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Ghaziabad News: आईटीसी में धांधलेबाजी तो नहीं हुई, इसका पता लगाने को दोबारा से होगा सत्यापन
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गाजियाबाद। सीबीआई की ओर से रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए इंस्पेक्टर बीपी सिंह की ओर से की गई फर्म संबंधी जांचों का दोबारा से सत्यापन किया जाएगा। इस सत्यापन कार्य के माध्यम से निरीक्षक की ओर से की गई धांधलेबाजी भी सामने आ सकती है। इससे पूर्व में जीएसटी के अधिकारियों के पास भी रिश्वत मांगने की निरीक्षक के खिलाफ तीन बार शिकायतें की गई थीं।
गत बुधवार शाम को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई की टीम ने सीजीएसटी में तैनात निरीक्षक को उसकी कार में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद निरीक्षक ने भागने की कोशिश की थी। लेकिन टीम ने उसे दो किमी दूर पकड़ लिया था। निरीक्षक की ओर से अब तक 20 से अधिक जांचें गाजियाबाद में की गई हैं। इन सभी जांच संबंधी दस्तावेजों को लेखागार से मंगाकर जब्त कर लिया गया है। सीजीएसटी के उपायुक्त ने बताया कि सभी जांच संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन फिर से करने के लिए जब्त कर लिया गया है। इससे पूर्व में भी इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायत आई हैं। निरीक्षक की ओर से फर्मों की जांच में या आईटीसी में गड़बड़ियां तो नहीं की गई हैं, इसे पता लगाने के लिए किया जा रहा है। निरीक्षक करीब एक साल से यहां पर तैनात है। 20 से अधिक फर्मों की जांच में शामिल रहा है। रिश्वत लेने संबंधी अपराध में कार्रवाई सीबीआई अपने स्तर से ही करती है।
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गत बुधवार शाम को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई की टीम ने सीजीएसटी में तैनात निरीक्षक को उसकी कार में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद निरीक्षक ने भागने की कोशिश की थी। लेकिन टीम ने उसे दो किमी दूर पकड़ लिया था। निरीक्षक की ओर से अब तक 20 से अधिक जांचें गाजियाबाद में की गई हैं। इन सभी जांच संबंधी दस्तावेजों को लेखागार से मंगाकर जब्त कर लिया गया है। सीजीएसटी के उपायुक्त ने बताया कि सभी जांच संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन फिर से करने के लिए जब्त कर लिया गया है। इससे पूर्व में भी इंस्पेक्टर के खिलाफ शिकायत आई हैं। निरीक्षक की ओर से फर्मों की जांच में या आईटीसी में गड़बड़ियां तो नहीं की गई हैं, इसे पता लगाने के लिए किया जा रहा है। निरीक्षक करीब एक साल से यहां पर तैनात है। 20 से अधिक फर्मों की जांच में शामिल रहा है। रिश्वत लेने संबंधी अपराध में कार्रवाई सीबीआई अपने स्तर से ही करती है।
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