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Ghaziabad News: मियाद खत्म होने पर 56,238 वाहनों का पंजीकरण किया रद्द
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गाजियाबाद। डीजल के 10 व पेट्रोल के 15 साल की अवधि पूरी कर चुके 56,238 वाहनों का पंजीकरण एआरटीओ कार्यालय ने रद्द कर दिया। अब पंजीकरण रद्द होने वाले वाहनों की संख्या बढ़कर कुल 2,94,670 हो गई है। जबकि, अभी तक मात्र 577 वाहनों को ही लोगों ने स्क्रैप कराया है। इसमें भी 90 फीसदी वाहन दोपहिया हैं।
बार- बार नोटिस देने के बाद भी लोग अपने वाहनों को स्क्रैप कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं और विभागीय लापरवाही की वजह से इनमें अधिकांश वाहन खुलेआम सड़कों पर भी दौड़ रहे हैं। इसमें पिछले एक साल में करीब 2500 वाहनों की लोगों ने गैर जिलों के लिए अनापत्ति जारी कराकर उनका पंजीकरण वहां करा लिया है। ये वाहन भी जिले में ही घूम रहे हैं। इस बारे में एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सेंटर पर ही मियाद खत्म होने वाले वाहनों को स्क्रैप कराना जरूरी है। यहां से वाहन स्वामी को एक प्रमाणपत्र भी मिलता है, जिसे दिखाने पर नए वाहन की खरीद पर तमाम तरह की छूट मिलती हैं। इसके अलावा मियाद खत्म हुए वाहन को लेकर सड़क पर चलना दंडनीय अपराध है। ऐसे वाहन स्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता का अभाव या सस्ती खरीदारी :
जिले में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सरल ऑटो स्क्रैप सेंटर पिछले करीब एक साल से संचालित हैं। लेकिन जागरूकता के अभाव की वजह से लोग यहां अपने वाहनों को स्क्रैप कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बिसोखर के मनीष चौधरी ने बताया कि वह अपनी बाइक को बेचने के लिए स्क्रैप सेंटर पर गए तो वहां उसकी कीमत तीन हजार लगाई, जबकि बाहर स्क्रैप व्यापारी ने बाइक को पांच हजार रुपये में खरीद लिया।
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जिले में वाहनों की स्थिति :
गाजियाबाद में कुल पंजीकृत वाहन-7,80,000
दोपहिया वाहनों की संख्या-5,38,000
कार व अन्य-2,25,000
भारी वाहन-17,000
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बार- बार नोटिस देने के बाद भी लोग अपने वाहनों को स्क्रैप कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं और विभागीय लापरवाही की वजह से इनमें अधिकांश वाहन खुलेआम सड़कों पर भी दौड़ रहे हैं। इसमें पिछले एक साल में करीब 2500 वाहनों की लोगों ने गैर जिलों के लिए अनापत्ति जारी कराकर उनका पंजीकरण वहां करा लिया है। ये वाहन भी जिले में ही घूम रहे हैं। इस बारे में एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सेंटर पर ही मियाद खत्म होने वाले वाहनों को स्क्रैप कराना जरूरी है। यहां से वाहन स्वामी को एक प्रमाणपत्र भी मिलता है, जिसे दिखाने पर नए वाहन की खरीद पर तमाम तरह की छूट मिलती हैं। इसके अलावा मियाद खत्म हुए वाहन को लेकर सड़क पर चलना दंडनीय अपराध है। ऐसे वाहन स्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जागरूकता का अभाव या सस्ती खरीदारी :
जिले में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सरल ऑटो स्क्रैप सेंटर पिछले करीब एक साल से संचालित हैं। लेकिन जागरूकता के अभाव की वजह से लोग यहां अपने वाहनों को स्क्रैप कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बिसोखर के मनीष चौधरी ने बताया कि वह अपनी बाइक को बेचने के लिए स्क्रैप सेंटर पर गए तो वहां उसकी कीमत तीन हजार लगाई, जबकि बाहर स्क्रैप व्यापारी ने बाइक को पांच हजार रुपये में खरीद लिया।
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जिले में वाहनों की स्थिति :
गाजियाबाद में कुल पंजीकृत वाहन-7,80,000
दोपहिया वाहनों की संख्या-5,38,000
कार व अन्य-2,25,000
भारी वाहन-17,000