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ऐतिहासिक पहचान दिलाएगी स्मार्ट सिटी की लिस्ट में स्थान
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:44 PM IST
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स्मार्ट सिटी
- फोटो : डेमो फोटो
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दो बार स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हो चुके गाजियाबाद को स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल कराने का तीसरा प्रयास शुरू किया गया है। इस बार शहर की ऐतिहासिक पहचान उसे स्मार्ट सिटी की लिस्ट में स्थान दिला सकती है। कंसलटेंट फर्म चयनित होने के बाद अब नगर निगम अधिकारी और महापौर एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए घंटाघर के आसपास का क्षेत्र चुनने की प्लानिंग कर रहे हैं।
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दरअसल, स्मार्ट सिटी के पहले और दूसरे चरण में ऐसे स्थानों को तवज्जो दी गई है, जिनकी ऐतिहासिक पहचान है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर जैसे यूपी के भी कई शहर स्मार्ट सिटी की लिस्ट में जगह बना चुके हैं।
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गाजियाबाद की ओर से तैयार किए गए स्मार्ट सिटी प्रपोजल में एतिहासिक पहचान रखने वाले क्षेत्र को दरकिनार कर दिया गया। पहले चरण में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए नंदग्राम, हिंडन विहार के क्षेत्र को चुना गया तो दूसरी बार में दिल्ली बार्डर से सटा कौशांबी और ब्रिज विहार का एरिया चयनित कर लिया गया।
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दूसरे चरण का परिणाम घोषित होने के बाद विफल रहे गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों ने कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट को बुलाकर फेल होने के कारणों की समीक्षा की थी। इसमें सबसे बड़ा कारण शहर की ऐतिहासिक पहचान नहीं होना बताया गया था।
ऐसे में इस बार निगम अधिकारी स्मार्ट सिटी प्रपोजल में घंटाघर, अंग्रेजी शासन काल के रेलवे स्टेशन के आसपास का एरिया डेवलपमेंट के लिए चयनित करने की प्लानिंग कर रहे हैं। करीब 10 दिन पूर्व महापौर अशु वर्मा ने घंटाघर और चार गेटों के बीच के बाजारों का दौरा भी किया था।
कंसलटेंट फर्म का नाम शासन से तय हो चुका है। केपीएमजी नाम की फर्म को ही दोबारा स्मार्ट सिटी प्रपोजल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में घंटाघर व आसपास के क्षेत्र को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। - संजय सिंह चौहान, सहायक नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी मिशन
स्मार्ट सिटी में स्थान न मिलने के कारणों की समीक्षा की गई थी। इसमें सामने आए कारणों को इस बार दूर किया जाएगा। एतिहासिक पहचान वाले घंटाघर को स्मार्ट सिटी प्रपोजल में शामिल किया जाएगा। जल्द ही निगम अधिकारियों और कंसलटेंट एक्सपर्ट्स के साथ बैठक कर खाका तैयार किया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर
गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने पर हुई चर्चा
गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बुधवार को ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नोडल अफसर संजय चौहान के साथ बैठक हुई। गाजियाबाद में हुई बैठक में फेडरेशन के उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने प्रोजेक्ट में हो रही देरी के बारे में सवाल किए
जिस पर नोडल अफसर ने बताया कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई है। एक दो दिन में सूचना वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। वहीं पब्लिक की भूमिका के बारे में कंसल्टेंट ने सुझाव दिया कि अक्सर पब्लिक सुझाव में सड़क, नाली, सीवर आदि की ही शिकायत करती है,
जबकि स्मार्ट सिटी का उद्देश्य है एक थीम आधारित शहर की परिकल्पना है। ऐसे में प्रदूषण को रोकने के उपाय संबंधित सुझाव लोग भेज सकते हैं या शहर की ऐतिहासिक छवि को ध्यान में रखते हुए उससे जुडे़ सुझाव दे सकते हैं।
कंसल्टेंट ने बताया जल्दी ही एक थीम निर्धारित की जाएगी उसी थीम को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, थीम को ध्यान में रखते हुए लोग सुझाव भेज सकेंगे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कंसलटेंट उमाशंकर पांडेय, नोडल अफसर संजय चौहान, ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा मौजूद रहे।