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Ghaziabad News: पुलिस ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले की दोबारा जांच शुरू की
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मोदीनगर। कस्बा नगर पंचायत निवाड़ी कार्यालय से जारी किए गए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के मामले में पुलिस ने आठ माह बाद दोबारा जांच शुरू कर दी है। नगर पंचायत ने 35 साल पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए रामअवतार का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था। मामला मीडिया में उछलने के बाद पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज की थी। मगर कुछ ही समय बाद जांच ठंडे बस्ते में चली गई। इसको लेकर पुलिस पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे थे।
कस्बा निवाड़ी निवासी रामअवतार लगभग 35 साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। रामअवतार के नाम पर करीब बीस बीघा कृषि भूमि है। नगर पंचायत निवाड़ी कार्यालय में सोनू त्यागी ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। वार्ड-एक के सभासद अख्तर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए संस्तुति की थी। लोगों को जानकारी लगी तो उन्होंने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी से की।
बीते वर्ष दिसंबर में नगर पंचायत निवाड़ी के अधिशासी अधिकारी ने मृत्यु प्रमाण पत्र को निरस्त कर सोनू त्यागी निवासी गाजियाबाद और सभासद अख्तर, भीष्म, शेखर त्यागी निवासी कस्बा निवाड़ी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब दोबारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि मोहन नगर स्थित मोर्चरी का तीन साल के लावारिस शवों के रिकार्ड की भी जांच की जाएगी। दोबारा जांच शुरू होने से फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियाें के होश उड़े हुए हैं। एसीपी मोदीनगर का कहना है कि मामला गंभीर है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
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कस्बा निवाड़ी निवासी रामअवतार लगभग 35 साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। रामअवतार के नाम पर करीब बीस बीघा कृषि भूमि है। नगर पंचायत निवाड़ी कार्यालय में सोनू त्यागी ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। वार्ड-एक के सभासद अख्तर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए संस्तुति की थी। लोगों को जानकारी लगी तो उन्होंने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी से की।
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बीते वर्ष दिसंबर में नगर पंचायत निवाड़ी के अधिशासी अधिकारी ने मृत्यु प्रमाण पत्र को निरस्त कर सोनू त्यागी निवासी गाजियाबाद और सभासद अख्तर, भीष्म, शेखर त्यागी निवासी कस्बा निवाड़ी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब दोबारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि मोहन नगर स्थित मोर्चरी का तीन साल के लावारिस शवों के रिकार्ड की भी जांच की जाएगी। दोबारा जांच शुरू होने से फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियाें के होश उड़े हुए हैं। एसीपी मोदीनगर का कहना है कि मामला गंभीर है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
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