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Ghaziabad News: ऑपरेशन के लिए ऑर्थोपेडिक उपकरण बाहर से खरीद सकेंगे मरीज
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गाजियाबाद। संयुक्त जिला अस्पताल में मरीज अब खुद ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट खरीद सकेंगे। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में सूचना जारी की है। हड्डी रोग से ग्रसित मरीज ऑपरेशन के लिए खुद इम्प्लांट बाहर से खरीद सकते हैं, जिससे ऑपरेशन में आसानी होगी।
संयुक्त जिला अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन के साथ आंख और हड्डी रोग से संबंधित उपचार व ऑपरेशन किए जाते हैं। सरकारी अस्पतालों में हड्डी टूटने पर लगने वाले उपकरण (ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट) उपलब्ध नहीं हैं। हड्डियों को जोड़ने के लिए धातु या टाइटेनियम से बने विशेष उपकरण लगाए जाते हैं। इम्प्लांट उपलब्ध न होने से गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। वहीं कई बार मरीज की सहमति से बाहर से उपकरण मंगवाकर ऑपरेशन किए जाते हैं।
कुछ दिन पहले अस्पताल के चिकित्सकों पर पैसे लेकर ऑपरेशन करने का आरोप लगने के बाद उपकरण खरीदकर लगाने की प्रक्रिया बंद हो गई थी। अब निर्णय लिया गया है कि ऑपरेशन के लिए मरीज या परिजन खुद उपकरण खरीदकर दे सकते हैं।
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अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि उपकरण अस्पताल की तरफ से उपलब्ध कराने या खरीदने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में विशेषज्ञ की संस्तुति के बाद रोगी खुद उपकरण खरीदकर दे सकते हैं, जिसकी रसीद जमा करानी होगी। इससे किसी प्रकार का विवाद या आरोप नहीं लगेंगे।
जांच के बाद बंद हुई थी प्रक्रिया
सितंबर में उत्तर प्रदेश विधानसभा की सरकारी आश्वासन संबंधी समिति ने संयुक्त जिला अस्पताल का दौरा किया था। उस दौरान भर्ती मरीजों ने एक डॉक्टर पर रुपये लेकर ऑपरेशन करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह प्रक्रिया बंद कर दी गई थी।
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संयुक्त जिला अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन के साथ आंख और हड्डी रोग से संबंधित उपचार व ऑपरेशन किए जाते हैं। सरकारी अस्पतालों में हड्डी टूटने पर लगने वाले उपकरण (ऑर्थोपेडिक इम्प्लांट) उपलब्ध नहीं हैं। हड्डियों को जोड़ने के लिए धातु या टाइटेनियम से बने विशेष उपकरण लगाए जाते हैं। इम्प्लांट उपलब्ध न होने से गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। वहीं कई बार मरीज की सहमति से बाहर से उपकरण मंगवाकर ऑपरेशन किए जाते हैं।
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कुछ दिन पहले अस्पताल के चिकित्सकों पर पैसे लेकर ऑपरेशन करने का आरोप लगने के बाद उपकरण खरीदकर लगाने की प्रक्रिया बंद हो गई थी। अब निर्णय लिया गया है कि ऑपरेशन के लिए मरीज या परिजन खुद उपकरण खरीदकर दे सकते हैं।
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अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि उपकरण अस्पताल की तरफ से उपलब्ध कराने या खरीदने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में विशेषज्ञ की संस्तुति के बाद रोगी खुद उपकरण खरीदकर दे सकते हैं, जिसकी रसीद जमा करानी होगी। इससे किसी प्रकार का विवाद या आरोप नहीं लगेंगे।
जांच के बाद बंद हुई थी प्रक्रिया
सितंबर में उत्तर प्रदेश विधानसभा की सरकारी आश्वासन संबंधी समिति ने संयुक्त जिला अस्पताल का दौरा किया था। उस दौरान भर्ती मरीजों ने एक डॉक्टर पर रुपये लेकर ऑपरेशन करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह प्रक्रिया बंद कर दी गई थी।