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Ghaziabad News: पुलिस की जांच पूरी, प्राचार्य समेत छह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
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गाजियाबाद। एमएमएच कॉलेज के लेखाकार अनुज उपाध्याय पर 15 जुलाई को हुए हमले के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। पुलिस ने मामले में कॉलेज के प्राचार्य पीयूष चौहान, कर्मचारी रविंद्र व सोनवीर समेत हमला करने वाले तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। पुलिस की जांच में आया कि प्राचार्य पीयूष चौहान ने षड़यंत्र रचकर कर्मचारी रविंद्र व सोनवीर के साथ मिलकर अनुज उपाध्याय पर हमला कराया था। आरोप पत्र में पुलिस ने प्राचार्य समेत छह लोगों को आरोपी बनाया है।
मामले में पुलिस ने 26 जुलाई को हमला करने वाले विनीत, नदीम और रोजू को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में तीनों ने हमला कराने वालों के नाम खोल दिए। उन्होंने बताया था कि वारदात से करीब 10-15 दिन पहले सोनू नाम के व्यक्ति के माध्यम से रविंद्र ने उनसे संपर्क किया था। रविंद्र कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसने अनुज उपाध्याय की जानकारी देकर उसके पैर तोड़ने के बारे में बताया और बदले में रुपये मिलने की बात बताई। उसने बताया कि रविंद्र ने कॉलेज प्राचार्य पीयूष चौहान से मिलवाया। जिन्होंने उनसे पूछा था कि तुम घुटने तोड़ लोगे। पहले ये काम किए हो क्या। हामी भरने के बाद 25 हजार रुपये देने की बात कही। उसी समय उन्होंने 10 हजार रुपये भी उन्हें दिए। इसके बाद उन्होंने मौका देखकर 15 जुलाई को अनुज पर हमला कर दिया और उसके पैर पर कई वार किए। इसके बाद पुलिस की जांच प्राचार्य व अन्य लोगों की ओर बढ़ी तो पूरी घटना से पर्दा उठ गया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर प्राचार्य पीयूष चौहान, कर्मचारी रविंद्र व सोनवीर, हमला करने वाले विनीत, नदीम और रोजू को आरोप पत्र में आरोपी बनाकर कोर्ट में दाखिल कर दिया। डीसीपी नगर राजेश कुमार ने बताया कि मामले में सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य आरोप पत्र में विवेचक ने शामिल किए हैं। आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
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मामले में पुलिस ने 26 जुलाई को हमला करने वाले विनीत, नदीम और रोजू को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में तीनों ने हमला कराने वालों के नाम खोल दिए। उन्होंने बताया था कि वारदात से करीब 10-15 दिन पहले सोनू नाम के व्यक्ति के माध्यम से रविंद्र ने उनसे संपर्क किया था। रविंद्र कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसने अनुज उपाध्याय की जानकारी देकर उसके पैर तोड़ने के बारे में बताया और बदले में रुपये मिलने की बात बताई। उसने बताया कि रविंद्र ने कॉलेज प्राचार्य पीयूष चौहान से मिलवाया। जिन्होंने उनसे पूछा था कि तुम घुटने तोड़ लोगे। पहले ये काम किए हो क्या। हामी भरने के बाद 25 हजार रुपये देने की बात कही। उसी समय उन्होंने 10 हजार रुपये भी उन्हें दिए। इसके बाद उन्होंने मौका देखकर 15 जुलाई को अनुज पर हमला कर दिया और उसके पैर पर कई वार किए। इसके बाद पुलिस की जांच प्राचार्य व अन्य लोगों की ओर बढ़ी तो पूरी घटना से पर्दा उठ गया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर प्राचार्य पीयूष चौहान, कर्मचारी रविंद्र व सोनवीर, हमला करने वाले विनीत, नदीम और रोजू को आरोप पत्र में आरोपी बनाकर कोर्ट में दाखिल कर दिया। डीसीपी नगर राजेश कुमार ने बताया कि मामले में सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य आरोप पत्र में विवेचक ने शामिल किए हैं। आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
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