{"_id":"6aa9ab101acf44c36c0474f8","slug":"retired-ib-officers-son-still-absconding-police-empty-handed-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-24036-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: रिटायर्ड आईबी अधिकारी का बेटा अब भी फरार, पुलिस के हाथ खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: रिटायर्ड आईबी अधिकारी का बेटा अब भी फरार, पुलिस के हाथ खाली
विज्ञापन
इंदिरापुरम। इंदिरापुरम के आढ़ती से 55 लाख रुपये ठगने के मामले में आईबी के रिटायर्ड डिप्टी ज्वाइंट डायरेक्टर का बेटा अनिकेत उर्फ कबीर सिंह अब भी फरार है। पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक हाथ खाली है। इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि फरार आरोपियों अनिकेत उर्फ कबीर और सलमान की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चौथा आरोपी मयूर विहार फेस-2 निवासी मनोज है, जो रिटायर्ड अधिकारी तक दस्तावेज पहुंचाने का काम करता था। जांच में भूमिका सामने आने पर उसे पकड़ा गया।
एनआईए/सीबीआई नोटिस के नाम पर झांसा
शिकायतकर्ता विकास मित्तल इंदिरापुरम में रहते हैं और दिल्ली में उनकी ए टू जेड नाम से फर्म है। फर्म को एनआईए/सीबीआई से संबंधित नोटिस मिला था। फर्म के मैनेजर योगेश ने अपने परिचित सलमान से इस बारे में बात की। सलमान ने उच्च अधिकारियों से जान-पहचान होने का दावा कर मामला निपटवाने का भरोसा दिलाया और अनिल प्रताप सिंह व अन्य से मिलवाया।
विज्ञापन
आरोपियों ने सेटलमेंट के लिए पहले 15 करोड़ रुपये मांगे, फिर पांच करोड़ में सौदा तय हुआ। इस दौरान उन्होंने पीड़ित से 55 लाख रुपये वसूल लिए। और रकम न देने पर जेल भेजने की धमकी देने लगे। शक होने पर पीड़ित ने एक सितंबर को पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के बाद तीन सितंबर को पुलिस ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हाइनिश सोसायटी निवासी अनिल प्रताप सिंह (64), वसंतकुंज निवासी अंकित द्विवेदी और पीतमपुरा निवासी सिद्धार्थ जैन को गिरफ्तार किया था। खुद को डिप्टी ज्वाइंट डायरेक्टर बताने वाले अनिल, उसका बेटा अनिकेत, सिद्धार्थ, सलमान और अंकित ने मिलकर ठगी की साजिश रची थी।
विज्ञापन
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि फरार आरोपियों अनिकेत उर्फ कबीर और सलमान की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चौथा आरोपी मयूर विहार फेस-2 निवासी मनोज है, जो रिटायर्ड अधिकारी तक दस्तावेज पहुंचाने का काम करता था। जांच में भूमिका सामने आने पर उसे पकड़ा गया।
विज्ञापन
एनआईए/सीबीआई नोटिस के नाम पर झांसा
शिकायतकर्ता विकास मित्तल इंदिरापुरम में रहते हैं और दिल्ली में उनकी ए टू जेड नाम से फर्म है। फर्म को एनआईए/सीबीआई से संबंधित नोटिस मिला था। फर्म के मैनेजर योगेश ने अपने परिचित सलमान से इस बारे में बात की। सलमान ने उच्च अधिकारियों से जान-पहचान होने का दावा कर मामला निपटवाने का भरोसा दिलाया और अनिल प्रताप सिंह व अन्य से मिलवाया।
विज्ञापन
आरोपियों ने सेटलमेंट के लिए पहले 15 करोड़ रुपये मांगे, फिर पांच करोड़ में सौदा तय हुआ। इस दौरान उन्होंने पीड़ित से 55 लाख रुपये वसूल लिए। और रकम न देने पर जेल भेजने की धमकी देने लगे। शक होने पर पीड़ित ने एक सितंबर को पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के बाद तीन सितंबर को पुलिस ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हाइनिश सोसायटी निवासी अनिल प्रताप सिंह (64), वसंतकुंज निवासी अंकित द्विवेदी और पीतमपुरा निवासी सिद्धार्थ जैन को गिरफ्तार किया था। खुद को डिप्टी ज्वाइंट डायरेक्टर बताने वाले अनिल, उसका बेटा अनिकेत, सिद्धार्थ, सलमान और अंकित ने मिलकर ठगी की साजिश रची थी।