीसी से निर्माण कराया जाएगा। इन तीनों मार्गाें पर जल निकासी के लिए नाला भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्ड-65 में आने वाली इन तीनों सड़कों के निर्माण के लिए 9.83 करोड़ का एस्टिमेट बनाया गया है। रोड नंबर-13 पर 3.30 करोड़ रुपये, रोड नंबर-15 पर 3.17 करोड़ और रोड नंबर-16 पर 3.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 21 दिन बाद टेंडर खोले जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी कर जल्द ही सड़कों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
ट्रकों का आवागमन सुगम होगा, कारोबार में होगा फायदा
औद्योगिक क्षेत्रों की टूटी सड़कों का मुद्दा उद्योग बंधु की बैठकों में हर महीने उठाया जाता था। इन टूटी सड़कों की वजह से औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चा माल लेकर आने वाले और तैयार माल लेकर जाने वाले ट्रकों का आवागमन मुश्किल हो गया है। उद्यमियों की ओर से उठाए जाने वाला यह मुद्दा डीएम और शासन तक भी पहुंचता है। इसके बाद अब नगर निगम ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू की है। लोहामंडी व्यापारियों की एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सड़कों के निर्माण हो जाने से कारोबार में इजाफा होगा। कारोबार करना आसान हो जाएगा।