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गन्ना मूल्य में नहीं आरसी से प्राप्त रुपयों से दिया जाए ब्याज
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:55 AM IST
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sugar cane
- फोटो : amar ujala
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गन्ना पेराई सत्र 2013-14 के अंतर्गत मोदी चीनी मिल के विरुद्घ आरसी जारी कर वसूली गई धनराशि को गन्ना आयुक्त ने वर्तमान बकाया गन्ना मूल्य में किसानों का भुगतान करने के निर्देश दिए है। जिसका रालोद नेताओं ने विरोध किया है। नेताओं का कहना है कि यह किसान विरोधी निर्णय है।
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आरसी जारी कर वसूले गए एक करोड़ 27 लाख रुपयों का भुगतान किसानों को ब्याज की देनदारी के रूप में दिया जाए। इस मुद्दे को रालोद विधायक ने विधानसभा में भी उठाने की बात कही है।
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बता दें कि 2013-14 गन्ना पेराई सत्र का भुगतान नहीं करने पर मोदी शुगर मिल के विरुद्घ आरसी जारी हुई थी।
इसके तहत शीरे की बिक्री से करीब एक करोड़ 27 लाख रुपये की धनराशि तहसील प्रशासन को प्राप्त हुई थी। इसके चलते 20 जुलाई को गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी ने जिला गन्ना अधिकारी को पत्र लिखकर प्राप्त धनराशि से वर्तमान गन्ना बकाया का भुगतान करने के निर्देश दिए है। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2012-13 और 2013-14 का ब्याज माफ करने की घोषणा की है। जिसके विरुद्घ उच्च न्यायालय इलाहाबाद में वाद लंबित है।
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इसीलिए जब तक उक्त वाद का निस्तारण नहीं हो जाता है तब तक आरसी जारी के दौरान प्राप्त धनराशि से पेराई सत्र 2015-16 के बकाया गन्ना मूल्य के मद में किसानों को भुगतान कर दिया जाएं। इसके विरोध में शुक्रवार को रालोद नेताओं की बुदाना गांव में हरपाल सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई।
जिसमें विधायक सुदेश शर्मा ने कहा कि सपा सरकार किसान विरोधी है। प्राप्त धनराशि से वर्तमान गन्ना मूल्य में नहीं बल्कि किसानों के बकाया ब्याज में किया जाएं। ऐसा नहीं होने पर वह विधानसभा में मामले को उठाएंगे और आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। बैठक का संचालन देवेंद्र सिंह ने किया। सतेंद्र तोमर, बिट्टू खंजरपुर, अरूण दहिया, महावीर सिंह, रामभरोसे लाल मौर्य, तेजबीर सिंह, इंद्रपाल सिंह, चांदवीर सिंह, चांदवीर सिंह आदि मौजूद रहे।