{"_id":"5802871b4f1c1bc67b2917c5","slug":"rajnagar-hotel-and-went-to-the-shop-bulldozer","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनगर में होटल और दुकान पर चला बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनगर में होटल और दुकान पर चला बुलडोजर
ब्यूरो अमर उजाला/ गाजियाबाद
Updated Sun, 16 Oct 2016 01:16 AM IST
विज्ञापन
जीडीए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीडीए ने राजनगर सेक्टर 10 स्थित एक होटल और एक हौजरी की दुकान को अवैध निर्माण के आरोप में ढहा दिया। शनिवार को जीडीए ने यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की। इस मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
जीडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि 2007 में सेक्टर 10 डी-टू स्थित डूप्लेक्स मकान के मालिक दिनेश चंद्र जैन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर होटल को अवैध निर्माण बताकर कार्रवाई की मांग की थी। यह होटल इस मकान से सटा है।
इस पर हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। 2009 में जीडीए ने होटल को सील कर दिया था। इस पर होटल मालिक गंभीर सिंह यादव भी हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर सील हटा लिया गया था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जैन द्वारा अवमानना की याचिका दायर करने के बाद होटल को ढहाने की कार्रवाई की गई। दरअसल, इस मामले में हाईकोर्ट ने सात नवंबर को शपथपत्र के साथ जीडीए वीसी को तलब किया है।
उधर, होटल मालिक गंभीर सिंह यादव का कहना है कि जून में जीडीए से नोटिस मिला था, जिसके जवाब में यह बताया गया था कि उन्होंने पांच साल पहले सिविल कोर्ट से स्टे आर्डर ले रखा है।
उन्होंने बताया कि दो सौ गज की दूरी में होटल व दुकान को ढहाने से उन्हें करीब सात लाख का नुकसान पहुंचा है। उन्हाेंने कहा कि वे न्याय के लिए फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
विज्ञापन
जीडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि 2007 में सेक्टर 10 डी-टू स्थित डूप्लेक्स मकान के मालिक दिनेश चंद्र जैन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर होटल को अवैध निर्माण बताकर कार्रवाई की मांग की थी। यह होटल इस मकान से सटा है।
विज्ञापन
इस पर हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। 2009 में जीडीए ने होटल को सील कर दिया था। इस पर होटल मालिक गंभीर सिंह यादव भी हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर सील हटा लिया गया था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जैन द्वारा अवमानना की याचिका दायर करने के बाद होटल को ढहाने की कार्रवाई की गई। दरअसल, इस मामले में हाईकोर्ट ने सात नवंबर को शपथपत्र के साथ जीडीए वीसी को तलब किया है।
उधर, होटल मालिक गंभीर सिंह यादव का कहना है कि जून में जीडीए से नोटिस मिला था, जिसके जवाब में यह बताया गया था कि उन्होंने पांच साल पहले सिविल कोर्ट से स्टे आर्डर ले रखा है।
उन्होंने बताया कि दो सौ गज की दूरी में होटल व दुकान को ढहाने से उन्हें करीब सात लाख का नुकसान पहुंचा है। उन्हाेंने कहा कि वे न्याय के लिए फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।